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Jhansi: मानसून का एक माह पूरा, नालों की सफाई का दावा अधूरा, तीन फर्मों को नगर निगम थमा चुका नोटिस
Fri, 17 Jul 2026 12:28 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:28 PM IST
सार
जिन जगहों पर सफाई पूरी होने का दवा स्वास्थ्य और निर्माण विभाग कर रहा है, वो हवा-हवाई है। लेटलतीफी और गुणवत्तापूर्ण काम न करने पर तीन बड़े नालों के फर्म संचालकों को नगर निगम की ओर से नोटिस दिया जा चुका है।
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नगर निगम, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मानसूनी सीजन शुरू होने के बाद भी महानगर में कुछ नालों की सफाई का काम अब भी पूरा नहीं हो पाया है। जहां सफाई पूरी होने का दवा स्वास्थ्य और निर्माण विभाग कर रहा है, वो भी हवा-हवाई है। इससे पहले लेटलतीफी और गुणवत्तापूर्ण काम न करने पर तीन बड़े नालों के फर्म संचालकों को नगर निगम की ओर से नोटिस भी थमा चुका है।
झांसी में मानसूनी सीजन 15 जून से 15 सितंबर तक माना जाता है। नगर निगम की ओर से मई में नालों की सफाई का काम शुरू करवाया गया था। इसमें 259 छोटे और 79 मध्यम नालों की सफाई का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग को दिया है। बताया गया कि इनमें वार्ड 11 सैंयर गेट के नाले की सफाई सिर्फ 80 फीसदी हो पाई है। जबकि, वार्ड 18 कानपुर रोड से नई तहसील की ओर जाने वाले नाले का काम 90 प्रतिशत ही पूर्ण हुआ है। कुछ और मध्यम नालों का काम अभी पूरा होना बाकी है। वहीं, निर्माण विभाग की ओर से महानगर में 14 बड़े नालों की सफाई करवाई जा रही है।
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झांसी में मानसूनी सीजन 15 जून से 15 सितंबर तक माना जाता है। नगर निगम की ओर से मई में नालों की सफाई का काम शुरू करवाया गया था। इसमें 259 छोटे और 79 मध्यम नालों की सफाई का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग को दिया है। बताया गया कि इनमें वार्ड 11 सैंयर गेट के नाले की सफाई सिर्फ 80 फीसदी हो पाई है। जबकि, वार्ड 18 कानपुर रोड से नई तहसील की ओर जाने वाले नाले का काम 90 प्रतिशत ही पूर्ण हुआ है। कुछ और मध्यम नालों का काम अभी पूरा होना बाकी है। वहीं, निर्माण विभाग की ओर से महानगर में 14 बड़े नालों की सफाई करवाई जा रही है।
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इंद्रपुरी कॉलोनी के पास गंदगी से पटा नाला।
- फोटो : संवाद
बताया गया कि शुक्रवार को ही निर्माण विभाग ने दवा किया कि सभी बड़े नालों की शत-प्रतिशत सफाई पूरी हो चुकी है लेकिन आतिया ताल से होकर पठौरिया जाने वाले नाले में ही कई जगहों पर गंदगी जमा दिखाई दी। पार्षद प्रवीण लखेरा का कहना है कि नाले की अच्छी तरह से सफाई नहीं की गई है। अवर अभियंता निरीक्षण करने के लिए आए, उसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कई बार नगर निगम से रोबोट मांगने के बाद भी नहीं दिया गया। ऐसे में जहां नाला संकरा है, वहां सफाई नहीं हो पाई। इसी तरह, वार्ड 33 के पार्षद राहुल कुशवाहा का कहना है कि पीएनबी एटीएम से लक्ष्मीताल तक करीब दो फीट सिल्ट जमी हुई है। नाले की सही से सफाई नहीं कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लक्ष्मी ताल से एसटीपी प्लांट की ओर जाने वाले नाले की सफाई पूरी होने का दावा किया गया है, वहां भी जबरदस्त गंदगी जमा है।
