{"_id":"6a782007d09dba7bcf066a0f","slug":"route-diversion-becomes-strict-for-kanwar-yatra-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन का दूसरा सोमवार: कांवड़ यात्रा के लिए रूट डायवर्जन हुआ सख्त, हाथरस जिले में बढ़ी सतर्कता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन का दूसरा सोमवार: कांवड़ यात्रा के लिए रूट डायवर्जन हुआ सख्त, हाथरस जिले में बढ़ी सतर्कता
Sun, 09 Aug 2026 12:07 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:07 PM IST
सार
सावन के पहले सोमवार की तुलना में दूसरे सोमवार पर कांवड़ियों की संख्या काफी अधिक है। सावन की शुरुआत में पंचक होने के कारण कांवड़ यात्रा का दबाव कम था। पंचक समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
रुहेरी बाईपास व मथुरा-बरेली मार्ग पर वाहनों को डायवर्ट करने के लिए लगाए गए बैरिकेड
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सावन के दूसरे सोमवार पर कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हाथरस पुलिस-प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार से ही सड़कों पर कांवड़ियों के जत्थे दिखाई देने लगे थे। लिहाजा शुक्रवार रात से जिले में रूट डायवर्जन सख्ती से लागू किया गया है।
विज्ञापन
जिले में लगभग 15 प्रमुख स्थानों पर यह रूट डायवर्जन लागू हुआ है। प्रशासन ने भारी वाहनों को शहर में प्रवेश से रोककर वैकल्पिक मार्गों पर भेजा है। पुलिसकर्मियों को प्रमुख चौराहों और मार्गों पर तैनात किया गया है। इससे कांवड़ियों की आवाजाही के दौरान कोई परेशानी नहीं होगी। शहर की ओर आने वाले वाहनों को रुहेरी से बाईपास और मथुरा-बरेली मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया।
विज्ञापन
आगरा रोड पर नगला भुस के पास बैरिकेडिंग कर भारी वाहनों को शहर में जाने से रोका गया। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा का कहना है कि सख्ती से रूट डायवर्जन का पालन कराया जा रहा है। किसी भी भारी वाहन को शहर के अंदर नहीं जाने दिया गया है। 33 चौराहे चिह्नित किए गए हैं, जहां पुलिस पिकेट तैनात की गई है।
विज्ञापन
कांवड़ियों की संख्या में वृद्धि
सावन के पहले सोमवार की तुलना में दूसरे सोमवार पर कांवड़ियों की संख्या काफी अधिक है। सावन की शुरुआत में पंचक होने के कारण कांवड़ यात्रा का दबाव कम था। पंचक समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती है। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है।