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Jalaun News: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने थाने का किया घेराव
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फोटो - 34 परिजनों को समझाते थाना प्रभारी जगदंबा प्रसाद। संवाद
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उरई। प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे औरैया रेफर कर दिया। परिजन उसे औरैया ले गए, यहां जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा करते हुए डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर लिया। पुलिस ने सभी को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया है।
कुठौंद थाना क्षेत्र के नौरेजपुर पीपरी गांव निवासी जितेंद्र कुमार की पत्नी रश्मी दोहरे (25) की प्रसव के दौरान हालत बिगड़ने से मौत हो गई। नवजात भी जीवित नहीं बच सका। जच्चा-बच्चा की मौत से आक्रोशित लोगों ने कुठौंद थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की।
परिजनों के अनुसार प्रसव पीड़ा होने पर रश्मी को उपचार के लिए कस्बे के एक निजी अस्पताल बांके बिहारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में डिलीवरी एक नर्स द्वारा कराई गई। प्रसव के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल कर्मियों ने उसे निजी वाहन से औरैया के चिचौली स्थित अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहां चिकित्सकों ने जच्चा और नवजात दोनों को नहीं बचा सके।
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घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल तथा थाने पहुंच गए। दोनों की मौत से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की।
सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया और अस्पताल को सील करा दिया। वहीं एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण ने बताया कि जिले में संचालित फर्जी अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। यदि परिजनों की ओर से शिकायत मिलती है तो मामले की विस्तृत जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे ने बताया कि मृतका के पति जितेंद्र की तहरीर प्राप्त हो गई है। मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कुठौंद थाना क्षेत्र के नौरेजपुर पीपरी गांव निवासी जितेंद्र कुमार की पत्नी रश्मी दोहरे (25) की प्रसव के दौरान हालत बिगड़ने से मौत हो गई। नवजात भी जीवित नहीं बच सका। जच्चा-बच्चा की मौत से आक्रोशित लोगों ने कुठौंद थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की।
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परिजनों के अनुसार प्रसव पीड़ा होने पर रश्मी को उपचार के लिए कस्बे के एक निजी अस्पताल बांके बिहारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में डिलीवरी एक नर्स द्वारा कराई गई। प्रसव के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल कर्मियों ने उसे निजी वाहन से औरैया के चिचौली स्थित अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहां चिकित्सकों ने जच्चा और नवजात दोनों को नहीं बचा सके।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल तथा थाने पहुंच गए। दोनों की मौत से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की।
सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया और अस्पताल को सील करा दिया। वहीं एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण ने बताया कि जिले में संचालित फर्जी अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। यदि परिजनों की ओर से शिकायत मिलती है तो मामले की विस्तृत जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे ने बताया कि मृतका के पति जितेंद्र की तहरीर प्राप्त हो गई है। मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।