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जियो और जीने दो के सिद्धांत से ही दुनिया में आएगी शांति : चैत्य सागर जी महाराज
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 02 Mar 2026 02:33 AM IST
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प्रवचन देते जैन मुनी चैत्य सागर जी महाराज
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जैन मुनि सर्वांग भूषण आचार्य श्री 108 चैत्य सागर जी महाराज ने कहा कि आज दुनिया बारूद के मुहाने पर बैठी है। चारों ओर वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। अगर विश्व ने जियो और जीने का सिद्धांत नहीं अपनाया तो दुनिया को समाप्त होने से कोई रोक नहीं सकता। वह रविवार को नगर के मोहल्ला ब्राह्मणपुरी स्थित नाव निर्मित जैन मंदिर में बोल रहे थे।
आचार्य नव निर्मित जैन मंदिर के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। छह से आठ मार्च तक मंदिर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में क्षुल्लकरत्न श्री समर्पण सागर जी महाराज भी भाग लेंगे। जैन मुनि ने कहा कि जब व्यक्ति या देश में अहंकार आता है तो वह सर्वत्र वर्चस्व के लिए अनेक प्रकार के जतन करता है।अमेरिका, इस्राइल-ईरान युद्ध इसी प्रकार के अहंकार तथा वर्चस्व की लड़ाई है।
आज धर्म को लेकर लोग लड़ने मारने को तैयार हो हैं, लेकिन यह उचित नहीं है। धर्म हमेशा आपसी सद्भाव तथा समभाव पैदा करता है। हमें धर्म के सिद्धांतों पर अमल करना चाहिए। जैन मुनि ने कहा कि हिंसा कभी किसी समस्या का समाधान नहीं रहा है। एक दिन ऐसा आएगा जब वर्चस्ववादी देश अपनी करनी पर शर्मिंदा होंगे। प्रमुख रूप से राजकुमार जैन मनोज जैन, रमेश कुमार जैन, शिवकुमार जैन, सुशील जैन, आदि मौजूद थे।
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आचार्य नव निर्मित जैन मंदिर के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। छह से आठ मार्च तक मंदिर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में क्षुल्लकरत्न श्री समर्पण सागर जी महाराज भी भाग लेंगे। जैन मुनि ने कहा कि जब व्यक्ति या देश में अहंकार आता है तो वह सर्वत्र वर्चस्व के लिए अनेक प्रकार के जतन करता है।अमेरिका, इस्राइल-ईरान युद्ध इसी प्रकार के अहंकार तथा वर्चस्व की लड़ाई है।
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आज धर्म को लेकर लोग लड़ने मारने को तैयार हो हैं, लेकिन यह उचित नहीं है। धर्म हमेशा आपसी सद्भाव तथा समभाव पैदा करता है। हमें धर्म के सिद्धांतों पर अमल करना चाहिए। जैन मुनि ने कहा कि हिंसा कभी किसी समस्या का समाधान नहीं रहा है। एक दिन ऐसा आएगा जब वर्चस्ववादी देश अपनी करनी पर शर्मिंदा होंगे। प्रमुख रूप से राजकुमार जैन मनोज जैन, रमेश कुमार जैन, शिवकुमार जैन, सुशील जैन, आदि मौजूद थे।
