Good News: हाथरस के आलू का स्वाद चखेगा नीदरलैंड, हर साल एक करोड़ पैकेट होंगे तैयार, किसानों ने किया अनुबंध
फार्म फ्राइट कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी अत्याधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट शाहजहांपुर में स्थापित की जा रही है, जहां फ्रेंच फ्राइज, फ्रोजन आलू, चिप्स और अन्य उत्पाद तैयार होंगे। इस यूनिट के लिए हर वर्ष करीब एक करोड़ पैकेट आलू की आवश्यकता होगी। इसके लिए सादाबाद, सासनी को प्रमुख क्षेत्र के रूप में चुना गया है।
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हाथरस में सादाबाद और सासनी तहसील के आलू उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नीदरलैंड की प्रतिष्ठित आलू प्रोसेसिंग कंपनी फार्म फ्राइट यहां के किसानों से 12 से 14 रुपये किलो की दर से आलू खरीदेगी। किसानों ने इसका अनुबंध करना शुरू कर दिया है।
आलू की 3797, सेंटाना, सूर्या डायमंड (शुगर फ्री) किस्म कंपनी को पसंद आई है। इससे चिप्स, फ्रेंच फ्राइज और अन्य फ्रोजन उत्पाद बनाए जा सकेंगे। कंपनी ने इन उत्पादों को बनाने के लिए शाहजहांपुर में प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है। फार्म फ्राइट कंपनी के प्रतिनिधि जॉर्ज सिटनिक और कृभको के कार्यकारी अधिकारी राजू सिंह अपनी टीम के साथ सादाबाद के खेतों में पहुंचे।
आलू के आकार, रंग, ड्राई मैटर व शुगर कंटेंट की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के बाद स्पष्ट हुआ कि सादाबाद क्षेत्र में उगाई जा रही 3797 और सेंटाना किस्म उनके उपयोग में आ सकती है। सासनी क्षेत्र की सूर्या डायमंड (शुगर फ्री) किस्म फ्रोजन आलू, फ्रेंच फ्राइज और प्रोसेसिंग उद्योग के लिए उपयुक्त हैं। जांच में आलू की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी पाई गई।
शाहजहांपुर में प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, फिर दूसरे देशों में जाएंगे उत्पाद, एक करोड़ पैकेट होंगे तैयार
फार्म फ्राइट कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी अत्याधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट शाहजहांपुर में स्थापित की जा रही है, जहां फ्रेंच फ्राइज, फ्रोजन आलू, चिप्स और अन्य उत्पाद तैयार होंगे। इस यूनिट के लिए हर वर्ष करीब एक करोड़ पैकेट आलू की आवश्यकता होगी। इसके लिए सादाबाद, सासनी को प्रमुख क्षेत्र के रूप में चुना गया है।
कंपनी ने गलतफहमियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि हर किस्म का आलू प्रोसेसिंग के योग्य नहीं होता। केवल तय मानकों वाली किस्में ही खरीदी जाएंगी। कंपनी ने किसानों को 12 से 14 प्रति किलो की दर से आलू खरीदने का प्रस्ताव दिया है। कई किसानों ने कंपनी के साथ अनुबंध भी कर लिया है। अप्रैल से शाहजहांपुर यूनिट में प्रोसेसिंग शुरू होने की संभावना है। यदि स्थानीय स्तर पर आवश्यक मात्रा पूरी नहीं होती, तो कंपनी अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद, संभल, बदायूं, इटावा, कानपुर और फर्रुखाबाद सहित अन्य जिलों से भी आलू की आपूर्ति लेगी।
प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त आलू की किस्में
- सादाबाद क्षेत्र : 3797 और सेंटाना0
- सासनी क्षेत्र : सूर्या डायमंड (शुगर फ्री)
- उपयोग : फ्रोजन आलू, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, स्टार्च व अन्य उत्पाद बनाने में।