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Kannauj News: कोर्ट के आदेश के 12 साल बाद जमीन पर मिला कब्जा
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33: जमीन को खाली करती जेसीबी व मौजूद न्यायालय अमीन व पुलिस कर्मी। संवाद
17 साल कोर्ट में संघर्ष, 12 साल अफसरों की चौखट के लगाए चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
छिबरामऊ। भूमि विवाद में कोर्ट ने ग्राम बहवलपुर के रामनरेश के पक्ष में सात जनवरी 2013 में आदेश पारित किया। कोर्ट के आदेश के बाद भी किसान नेता व उनके साथियों ने जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया। जमीन पर कब्जा के लिए 12 सालों तक अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। आखिर में सोमवार को कोर्ट अमीन व भारी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन से जमीन खाली कराकर कब्जा दखल दिलाया।
ग्राम बहवलपुर निवासी रामनरेश ने अपनी विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराया था, जिस पर विपक्षियों ने लगातार रुकावटें उत्पन्न कीं। उन्होंने 13 नवंबर 1997 को न्यायालय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन छिबरामऊ में वाद दायर किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सात जनवरी 2013 को कोर्ट ने पीड़ित के पक्ष में निर्णय देकर 11 जनवरी को डिक्री पारित की। इसके उपरांत प्रतिवादियों की ओर से की गई।
अपील को भी चार अगस्त 2014 को खारिज कर कोर्ट ने निर्णय पीड़ित के पक्ष में बहाल रखा। इसके बाद भी बहवलपुर के ही एक किसान संगठन के नेता ने साथियों के साथ मिलकर रामनरेश को जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया। 12 सालों तक पीड़ित संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस के साथ ही अफसरों की चौखटों पर दस्तक दी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।
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सोमवार को कोर्ट अमीन सलीम खान, मनोज कुमार तथा कोतवाली प्रभारी कपिल दुबे की अगुवाई में पुलिस बल ग्राम बहवलपुर पहुंचा। पुलिस और प्रशासनिक सतर्कता के बीच कोर्ट के आदेश का पूर्ण निष्पादन कराते हुए पीड़ित पक्ष को शांतिपूर्ण ढंग से भूमि पर कब्जा दिलाया। इस दौरान गांव में किसी भी प्रकार की शांति-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
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17 साल कोर्ट में संघर्ष, 12 साल अफसरों की चौखट के लगाए चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
छिबरामऊ। भूमि विवाद में कोर्ट ने ग्राम बहवलपुर के रामनरेश के पक्ष में सात जनवरी 2013 में आदेश पारित किया। कोर्ट के आदेश के बाद भी किसान नेता व उनके साथियों ने जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया। जमीन पर कब्जा के लिए 12 सालों तक अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। आखिर में सोमवार को कोर्ट अमीन व भारी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन से जमीन खाली कराकर कब्जा दखल दिलाया।
ग्राम बहवलपुर निवासी रामनरेश ने अपनी विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराया था, जिस पर विपक्षियों ने लगातार रुकावटें उत्पन्न कीं। उन्होंने 13 नवंबर 1997 को न्यायालय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन छिबरामऊ में वाद दायर किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सात जनवरी 2013 को कोर्ट ने पीड़ित के पक्ष में निर्णय देकर 11 जनवरी को डिक्री पारित की। इसके उपरांत प्रतिवादियों की ओर से की गई।
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अपील को भी चार अगस्त 2014 को खारिज कर कोर्ट ने निर्णय पीड़ित के पक्ष में बहाल रखा। इसके बाद भी बहवलपुर के ही एक किसान संगठन के नेता ने साथियों के साथ मिलकर रामनरेश को जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया। 12 सालों तक पीड़ित संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस के साथ ही अफसरों की चौखटों पर दस्तक दी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।
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सोमवार को कोर्ट अमीन सलीम खान, मनोज कुमार तथा कोतवाली प्रभारी कपिल दुबे की अगुवाई में पुलिस बल ग्राम बहवलपुर पहुंचा। पुलिस और प्रशासनिक सतर्कता के बीच कोर्ट के आदेश का पूर्ण निष्पादन कराते हुए पीड़ित पक्ष को शांतिपूर्ण ढंग से भूमि पर कब्जा दिलाया। इस दौरान गांव में किसी भी प्रकार की शांति-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।