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Kannauj News: गर्मी बढ़ते ही स्वास्थ्य मेले में मरीजों की संख्या बढ़ी
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कन्नौज। नौतपा के बाद भीषण गर्मी पड़ते ही जिले की 36 पीएचसी पर रविवार को आयोजित होने वाले आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 1611 मरीजों ने इलाज कराया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की जांच, उपचार, परामर्श, टीकाकरण और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
सीएसओ विकास चंद्रा के निर्देशन में आयोजित मेले का निरीक्षण नोडल अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने किया। मेले में 738 पुरुष, 654 महिलाएं और 219 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण सेवाएं, हेपेटाइटिस-बी एवं सी की जांच, टीबी संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग तथा नेत्र रोगियों की जांच भी की गई।आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के 35 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए, जिससे उन्हें पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर चिकित्सकों और स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। अधिकारियों के अनुसार ऐसे स्वास्थ्य मेलों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज और जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
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सीएसओ विकास चंद्रा के निर्देशन में आयोजित मेले का निरीक्षण नोडल अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने किया। मेले में 738 पुरुष, 654 महिलाएं और 219 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण सेवाएं, हेपेटाइटिस-बी एवं सी की जांच, टीबी संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग तथा नेत्र रोगियों की जांच भी की गई।आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के 35 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए, जिससे उन्हें पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर चिकित्सकों और स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। अधिकारियों के अनुसार ऐसे स्वास्थ्य मेलों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज और जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।