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Hardoi News: सात साल से चल रही थी रार, समझौते से निस्तारण
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फोटो-32-सतौथा में आयोजित ग्राम न्यायालय में वाद निस्तारित करते न्यायाधिकारी संदीप मणि त्रिपाठी। स्रोत आयोजक
- सचल न्यायालय पहुंचा सतौथा गांव, भूमि विवाद के 20 मामले निस्तारित
संवाद न्यूज एजेंसी
हरपालपुर। सचल न्यायालय यानी मोबाइल कोर्ट का आयोजन शुक्रवार को विकास खंड के सतौथा गांव में हुआ। न्यायालय की अध्यक्षता सवायजपुर ग्राम न्यायालय के न्याय अधिकारी संदीप मणि त्रिपाठी ने की। इस दौरान कोर्ट में सात साल से चल रहे दो मामलों में पक्षों के बीच समझौता कराकर निस्तारण किया गया।
इस दौरान फौजदारी और भूमि विवादों से संबंधित बीस मामलों का निस्तारण समझौते के आधार पर मौके पर ही कर दिया गया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की। इस मौके पर अधिवक्ता उदयराज सिंह, मनोज पांडेय, ब्रजबल्लभ, राजीव सिंह, अंकुश कुमार, उपेंद्र शर्मा, न्यायालय के पेशकार अरुण कुमार भी मौजूद रहे।
खाराकुआं निवासी श्यामजी ने तीन अक्तूबर 2017 को निषेधाज्ञा का दावा दायर किया था। इसमें कहा था कि उसके मकान के पास से एक गलियारा निकलता है। गांव में रहने वाले राजेंद्र, रिषीकांत और संजय सगे भाई हैं। तीनों उक्त गलियारे को कब्जा करना चाहते हैं। रोके जाने की मांग वाद में की गई थी।
इसी तरह घोड़ीथर निवासी मोहन ने चार अप्रैल 2017 को दावा दायर किया था। इसमें बताया था कि उसके भूखंड संख्या 337 में निजी रास्ता है। पड़ोस में ही उसका मकान है। उक्त रास्ते को उक्त रास्ते को गांव ककेही खुशीराम, रामरहीस, सियाराम, शिवकुमार, रामऔतार, जबरन कब्जा करना चाहते थे। वाद दायर कर कब्जे को राेके जाने की मांग की गई थी।
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हरपालपुर। सचल न्यायालय यानी मोबाइल कोर्ट का आयोजन शुक्रवार को विकास खंड के सतौथा गांव में हुआ। न्यायालय की अध्यक्षता सवायजपुर ग्राम न्यायालय के न्याय अधिकारी संदीप मणि त्रिपाठी ने की। इस दौरान कोर्ट में सात साल से चल रहे दो मामलों में पक्षों के बीच समझौता कराकर निस्तारण किया गया।
इस दौरान फौजदारी और भूमि विवादों से संबंधित बीस मामलों का निस्तारण समझौते के आधार पर मौके पर ही कर दिया गया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की। इस मौके पर अधिवक्ता उदयराज सिंह, मनोज पांडेय, ब्रजबल्लभ, राजीव सिंह, अंकुश कुमार, उपेंद्र शर्मा, न्यायालय के पेशकार अरुण कुमार भी मौजूद रहे।
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खाराकुआं निवासी श्यामजी ने तीन अक्तूबर 2017 को निषेधाज्ञा का दावा दायर किया था। इसमें कहा था कि उसके मकान के पास से एक गलियारा निकलता है। गांव में रहने वाले राजेंद्र, रिषीकांत और संजय सगे भाई हैं। तीनों उक्त गलियारे को कब्जा करना चाहते हैं। रोके जाने की मांग वाद में की गई थी।
इसी तरह घोड़ीथर निवासी मोहन ने चार अप्रैल 2017 को दावा दायर किया था। इसमें बताया था कि उसके भूखंड संख्या 337 में निजी रास्ता है। पड़ोस में ही उसका मकान है। उक्त रास्ते को उक्त रास्ते को गांव ककेही खुशीराम, रामरहीस, सियाराम, शिवकुमार, रामऔतार, जबरन कब्जा करना चाहते थे। वाद दायर कर कब्जे को राेके जाने की मांग की गई थी।
