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Jhansi News: मुंबई कोर्ट में पेपर सप्लाई का झांसा देकर कारोबारी से 51 लाख की ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मुंबई की बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेपर सप्लाई का झांसा देकर झांसी के एक कारोबारी से 51 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। खुद को कोर्ट का परचेज अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने बड़े ऑर्डर का लालच देकर कारोबारी से माल खरीदवाया और भुगतान के नाम पर फर्जी चेक थमा दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने खाताधारक सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के सराय जामा मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद इरशाद की मोहम्मद एंटरप्राइजेज नाम से फर्म है। इरशाद के अनुसार, 24 अप्रैल को उनके पास निराला मदन नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को मुंबई की बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट का परचेज अधिकारी बताते हुए बड़ी मात्रा में पेपर की आवश्यकता होने की बात कही। उसने बताया कि खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से होनी है। इरशाद ने कम दरों का हवाला देते हुए सप्लाई से इन्कार किया, लेकिन आरोपी ने कोटेशन मंगाकर उसे स्वीकृत होने की जानकारी दी और ऑर्डर दे दिया। बाद में उसने अपने परिचित वेंडर से तत्काल माल उपलब्ध कराने की बात कहकर संपर्क कराया।
आरोप है कि झांसे में आकर इरशाद ने 51.62 लाख रुपये की लागत से करीब 17 हजार पेपर खरीदकर सप्लाई कर दी। इसके एवज में रौनक एंटरप्राइजेज के पार्टनर द्रिवेंद्र पाठक के कहने पर आफरीन हुसैन सैयद के खाते में 33.36 लाख रुपये का भुगतान कराया गया। वेंडर ने माल भेजने की पुष्टि की और निराला मदन ने माल प्राप्त होने की जानकारी दी। इसके बाद बिल के सापेक्ष केवल 3.65 लाख रुपये का भुगतान किया गया। शेष राशि मांगने पर आरोपी पक्ष ने 14.63 लाख और 17.65 लाख रुपये के दो चेक दिए। चेकों पर एसीजेएम, बोरीवली के परचेज अधिकारी की मुहर लगी हुई थी।
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जब चेकों का भुगतान नहीं हुआ तो निराला मदन ने अकाउंट ऑफिसर महेश चौहान का हवाला देते हुए बैंक संबंधी औपचारिकताओं का बहाना बनाया। काफी समय तक टालमटोल के बाद उसने तीन जुलाई को 58.36 लाख रुपये के भुगतान का एक और चेक देने की बात कही, लेकिन वह भी भुन नहीं सका। जांच-पड़ताल में इरशाद को पता चला कि निराला मदन का वास्तविक नाम पुनीत वेदप्रकाश बगड़िया है। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। आरोप है कि रुपये मांगने पर माल वापस लेने के नाम पर भी धोखाधड़ी की गई।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने द्रिवेंद्र पाठक, निराला मदन उर्फ पुनीत वेदप्रकाश बगड़िया, आफरीन हुसैन सैयद, महेश चौहान समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाली थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि कारोबारी से व्यापारिक लेनदेन के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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झांसी। मुंबई की बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेपर सप्लाई का झांसा देकर झांसी के एक कारोबारी से 51 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। खुद को कोर्ट का परचेज अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने बड़े ऑर्डर का लालच देकर कारोबारी से माल खरीदवाया और भुगतान के नाम पर फर्जी चेक थमा दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने खाताधारक सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के सराय जामा मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद इरशाद की मोहम्मद एंटरप्राइजेज नाम से फर्म है। इरशाद के अनुसार, 24 अप्रैल को उनके पास निराला मदन नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को मुंबई की बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट का परचेज अधिकारी बताते हुए बड़ी मात्रा में पेपर की आवश्यकता होने की बात कही। उसने बताया कि खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से होनी है। इरशाद ने कम दरों का हवाला देते हुए सप्लाई से इन्कार किया, लेकिन आरोपी ने कोटेशन मंगाकर उसे स्वीकृत होने की जानकारी दी और ऑर्डर दे दिया। बाद में उसने अपने परिचित वेंडर से तत्काल माल उपलब्ध कराने की बात कहकर संपर्क कराया।
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आरोप है कि झांसे में आकर इरशाद ने 51.62 लाख रुपये की लागत से करीब 17 हजार पेपर खरीदकर सप्लाई कर दी। इसके एवज में रौनक एंटरप्राइजेज के पार्टनर द्रिवेंद्र पाठक के कहने पर आफरीन हुसैन सैयद के खाते में 33.36 लाख रुपये का भुगतान कराया गया। वेंडर ने माल भेजने की पुष्टि की और निराला मदन ने माल प्राप्त होने की जानकारी दी। इसके बाद बिल के सापेक्ष केवल 3.65 लाख रुपये का भुगतान किया गया। शेष राशि मांगने पर आरोपी पक्ष ने 14.63 लाख और 17.65 लाख रुपये के दो चेक दिए। चेकों पर एसीजेएम, बोरीवली के परचेज अधिकारी की मुहर लगी हुई थी।
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जब चेकों का भुगतान नहीं हुआ तो निराला मदन ने अकाउंट ऑफिसर महेश चौहान का हवाला देते हुए बैंक संबंधी औपचारिकताओं का बहाना बनाया। काफी समय तक टालमटोल के बाद उसने तीन जुलाई को 58.36 लाख रुपये के भुगतान का एक और चेक देने की बात कही, लेकिन वह भी भुन नहीं सका। जांच-पड़ताल में इरशाद को पता चला कि निराला मदन का वास्तविक नाम पुनीत वेदप्रकाश बगड़िया है। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। आरोप है कि रुपये मांगने पर माल वापस लेने के नाम पर भी धोखाधड़ी की गई।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने द्रिवेंद्र पाठक, निराला मदन उर्फ पुनीत वेदप्रकाश बगड़िया, आफरीन हुसैन सैयद, महेश चौहान समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाली थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि कारोबारी से व्यापारिक लेनदेन के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।