वहीं, नालों की सफाई ठीक से न होने पर नगर निगम प्रशासन भी फर्मों से जवाब-तलब कर चुका है। बताया गया कि नगर निगम प्रशासन ने हाल ही में वार्ड 12 में गरियाफाटक से कब्रिस्तान तक नाला सफाई का काम कर रही फर्म को नोटिस जारी किया थाा। इसी तरह, वार्ड दो, चार और 14 में क्रिश्चियन हॉस्पिटल से दुर्गिया नाला होते हुए कैलाश रेजिडेंसी तक और वार्ड 27 में सीपी पैलेस से शिवाजी नगर होते हुए पिछोर की पुलिया तक नाला सफाई कर रही फर्म को भी नोटिस थमाया गया। इन सभी नालों की सफाई का काम धीमा होने के साथ ही संतोषजनक भी नहीं मिला था। मुख्य अभियंता राजवीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सभी नालों की शत-प्रतिशत सफाई का काम पूरा हो गया है।
बड़े नालों को साफ करने में 59.60 लाख का व्यय
नगर निगम की ओर से जो 14 बड़े नालों की सफाई करवाई जा रही है, उसमें 59.60 लाख रुपये का व्यय होगा। इन सभी नालों की कुल लंबाई 21.35 किलोमीटर है। सभी नालों की सफाई की निगरानी और रिपोर्ट देने के लिए अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई।
छोटे और मध्यम नालों की सफाई में लगे 90 कर्मी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से छोटे और मध्यम नालों की सफाई नाला गैंग से करवाई जा रही है। इसके लिए करीब 90 कर्मचारी लगाए गए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से 140 कर्मचारियों की मांग की गई थी।
इनका यह है कहना
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिकांश नालों की सफाई का काम पूर्ण किया जा चुका है। निर्माण विभाग के नालों की सफाई भी पूर्ण है। तीन नालों की सफाई धीमी गति और संतोषजनक न मिलने पर संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जा चुका है। - राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त।
वहीं, नालों की सफाई ठीक से न होने पर नगर निगम प्रशासन भी फर्मों से जवाब-तलब कर चुका है। बताया गया कि नगर निगम प्रशासन ने हाल ही में वार्ड 12 में गरियाफाटक से कब्रिस्तान तक नाला सफाई का काम कर रही फर्म को नोटिस जारी किया थाा। इसी तरह, वार्ड दो, चार और 14 में क्रिश्चियन हॉस्पिटल से दुर्गिया नाला होते हुए कैलाश रेजिडेंसी तक और वार्ड 27 में सीपी पैलेस से शिवाजी नगर होते हुए पिछोर की पुलिया तक नाला सफाई कर रही फर्म को भी नोटिस थमाया गया। इन सभी नालों की सफाई का काम धीमा होने के साथ ही संतोषजनक भी नहीं मिला था। मुख्य अभियंता राजवीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सभी नालों की शत-प्रतिशत सफाई का काम पूरा हो गया है।
बड़े नालों को साफ करने में 59.60 लाख का व्यय
नगर निगम की ओर से जो 14 बड़े नालों की सफाई करवाई जा रही है, उसमें 59.60 लाख रुपये का व्यय होगा। इन सभी नालों की कुल लंबाई 21.35 किलोमीटर है। सभी नालों की सफाई की निगरानी और रिपोर्ट देने के लिए अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई।
छोटे और मध्यम नालों की सफाई में लगे 90 कर्मी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से छोटे और मध्यम नालों की सफाई नाला गैंग से करवाई जा रही है। इसके लिए करीब 90 कर्मचारी लगाए गए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से 140 कर्मचारियों की मांग की गई थी।
इनका यह है कहना
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिकांश नालों की सफाई का काम पूर्ण किया जा चुका है। निर्माण विभाग के नालों की सफाई भी पूर्ण है। तीन नालों की सफाई धीमी गति और संतोषजनक न मिलने पर संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जा चुका है। - राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त।