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Hathras News: मानहानि मामले में राहुल गांधी को नोटिस तामील
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राहुल गांधी।
- फोटो : Archive
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सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चंदपा प्रकरण में दाखिल रिवीजन पर मंगलवार को एडीजे-5 एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पिछली तारीख पर उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया था, जो कि इस सुनवाई तामील मान लिया गया है। अब इस मामले में 19 सितंबर को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि मानहानि मामले में एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट से खारिज हुए परिवाद पर 16 जून को रिवीजन डाला गया था, जिसे एडीजे एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।
चंदपा बिटिया कांड में दो मार्च 2023 को न्यायालय का फैसला आया था। इसमें कोर्ट ने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि तीन अन्य आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया था। न्यायालय का निर्णय आने के बाद 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी पीडि़ता के गांव पहुंचे थे और पीडि़त परिवार से मुलाकात की थी। आरोप है कि कोर्ट से दोषमुक्त होने के बावजूद राहुल गांधी ने उन युवकों को लेकर बयानबाजी की थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए अपराधियों के खुलेआम घूमने की बात कही थी।
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मामले में नोटिस जारी हुआ और फिर 24 जनवरी 2025 को कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया। इस मामले में लंबी कानूनी बहस व दोनों पक्षों को सुनने के बाद 13 मई 2026 को कोर्ट ने इस मानहानि परिवाद को पूरी तरह खारिज कर दिया था।
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गौरतलब है कि मानहानि मामले में एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट से खारिज हुए परिवाद पर 16 जून को रिवीजन डाला गया था, जिसे एडीजे एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।
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चंदपा बिटिया कांड में दो मार्च 2023 को न्यायालय का फैसला आया था। इसमें कोर्ट ने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि तीन अन्य आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया था। न्यायालय का निर्णय आने के बाद 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी पीडि़ता के गांव पहुंचे थे और पीडि़त परिवार से मुलाकात की थी। आरोप है कि कोर्ट से दोषमुक्त होने के बावजूद राहुल गांधी ने उन युवकों को लेकर बयानबाजी की थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए अपराधियों के खुलेआम घूमने की बात कही थी।
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मामले में नोटिस जारी हुआ और फिर 24 जनवरी 2025 को कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया। इस मामले में लंबी कानूनी बहस व दोनों पक्षों को सुनने के बाद 13 मई 2026 को कोर्ट ने इस मानहानि परिवाद को पूरी तरह खारिज कर दिया था।