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Hathras News: 40 फीसदी उपभोक्ताओं की आपूर्ति रोकी, एजेंसियों पर मारामारी

संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sun, 22 Mar 2026 02:24 AM IST
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Supply Cut Off for 40% of Consumers; Scramble at Agencies
मोहनगंज  ​स्थित एक गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की भीड़। संवाद - फोटो : Samvad
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ई-केवाईसी की बाध्यता ने एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। प्रशासन दावा कर रहा है कि जिले में रसोई गैस की किल्लत नहीं, लेकिन कंपनियों ने ई-केवाईसी की आड़ में 40 फीसदी उपभोक्ताओं की आपूर्ति रोक दी है। इस कारण सुबह से शाम तक गैस एजेंसियों पर मारामारी के हालात पैदा हो रहे हैं।
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गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि एलपीजी उपलब्ध कराने वाली कंपनियां लक्ष्य में सीधे कटौती पर आ गई हैं। होली तक यह स्थिति थी कि तीन गुना बिक्री का लक्ष्य दिया जाता था। एक के ऑर्डर पर तीन गाड़ियां भेजी जाती थीं। अब यह स्थिति है कि उपभोक्ताओं के दबाव के चलते प्रशासनिक हस्तक्षेप से सिलिंडर की गाड़ियां मंगवाई जा रही हैं।
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स्टॉक में सीधे 50 फीसदी तक की कटौती कर दी गई है। यह भी एक वजह है कि हॉकर सिलिंडर लेकर गलियों में नजर नहीं आ रहे। उदाहरण के तौर पर अगर किसी एजेंसी को रोजाना 550 सिलिंडर बेचने का लक्ष्य मिलता था, उसे अब दो से तीन दिन में इतने सिलिंडर मिल पा रहे हैं।






केवाईसी से 40 फीसदी उपभोक्ता प्रभावित

जिले में 33 गैस एजेंसियां हैं। इनमें बीपीसीएल की 18, आईओसी की 11 व एचपीसीएल की चार एजेंसियां शामिल हैं। इन पर 4.52 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। इनमें 40 फीसदी यानी 1.80 लाख ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनकी केवाईसी नहीं हो रही है। केवाईसी न होने के कारण इनकी ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है। जिनकी पूर्व में हो चुकी हैं, उन्हें सिलिंडर नहीं दिए जा रहे हैं।







अन्य नियमों पर भी कड़ाई

केवल केवाईसी ही नहीं, बल्कि सुरक्षा जांच व सुरक्षा हॉज न लेने वाले उपभोक्ताओं की भी आपूर्ति भी कंपनियों ने रोक दी है। बुकिंग स्लिप पर नीचे सुरक्षा जांच, बॉयोमीट्रिक व पाइप तीनों का जिक्र होता है। इन तीनों के आगे वाई लिखा होना चाहिए। इसके बाद ही उपभोक्ता तक गैस पहुंचेगी। इसके लिए कंपनियां उपभोक्ताओं से निर्धारित शुल्क लेती हैं, जिसमें इन उपकरणों को पांच वर्ष की वैधता मिलती है।







बुकिंग सर्वर भी हुआ ठप

कंपनियों का सर्वर भी बीच-बीच में जवाब दे रहा है। शनिवार को सभी नियम पूर्ण करने वाले उपभोक्ता भी ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर सके। घबराहट में ये लोग भी गैस एजेंसियों पर पहुंच गए। केवाईसी व बुकिंग वाले उपभोक्ताओं के कारण शनिवार को एजेंसियों के दफ्तरों पर भीड़ अधिक रही।






प्रमुख बिंदु एक नजर में



-कुल उपभोक्ता : जिले की 33 गैस एजेंसियों पर करीब 4.5 लाख उपभोक्ता पंजीकृत हैं।

-ई-केवाईसी : कुल उपभोक्ताओं में से 40 फीसदी की नहीं हुई केवाईसी, घर नहीं जा रहे हॉकर।

-स्टॉक में कटौती : कंपनी ने एजेंसियों के बिक्री के लक्ष्य में की 50 फीसदी तक कटौती।

-नियमों की आड़ : कंपनियों के नियमों की बाध्यता के चलते रोकी गई उपभोक्ताओं की सप्लाई।






हॉकर घर ही नहीं आ रहे हैं। मोहनगंज स्थित गैस एजेंसी आकर पता चला कि केवाईसी कराई जानी है। उपभोक्ताओं को क्या जानकारी। जब हॉकर घर आ रहे थे, तभी केवाईसी भी करनी चाहिए थी।
-रवेंद्र निवासी नगला कुंवरी




ई-केवाईसी नहीं होने के कारण बुकिंग के बाद भी सिलिंडर नहीं आ रहा है। किताब लेकर अब कतार में लगे हैं। एजेंसी के एक-दो कर्मचारी ही केवाईसी कर रहे हैं, जिससे देर लग रही है। हॉकरों को घर आकर केवाईसी करनी चाहिए।

-महावीर, नयाबांस

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ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है। लगातार फोन मिलाते हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। पिछले 15 दिनों से दिक्कत हुई है, इसलिए बुकिंग के लिए कतार में लगना पड़ रहा है। पर्ची कटेगी तो गैस मिलेगी।

-हरीशचंद्र, उपभोक्ता





ईद की छुट्टी है, इसलिए यही मौका है गैस बुकिंग का। काम-धंधे के चलते नहीं आ पाते हैं। घर में गैस खत्म होने को है और ऑनलाइन प्रणाली काम ही नहीं कर रही। यहां भी घंटों लग रहे हैं। तरह-तरह के नियम बताए जा रहे हैं।

बृजभूषण जैन, उपभोक्ता



गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बुकिंग के सर्वर में दिक्कत हो सकती है, लेकिन एजेंसी पर बुकिंग कराके सिलिंडर तत्काल दिया जा रहा है।
-ध्रुवराज यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
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