GST SIB: हाथरस में बिटुमिन कारोबारी की फर्म पर जीएसटी टीम ने किया सर्वे, जांच जारी, ऐसे आई नजर में
सर्वे में सामने आया कि माल का स्टाॅक स्थानीय स्तर पर बहुत कम किया जाता है। कारोबारी द्वारा पोर्ट से पोर्ट पर ही माल की खरीद-बिक्री की जाती है, क्योंकि सर्वे वाली फर्म की ओर से यूरोपियन देशों तक कारोबार किया जाता है।
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हाथरस शहर के आगरा रोड स्थित चूना वाला बल्क कैरियर नामक फर्म के परिसर में 19 जनवरी की दोपहर को राज्य जीएसटी विभाग मथुरा की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने सर्वे किया। टीम ने इस परिसर में संचालित बिटुमिन (तारकोल) के अलावा कई प्रकार के पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। देर शाम तक जांच जारी रही।
राज्य जीएसटी की ओर से हाल ही में व्यापारियों से संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसके तीसरे ही दिन 19 जनवरी को राज्य कर विभाग की एसआईबी की टीम शहर की नामी फर्म चूना वाला बल्क कैरियर के परिसर में पहुंची। इस फर्म में पेट्रोलियम व उससे संबंधित माल के व्यापार का कार्य किया जाता है।
विंग के अधिकारियों ने फर्म मालिक से कई प्रकार के दस्तावेज मांगे। इनका मिलान कारोबारी द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए गए रिटर्न से किया गया। माना जा रहा है कि इस दौरान कई प्रकार के पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद-बिक्री में कुछ भिन्नता भी सामने आई। इस संबंध में कारोबारी से मौके पर ही स्पष्टीकरण लिया गया। देर शाम तक चली इस कार्रवाई में मुख्य रूप से सहायक आयुक्त एसआईबी अवधेश कुमार, एसी मोबाइल मथुरा गिरजानंदन, एसी मोबाइल हाथरस समीर श्रीवास्तव, सीटीओ एसआईबी सुबोध कुमार व कमलेश सोनकर मौजूद थे।
बिटुमिन एवं अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की फर्म पर कार्रवाई की गई है। वहां एसआईबी के अधिकारी माल व दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद करापवंचन की स्थिति साफ हो पाएगी।-अनिल कुमार कनौजिया, संयुक्त आयुक्त, एसआईबी मथुरा।
अधिकारी रूटीन कार्रवाई के अंतर्गत फर्म पर आए थे। उन्होंने जो दस्तावेज मांगे थे, वे सभी दिखाए गए। सभी जानकारियां उनको दी गईं। सभी अधिकारियों का पूरा सहयोग किया गया है।-कपिल अग्रवाल, संचालक चूना वाला बल्क कैरियर हाथरस।
फर्म की दो गोदामों पर भी रही नजर
एसआईबी मथुरा की ओर से सर्वे की कार्रवाई करने से पहले कई दिन रेकी की गई थी। इसमें मुख्य फर्म के परिसर के साथ ही मथुरा रोड पर नगला नंदू के निकट के एक गोदाम व सादाबाद में गांव कजरौठी-राया रोड के निकट की एक अन्य शाखा पर भी नजर रही। इन जगहों पर माल के आवागमन के पहले ही टीम ने साक्ष्य जुटा लिए थे।
स्थानीय गोदाम में नहीं, पोर्ट पर है माल का स्टाॅक
सर्वे में सामने आया कि माल का स्टाॅक स्थानीय स्तर पर बहुत कम किया जाता है। कारोबारी द्वारा पोर्ट से पोर्ट पर ही माल की खरीद-बिक्री की जाती है, क्योंकि सर्वे वाली फर्म की ओर से यूरोपियन देशों तक कारोबार किया जाता है।
टर्न ओवर गिरने से जांच के घेरे में आई फर्म
एसआईबी की ओर से इस फर्म की जांच के लिए लंबे समय से स्क्रूटनी की जा रही थी। इसमें पाया गया कि फर्म का कारोबार विदेशों तक है, लेकिन बात अगर टर्नओवर की करें तो बीते तीन साल में इसमें काफी गिरावट आई है। वित्तीय वर्ष 2023-24, व 2024-25 में टर्नओवर वित्तीय वर्ष 2022-23 की अपेक्षा करीब आधा रह गया। माना जा रहा है कि टर्नओवर के गिरने की वजह से फर्म जांच के घेरे में आई।
