सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Expansion of industrial area captured in files for 38 years

Kannauj News: औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार 38 साल से फाइलों में कैद

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 12:05 AM IST
विज्ञापन
Expansion of industrial area captured in files for 38 years
विज्ञापन
कन्नौज। खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर इत्रनगरी का मकरंदनगर औद्योगिक क्षेत्र पिछले 38 वर्षों से अपने विस्तार की राह देख रहा है। वर्ष 1986 में स्थापित इस औद्योगिक क्षेत्र में तब से अब तक कोई नया विस्तार नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय उद्यमियों और इत्र कारोबारियों में भारी नाराजगी है। यहां सुविधाओं का भी अभाव है तो विस्तारीकरण के लिए जमीन भी नहीं है। सरकार का फोकस सिर्फ इत्र पार्क और इंडस्ट्रियल कॉरीडोर पर है, जिससे मकरंदनगर औद्योगिक क्षेत्र पिछड़ता जा रहा है।
Trending Videos

मकरंदनगर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के समय 62 भूखंड (प्लॉट) उद्यमियों को आवंटित किए गए थे। वर्तमान में इन सभी भूखंडों पर इत्र, अगरबत्ती और धूपबत्ती की इकाइयां संचालित हो रही हैं। समस्या यह है कि यह क्षेत्र अब पूरी तरह भर चुका है। नए उद्यमियों के लिए यहां जगह की किल्लत है। जिले में 200 नई और पुरानी इत्र इकाइयों को स्थापित करने के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है पर विस्तार न होने के कारण निवेश रुका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकांश इत्र कारोबारी तो अपने आवासों या खेतों में कारखाने चला रहे हैं। गलियाें में इत्र की भट्ठियां धधकने से प्रदूषण भी हो रहा है तो गर्मी भी बढ़ रही है। इत्र पार्क शहर से 20 किलोमीटर दूर है, इस वजह से वहां लोग कारोबार स्थापित करने से कतरा रहे हैं जबकि वह क्षेत्र आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे पर है। वहीं, अलीपुर अहाना में यूपीडा द्वारा भी इंडस्ट्रियल कॉरीडोर स्थापित करने की कवायद चल रही है।
विस्तार के लिए न बजट और न ही जमीन

मकरंदनगर औद्योगिक क्षेत्र के आसपास की भूमि का अधिग्रहण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहा है। जिले के अन्य औद्योगिक गलियारों में भी किसानों द्वारा भूमि देने से इन्कार करने के कारण परियोजनाएं अधर में लटकी हैं। उद्यमियों का आरोप है कि पिछले तीन दशकों में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन मकरंदनगर के विस्तार के लिए ठोस योजना या बजट आवंटित नहीं किया गया।इनसेट---
अधूरी रह गई पीएनजी पाइप लाइन की आस
शहर के उद्यमी लंबे समय से प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (पीएनजी) की मांग कर रहे हैं ताकि कोयले और कंडे की भट्ठियों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके। बुनियादी सुविधाओं की इस कमी ने भी विस्तार की गति को धीमा रखा है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के साथ कारोबारियों की कई बैठकें हुईं, लेकिन कागजी कार्रवाई और तकनीकी पेचों के कारण विस्तार की फाइल शासन और प्रशासन के बीच घूमती रही है।
बोले कारोबारी--
फोटो :31: नलिन मिश्रा, उद्योगपति
प्रशासन अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल सिटी और इत्र पार्क विकसित करने पर ध्यान दे रहा है, लेकिन मकरंदनगर जैसे स्थापित केंद्रों की अनदेखी की जा रही है। यही वजह है कि 38 साल से इसका विस्तार नहीं हो पाया है।
-नलिन मिश्रा, इत्र उद्यमी
----------------
फोटो :32: प्रखर कपूर, उद्योगपति
यदि मकरंदनगर का विस्तार समय रहते हो जाता, तो आज कन्नौज का निर्यात और रोजगार कई गुना अधिक होता। अब देखना यह है कि क्या भविष्य में सरकार इस पुराने औद्योगिक केंद्र की सुध लेती है या इसकी खुशबू फाइलों के ढेर में ही दबी रहेगी।

-प्रखर कपूर, उद्योगपति
-------------------
फोटो :33: पवन त्रिवेदी, अध्यक्ष द अतर्स एंड परफ्यूमर्स एसोसिएशन
मकरंदनगर औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए एमएसएमई मंत्रालय समेत प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से भी वार्ता की गई थी। औद्योगिक क्षेत्र के आसपास जो खाली जमीन थी, पहले स्टेडियम के नाम आवंटित की गई थी। इसके बाद उसमें मॉडल स्कूल बनने लगा है। इस दिशा में सरकार व उद्योग विभाग कोई रुचि नहीं दिखा रहा है।
-पवन त्रिवेदी, अध्यक्ष - द अतर्स एंड परफ्यूमर्स एसोसिएशन
-------------------
वर्जन
मकरंदनगर औद्योगिक क्षेत्र के विस्तारीकरण के लिए आसपास कोई जमीन नहीं मिल रही है, इसलिए ठठिया क्षेत्र के जनखत गांव में 61 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। जो कारोबारी प्लॉट लेना चाहें, वह आवेदन कर सकते हैं।
-प्रेमकांत, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed