{"_id":"6a515ede5995be5f0303a7f2","slug":"leptospirosis-hits-medical-college-four-year-old-girl-admitted-jhansi-news-c-11-jhs1019-832615-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: मेडिकल कॉलेज में लेप्टोस्पायरोसिस की दस्तक, चार वर्षीय बच्ची में बैक्टीरियल संक्रमण की हुई पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: मेडिकल कॉलेज में लेप्टोस्पायरोसिस की दस्तक, चार वर्षीय बच्ची में बैक्टीरियल संक्रमण की हुई पुष्टि
Sat, 11 Jul 2026 02:36 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Updated Sat, 11 Jul 2026 02:36 AM IST
सार
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण का पहला गंभीर मरीज भर्ती हुआ है। दतिया जिले की चार वर्षीय बच्ची में बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
झांसी मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरसात के मौसम के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। इसी बीच महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण का पहला गंभीर मरीज भर्ती हुआ है। दतिया जिले की चार वर्षीय बच्ची में बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमण के कारण उसके लिवर में सूजन आ गई है और पीलिया भी हो गया है। चिकित्सक उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बाल रोग विभाग के वार्ड नंबर-5 में भर्ती दतिया जिले के बसई थाना क्षेत्र स्थित वर्धमा गांव की चार वर्षीय बच्ची को तेज बुखार, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत होने पर मेडिकल कॉलेज लाया गया था। शुरुआती जांच के बाद उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इलाज के दौरान बच्ची को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई तो चिकित्सकों ने विस्तृत जांच कराई। जांच में लिवर में सूजन और पीलिया के लक्षण मिलने पर बैक्टीरियल संक्रमण की जांच कराई गई, जिसमें लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि हुई। चिकित्सकों के अनुसार समय पर इलाज शुरू होने से बच्ची की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
क्या है लेप्टोस्पायरोसिस
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी के अनुसार लेप्टोस्पायरोसिस बैक्टीरियल संक्रमण है, जो संक्रमित कुत्तों और अन्य पशुओं के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से फैलता है। यदि शरीर पर कहीं कट या घाव हो तो बैक्टीरिया उसी रास्ते शरीर में प्रवेश कर सकता है। बरसात के मौसम में जलभराव के कारण इसका खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
यह हैं लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना
सिरदर्द
मांसपेशियों में तेज दर्द
उल्टी और पेट दर्द
लिवर में सूजन
पीलिया
विज्ञापन
बाल रोग विभाग के वार्ड नंबर-5 में भर्ती दतिया जिले के बसई थाना क्षेत्र स्थित वर्धमा गांव की चार वर्षीय बच्ची को तेज बुखार, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत होने पर मेडिकल कॉलेज लाया गया था। शुरुआती जांच के बाद उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इलाज के दौरान बच्ची को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई तो चिकित्सकों ने विस्तृत जांच कराई। जांच में लिवर में सूजन और पीलिया के लक्षण मिलने पर बैक्टीरियल संक्रमण की जांच कराई गई, जिसमें लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि हुई। चिकित्सकों के अनुसार समय पर इलाज शुरू होने से बच्ची की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
विज्ञापन
क्या है लेप्टोस्पायरोसिस
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी के अनुसार लेप्टोस्पायरोसिस बैक्टीरियल संक्रमण है, जो संक्रमित कुत्तों और अन्य पशुओं के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से फैलता है। यदि शरीर पर कहीं कट या घाव हो तो बैक्टीरिया उसी रास्ते शरीर में प्रवेश कर सकता है। बरसात के मौसम में जलभराव के कारण इसका खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
यह हैं लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना
सिरदर्द
मांसपेशियों में तेज दर्द
उल्टी और पेट दर्द
लिवर में सूजन
पीलिया