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Hathras News: युवक के पास से मिले थे गोवा व उड़ीसा के आधार कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 30 Apr 2026 01:51 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े गए धर्मेंद्र उर्फ धर्मपाल को कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने जेल भेज दिया था। धर्मेंद्र के पास से कई फर्जी पहचान पत्र, मार्कशीट व अन्य दस्तावेज मिले है। दो दिन चली छानबीन के बाद अब पुलिस को आशंका है कि उसके तार सॉल्वर गैंग से जुड़े हो सकते हैं।
कारण है कि जो पहचान पत्र मिले हैं, उन पर गोवा, उड़ीसा व अरुणाचल प्रदेश का पता डाला है। पुलिस ने इस दिशा में छानबीन में तेज कर दी है। पुलिस ने होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान जालसाजी और दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले एक गिरोह की पोल खोली है।
थाना हाथरस गेट पुलिस ने एक ऐसे परीक्षार्थी को चिह्नित किया है, जो संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने की कोशिश कर रहा था। आरोपी के मोबाइल और कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड और अंकतालिकाएं (मार्कशीट) बरामद हुई हैं।
डेटाबेस मिलान ने खोला राज
पीसी बागला इंटर कॉलेज में 27 अप्रैल को परीक्षा देने आए धर्मपाल सिंह निवासी नगला गोपाल, जलेसर (एटा) के विवरण का जब डेटाबेस से मिलान किया गया, तो प्रधानाचार्य और पुलिस चौंक गए। धर्मपाल के आधार नंबर और विवरणों का मिलान करने पर सिस्टम में एक अन्य नाम अरविंद कुमार प्रदर्शित होने लगा। शक गहराने पर जब पुलिस ने गहनता से जांच शुरू की तो परतें खुलती गईं। विस्तृत जांच के बाद मंगलवार शाम को एसआई यतेंद्र सिंह ने धर्मपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
एक मोबाइल में डिजिटल जालसाजी का भंडार
पुलिस ने जब आरोपी धर्मपाल के मोबाइल की गैलरी और फाइल मैनेजर की तलाशी ली, तो उसमें जालसाजी का पूरा कारखाना मिला। आरोपी के फोन में एक ही आधार नंबर पर अलग-अलग नाम, पिता के नाम और पतों वाले कई आधार कार्ड मिले। इनमें रोहित कुमार निवासी गोविंदपुर, बरगढ़ ओडिशा व शिवकुमार निवासी पोंडा, साऊथ गोवा के आधार कार्ड मिले। श्रवंश के नाम से आधार व पेन कार्ड मिले। चौथा आधार कार्ड आरोपी का धर्मेंद्र नाम से तथा पांचवां धर्मपाल के नाम से था। दोनों की जन्मतिथि में पांच साल का अंतर था। छठवां आधार कार्ड अरविंद कुमार निवासी चागलियांग तेजू सरकिल, लोहित अरुणाचल प्रदेश के नाम से था। अरविंद नाम से एक और आधार मिला, जिस पर जन्मतिथि अलग थी।
हाईस्कूल की छह मार्कशीट
इनके अलावा उसके मोबाइल में हाईस्कूल की छह मार्कशीट मिलीं, जिनमें अलग-अलग नाम की वर्ष 2014 व 2022 की मार्कशीट हैं। इसके अलावा और भी दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने पर बुधवार को धर्मपाल को जेल भेज दिया गया है। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि प्रकरण में गहनता से जांच चल रही है।
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कारण है कि जो पहचान पत्र मिले हैं, उन पर गोवा, उड़ीसा व अरुणाचल प्रदेश का पता डाला है। पुलिस ने इस दिशा में छानबीन में तेज कर दी है। पुलिस ने होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान जालसाजी और दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले एक गिरोह की पोल खोली है।
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थाना हाथरस गेट पुलिस ने एक ऐसे परीक्षार्थी को चिह्नित किया है, जो संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने की कोशिश कर रहा था। आरोपी के मोबाइल और कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड और अंकतालिकाएं (मार्कशीट) बरामद हुई हैं।
डेटाबेस मिलान ने खोला राज
पीसी बागला इंटर कॉलेज में 27 अप्रैल को परीक्षा देने आए धर्मपाल सिंह निवासी नगला गोपाल, जलेसर (एटा) के विवरण का जब डेटाबेस से मिलान किया गया, तो प्रधानाचार्य और पुलिस चौंक गए। धर्मपाल के आधार नंबर और विवरणों का मिलान करने पर सिस्टम में एक अन्य नाम अरविंद कुमार प्रदर्शित होने लगा। शक गहराने पर जब पुलिस ने गहनता से जांच शुरू की तो परतें खुलती गईं। विस्तृत जांच के बाद मंगलवार शाम को एसआई यतेंद्र सिंह ने धर्मपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
एक मोबाइल में डिजिटल जालसाजी का भंडार
पुलिस ने जब आरोपी धर्मपाल के मोबाइल की गैलरी और फाइल मैनेजर की तलाशी ली, तो उसमें जालसाजी का पूरा कारखाना मिला। आरोपी के फोन में एक ही आधार नंबर पर अलग-अलग नाम, पिता के नाम और पतों वाले कई आधार कार्ड मिले। इनमें रोहित कुमार निवासी गोविंदपुर, बरगढ़ ओडिशा व शिवकुमार निवासी पोंडा, साऊथ गोवा के आधार कार्ड मिले। श्रवंश के नाम से आधार व पेन कार्ड मिले। चौथा आधार कार्ड आरोपी का धर्मेंद्र नाम से तथा पांचवां धर्मपाल के नाम से था। दोनों की जन्मतिथि में पांच साल का अंतर था। छठवां आधार कार्ड अरविंद कुमार निवासी चागलियांग तेजू सरकिल, लोहित अरुणाचल प्रदेश के नाम से था। अरविंद नाम से एक और आधार मिला, जिस पर जन्मतिथि अलग थी।
हाईस्कूल की छह मार्कशीट
इनके अलावा उसके मोबाइल में हाईस्कूल की छह मार्कशीट मिलीं, जिनमें अलग-अलग नाम की वर्ष 2014 व 2022 की मार्कशीट हैं। इसके अलावा और भी दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने पर बुधवार को धर्मपाल को जेल भेज दिया गया है। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि प्रकरण में गहनता से जांच चल रही है।
