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Hathras News: कमरों की खींचतान में फंसा कैंसर डे-केयर वार्ड

Tue, 30 Jun 2026 02:31 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Tue, 30 Jun 2026 02:31 AM IST
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Cancer day-care ward caught in the tussle over rooms
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देने के लिए प्रस्तावित 10 बेड का विशेष कैंसर डे-केयर वार्ड जगह के अभाव के कारण अधर में है। अस्पताल प्रबंधन और जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के बीच कमरों को लेकर चल रहा गतिरोध इस देरी की मुख्य वजह बना हुआ है।
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जगह खाली न हो पाने की वजह से प्रशासन अभी तक इस वार्ड का अंतिम प्रस्ताव भी शासन को नहीं भेज सका है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जिला अस्पताल परिसर के भीतर जिस स्थान पर कैंसर वार्ड बनाया जाना है, वहां फिलहाल जिला होम्योपैथी अधिकारी का कार्यालय संचालित हो रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इस जगह को खाली करने के लिए डीएचओ को नोटिस भी जारी किया है, लेकिन अभी तक दोनों कमरे खाली नहीं किए गए हैं।
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पहले भी हो चुकी है कोशिश
इससे पहले होम्योपैथिक अधिकारी के कार्यालय को आयुष विंग में स्थानांतरित करने की चर्चा हुई थी, लेकिन डीएचओ इसके लिए तैयार नहीं हुए। अब नई योजना के तहत अस्पताल की इमरजेंसी को टीबी अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। इमरजेंसी भवन खाली होने पर वहां डीएचओ कार्यालय शिफ्ट करने का प्रस्ताव है, लेकिन डीएचओ मरीजों के हित का हवाला देते हुए मौजूदा जगह छोड़ने को राजी नहीं हैं।
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कैंसर मरीजों को कैसे मिलेगा इसका लाभ?
इस 10 बेड के विशेष वार्ड के शुरू होने से जिले के कैंसर रोगियों को इलाज के लिए दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके तहत दो मुख्य व्यवस्थाएं काम करेंगी

कीमोथेरेपी के लिए स्थानीय सुविधा : जो मरीज बड़े मेडिकल कॉलेजों में उपचाराधीन हैं, उन्हें आगे की प्रक्रियाओं (जैसे कीमोथेरेपी) के लिए जिला अस्पताल के इस वार्ड से अटैच कर दिया जाएगा, जिससे मरीजों की भागदौड़ बचेगी।

त्वरित रेफरल सिस्टम : यदि जिला अस्पताल की ओपीडी में कोई संदिग्ध कैंसर मरीज मिलता है, तो उसे इसी डे-केयर वार्ड में पंजीकृत कर सीधे एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया जाएगा, जिससे मरीज को बिना समय गंवाए तुरंत इलाज मिल सके।


होम्योपैथी चिकित्साधिकारी के कार्यालय के शिफ्ट होने का इंतजार किया जा रहा है, जिससे तैयारी शुरू की जा सके। कैंसर डे-केयर के लिए स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिलाया जा चुका है।

-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस


शासनादेश है कि जिला अस्पताल में होम्योपैथी चिकित्सा विभाग को सभी सुविधा दी जाएंगी। कार्यालय में रोजाना 40 से 50 मरीज आते हैं। इसके साथ ही कार्यालय अभिलेख व अन्य कार्यों के लिए भी जगह की आवश्यकता है। ओपीडी अस्पताल में ही संचालित करने के निर्देश हैं। ऐसे में इधर-उधर जाने से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।
डॉ. अशोक चौहान, डीएचओ
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