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Kannauj News: सुगंध, संस्कृति और परंपरा का दिखा अनूठा संगम
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कन्नौज। इत्र और इतिहास की विरासत को संजोए शहर में चल रहे तीन दिवसीय इत्रोत्सव का समापन मंगलवार को हुआ। इस उत्सव ने शहर की फिजाओं को सुगंधित किया, बल्कि यहां की सदियों पुरानी इत्र कला को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान भी दी। उत्सव के दौरान फिजाएं गुलाब, बेला और मिट्टी की सोंधी खुशबू से सराबोर रहीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इत्र बनाने की पारंपरिक डेग भभका विधि का सजीव प्रदर्शन रहा, जिसे देख देश-विदेश से आए आगंतुक मंत्रमुग्ध हो गए।
कारीगरों और उद्यमियों ने अपने स्टॉल के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक संध्याओं में लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधा। इससे स्थानीय लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सरकारी स्टॉल्स के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आम जनमानस को जागरूक किया गया। जिला प्रशासन और इत्र व्यापारियों के साझा प्रयासों से यह महोत्सव संपन्न हुआ।
इत्रोत्सव में कन्नौज की पारंपरिक इत्र निर्माण कला को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। विभिन्न स्टॉलों पर गुलाब, चमेली, बेला, मोगरा, केवड़ा, रजनीगंधा, जूही और खस जैसे फूलों से तैयार अतर प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों को कन्नौज की समृद्ध इत्र विरासत से परिचित कराया गया। सूचना विभाग द्वारा लगाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। फूड स्टॉलों पर आगंतुकों ने विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया, वहीं आकर्षक सेल्फी पॉइंट भी थे।
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि इसका लक्ष्य कारीगरों और उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराना भी था। सरकार इत्र उद्योग को बढ़ावा देने, उत्पादन और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह उत्सव केवल इत्र उद्योग तक सीमित न रहकर कन्नौज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का भी उत्सव बन गया है।
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कारीगरों और उद्यमियों ने अपने स्टॉल के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक संध्याओं में लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधा। इससे स्थानीय लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सरकारी स्टॉल्स के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आम जनमानस को जागरूक किया गया। जिला प्रशासन और इत्र व्यापारियों के साझा प्रयासों से यह महोत्सव संपन्न हुआ।
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इत्रोत्सव में कन्नौज की पारंपरिक इत्र निर्माण कला को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। विभिन्न स्टॉलों पर गुलाब, चमेली, बेला, मोगरा, केवड़ा, रजनीगंधा, जूही और खस जैसे फूलों से तैयार अतर प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों को कन्नौज की समृद्ध इत्र विरासत से परिचित कराया गया। सूचना विभाग द्वारा लगाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। फूड स्टॉलों पर आगंतुकों ने विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया, वहीं आकर्षक सेल्फी पॉइंट भी थे।
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि इसका लक्ष्य कारीगरों और उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराना भी था। सरकार इत्र उद्योग को बढ़ावा देने, उत्पादन और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह उत्सव केवल इत्र उद्योग तक सीमित न रहकर कन्नौज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का भी उत्सव बन गया है।