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Hathras: फुटपाथों पर उत्पादों का डिस्प्ले, सड़क पर पार्किंग, बाजारों का हाल बुरा, जाम से रेंग रहा यातायात

अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 16 Jan 2026 11:05 AM IST
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सार

जब फुटपाथ पर सामान सज जाता है, तो ग्राहकों के पास अपने दुपहिया और चौपहिया वाहन खड़े करने की जगह नहीं बचती। मजबूरन ग्राहक अपने वाहन मुख्य सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि व्यस्त समय में सड़कें बेहद संकरी हो जाती हैं और पूरा यातायात रेंगने लगता है।

Display of products on the footpaths in Hathras market
शहर के बैंनीगंज बाजार में हुआ अतिक्रमण - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में इन दिनों व्यापारिक प्रतिस्पर्धा लोगों की परेशानी का कारण बन चुकी है। अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की होड़ में शोरूम संचालकों ने अपनी सीमाएं लांघ दी हैं। शोरूम के भीतर जो सामान सजना चाहिए, वह फुटपाथों की शोभा बढ़ा रहा है, जिससे हर समय बाजार में जाम रहता है और आम जनता का पैदल चलना दूभर हो गया है।

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फुटपाथों से लगातार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। बाजारों में भी मुनादी कराकर चेतावनी दे दी गई है। पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे निर्माण कार्य जारी है।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका

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शहर के बाजारों में अतिक्रमण के कारण पैदल चलना मुश्किल है। दुकानदार फुटपाथ घेर लेते हैं और वाहन सड़क में खड़े होते हैं। प्रशासन को सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करनी होगी।-कपिल शर्मा, राहगीर
जाम के कारण अक्सर आपातकालीन सेवाएं और स्कूली बच्चे घंटों फंसे रहते हैं। प्रशासन को इसका उचित समाधान करना चाहिए। कई बार बच्चों की तबीयत खराब हो जाती है।-आशु पंडित, घंटाघर
एक दुकानदार द्वारा बाहर सामान निकालने पर दूसरा उससे आगे निकलने की कोशिश करता है, जिससे फुटपाथ और सड़कें लगातार संकरी होती जा रहीं हैं।-मुश्ताक, मधुगढ़ी
फुटपाथों पर पैदल चलना दूभर हो गया है। दुकानदारों ने फुटपाथ को अपना निजी स्थान समझ लिया है। प्रशासन को इसपर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।-शौकीन, राहगीर

प्रतिस्पर्धा बन रही परेशानी का सबब

शहर के पंजाबी मार्केट, बैनीगंज और बागला मार्ग जैसे इलाकों में दुकानदारों के बीच शोरूम को बाहर तक फैलाने की होड़ मच गई है। महंगे लहंगे, साड़ियां और सूट अब दुकान के कांच के पीछे नहीं, बल्कि फुटपाथ पर डमी लगाकर प्रदर्शित किए जा रहे हैं। एक दुकानदार को देखकर दूसरा भी अपने उत्पाद सड़क पर सज रहा है। इस ''डिस्प्ले'' की होड़ ने शहर के फुटपाथों का अस्तित्व ही मिटा दिया है।
शहर के राम लीला ग्राउण्ड में अतिक्रमण
सड़कें बनीं अवैध पार्किंग का अड्डा
जब फुटपाथ पर सामान सज जाता है, तो ग्राहकों के पास अपने दुपहिया और चौपहिया वाहन खड़े करने की जगह नहीं बचती। मजबूरन ग्राहक अपने वाहन मुख्य सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि व्यस्त समय में सड़कें बेहद संकरी हो जाती हैं और पूरा यातायात रेंगने लगता है। एक चार पहिया वाहन आए जाए तो वह कई बाजारों को प्रभावित करता है। स्कूली बसें और आपात स्थिति में अस्पताल आनेजाने वाले वाहन घंटों फंसे रह जाते हैं।

प्रशासनिक सुस्ती का फायदा उठा रहे कुछ लोग

हैरानी की बात यह है कि प्रशासन और नगर पालिका की नाक के नीचे यह अतिक्रमण फल-फूल रहा है। कई बार चेतावनी देने के बावजूद फुटपाथों से डिस्प्ले उत्पादों का सामान नहीं हटा है। व्यापारियों के रसूख और प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण इसका असर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों पर साफ देखा जा सकता है।

बाजारों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
शहर के प्रमुख बाजारों में न तो पार्किंग की व्यवस्था है और न ही सार्वजनिक शौचालय की। इससे जितना अधिक यहां आने वाले ग्राहक परेशान होते हैं, उतना ही दुकानदार। बाजार में दिन के बारह घंटे बैठने वाले दुकानदार वर्षों से इस समस्या से दो-चार हो रहे हैं। सबसे बुरा हाल पंजाबी मार्केट, बागला मार्ग, बैनीगंज, नजिहाई और कमला बाजार का है। पार्किंग न होने से दुकानदार अपने वाहन दुकानों के सामने खड़ा रखते हैं, जिससे फुटपाथ घिरने की शुरूआत हो जाती है।

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