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Kannauj News: काली नदी पर 17.75 करोड़ से बनेगा पुल, 75 गांवों को राहत
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कन्नौज। इत्रनगरी की जनता के लिए राहत भरी खबर है। काली नदी पर 17.75 करोड़ की लागत से पुल बनने जा रहा है। इससे कन्नौज और फर्रुखाबाद के बीच की 25 किलोमीटर की दूरी कम होगी और आसपास के 75 गांवों की आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
इत्रनगरी को फर्रुखाबाद से जोड़ने के लिए छिबरामऊ के हरिवल्लभपुर में पुल बना है। कन्नौज के लोगों को फर्रुखाबाद जाने के लिए अभी छिबरामऊ जाना पड़ता है। मुख्यमंत्री योगी ने कन्नौज और फर्रुखाबाद को जोड़ने के लिए काली नदी पर एक और पुल बनाने की अनुमति दी। पुल कन्नौज के फरीदपुर और फर्रुखाबाद के दुर्गूपुर के बीच में बनेगा। इसको बनाने में 17.75 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
पुल का निर्माण अप्रैल से शुरू हो जाएगा और इसे पूरा करने का लक्ष्य 2026 निर्धारित किया गया है। पुल के निर्माण से कन्नौज के 25, फर्रुखाबाद और मैनपुरी के 50 गांवों की राह आसान हो जाएगी। सेतु निगम इस परियोजना के तहत काली नदी पर दो लेन का दीर्घ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी कराएगा। इसके लिए 621.45 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडेय ने बताया कि उन्होंने और भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री से इस पुल की मांग की थी। सरकार ने न केवल इसे मंजूरी दी है, बल्कि सेतु निगम को बजट भी आवंटित कर दिया है। इससे दोनों जनपदों को लाभ मिलेगा।
इन गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ
कन्नौज के फरीदपुर, दीनपुर, मानपुर, दलीपपुर, अरुआ, मेरापुर, प्रेमपुर, गडिया, डालूपुर, सुल्तानपुर, हरकरनपुर, बरी, सरायगोपाल समेत 25 गांव हैं। इस प्रकार फर्रुखाबाद के दुर्गपुर पास नवादा, ईसेपुर, हैदरपुर, जमुनापुर, करनपुर, ऊगपुर समेत करीब 25 गांवों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा मैनपुरी और कन्नौज बॉर्डर के आनंदपुर, जसमई, मधुपुर, मुरई, फतेहपुर, जोत, श्यामपुर भटपुरा, मधुकरनपुर समेत 24 से अधिक गांव हैं।
बाबा नीब करौरी धाम जाने में नहीं होगी परेशानी
फर्रुखाबाद में कई धार्मिक स्थल हैं, जिसमें बाबा नीब करौरी धाम, संकिसा, कंपिल शामिल हैं। इत्रनगरी के लोगों को धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए लंबा फेर लगाना पड़ता था। अब बाबा नीब करौरी धाम समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए 25 किलोमीटर का फेर नहीं लगाना पड़ेगा और समय भी बचेगा।
आसानी से होंगे आनंदी देवी के दर्शन
प्रेमपुर के माधौनगर में प्रसिद्ध आनंदी देवी मंदिर है, जहां पर दर्शन करने के लिए फर्रुखाबाद से भी श्रद्धालु आते हैं। इन श्रद्धालुओं को छिबरामऊ नहीं जाना पड़ेगा और वह सीधे प्रेमपुर से मंदिर तक पहुंच जाएंगे। वहीं, छिबरामऊ मंडी की दूरी भी आसपास के गांवों के लोगों के लिए कम हो जाएगी।
वर्जन
कन्नौज और फर्रुखाबाद के बीच यह काली नदी का छठा पुल है। पहला रामाश्रम, दूसरा नगला भगवंत, तीसरा जसुआमई, चौथा हरिवल्लभपुर, पांचवां कुंअरपुर करनौली है। फरीदपुर में बनने वाला यह छठा पुल है, जिसकी लागत 17.75 करोड़ है, जिसमें 6.21 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इससे तटवर्ती कई गांवों की दूरी कम हो जाएगी।
-वीरेंद्र चतुर्वेदी, सहायक अभियंता, सेतु निगम
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पुल का निर्माण अप्रैल से शुरू हो जाएगा और इसे पूरा करने का लक्ष्य 2026 निर्धारित किया गया है। पुल के निर्माण से कन्नौज के 25, फर्रुखाबाद और मैनपुरी के 50 गांवों की राह आसान हो जाएगी। सेतु निगम इस परियोजना के तहत काली नदी पर दो लेन का दीर्घ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी कराएगा। इसके लिए 621.45 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडेय ने बताया कि उन्होंने और भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री से इस पुल की मांग की थी। सरकार ने न केवल इसे मंजूरी दी है, बल्कि सेतु निगम को बजट भी आवंटित कर दिया है। इससे दोनों जनपदों को लाभ मिलेगा।
इन गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ
कन्नौज के फरीदपुर, दीनपुर, मानपुर, दलीपपुर, अरुआ, मेरापुर, प्रेमपुर, गडिया, डालूपुर, सुल्तानपुर, हरकरनपुर, बरी, सरायगोपाल समेत 25 गांव हैं। इस प्रकार फर्रुखाबाद के दुर्गपुर पास नवादा, ईसेपुर, हैदरपुर, जमुनापुर, करनपुर, ऊगपुर समेत करीब 25 गांवों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा मैनपुरी और कन्नौज बॉर्डर के आनंदपुर, जसमई, मधुपुर, मुरई, फतेहपुर, जोत, श्यामपुर भटपुरा, मधुकरनपुर समेत 24 से अधिक गांव हैं।
बाबा नीब करौरी धाम जाने में नहीं होगी परेशानी
फर्रुखाबाद में कई धार्मिक स्थल हैं, जिसमें बाबा नीब करौरी धाम, संकिसा, कंपिल शामिल हैं। इत्रनगरी के लोगों को धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए लंबा फेर लगाना पड़ता था। अब बाबा नीब करौरी धाम समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए 25 किलोमीटर का फेर नहीं लगाना पड़ेगा और समय भी बचेगा।
आसानी से होंगे आनंदी देवी के दर्शन
प्रेमपुर के माधौनगर में प्रसिद्ध आनंदी देवी मंदिर है, जहां पर दर्शन करने के लिए फर्रुखाबाद से भी श्रद्धालु आते हैं। इन श्रद्धालुओं को छिबरामऊ नहीं जाना पड़ेगा और वह सीधे प्रेमपुर से मंदिर तक पहुंच जाएंगे। वहीं, छिबरामऊ मंडी की दूरी भी आसपास के गांवों के लोगों के लिए कम हो जाएगी।
वर्जन
कन्नौज और फर्रुखाबाद के बीच यह काली नदी का छठा पुल है। पहला रामाश्रम, दूसरा नगला भगवंत, तीसरा जसुआमई, चौथा हरिवल्लभपुर, पांचवां कुंअरपुर करनौली है। फरीदपुर में बनने वाला यह छठा पुल है, जिसकी लागत 17.75 करोड़ है, जिसमें 6.21 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इससे तटवर्ती कई गांवों की दूरी कम हो जाएगी।
-वीरेंद्र चतुर्वेदी, सहायक अभियंता, सेतु निगम