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Kanwar Yatra: सावन के दूसरे सोमवार को 'सोम प्रदोष' का है खास संयोग, कांवड़ियों का उत्साह हुआ दूना
Sat, 08 Aug 2026 06:02 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 08 Aug 2026 06:02 PM IST
सार
सोमवार के साथ सोम प्रदोष का संयोग विशेष है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। प्रदोष व्रत भी भगवान शिव को समर्पित है, जिससे यह संयोग आस्था का विशेष अवसर बन गया है।
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हाथरस जक्शन से मथुरा-बरेली रोड पर कतार में जाते कांवड़िया
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सावन के दूसरे सोमवार के दिन सोम प्रदोष का विशेष संयोग बन रहा है। इससे कांवड़ियों और शिवभक्तों का उत्साह दूना है। हरिद्वार, राजघाट और कछला से गंगाजल लेकर कांवड़ियों की टोलियां आगरा-बरेली मार्ग पर लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं।
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कंधों पर सजी कांवड़ और जुबां पर बम बम भोले का जयघोष पूरे मार्ग को शिवमय बनाए हुए है। कांवड़ियों में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। कोई परिवार की सुख-समृद्धि तो कोई बीमारी से मुक्ति की कामना कर कांवड़ लेकर शिवालय की ओर बढ़ता जा रहा है। कुछ श्रद्धालु संतान सुख की मनोकामना के साथ भक्ति में लीन हैं।
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रंग-बिरंगी कांवड़ों के साथ श्रद्धालुओं के जत्थे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। भक्ति गीतों और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गुंजायमान है। आगरा-बरेली मार्ग पर कांवड़ियों के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। स्थानीय लोग पानी, शरबत और फल आदि के जरिये कांवड़ियों की सेवा में जुटे हैं।
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सोम प्रदोष का खास संयोग
पंडित सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार के साथ सोम प्रदोष का संयोग विशेष है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। प्रदोष व्रत भी भगवान शिव को समर्पित है, जिससे यह संयोग आस्था का विशेष अवसर बन गया है।