UP: बीमा क्लेम के लिए पति ने रची खौफनाक साजिश; हमीरपुर में पत्नी को कई बार कार से रौंदा, पति समेत चार अरेस्ट
Hamirpur News: पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करने वाला पति पुलिस जांच में ही फंस गया। महज 48 घंटे की पड़ताल में पुलिस ने सड़क हादसे की परतें हटाकर सुनियोजित हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक पत्नी रीता की हत्या बीमा के 15 लाख रुपये हड़पने और कर्ज चुकाने की साजिश के तहत की गई थी।
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जिन सात फेरों की कसमों को निभाने और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए एक पति अपना पूरा जीवन लगा देता है, वही पति जब चंद पैसों के लालच में अपनी ही पत्नी की मौत का सौदागर बन बैठे, तो रिश्तों पर से विश्वास उठ जाता है।
हमीरपुर जिले से दिल को झकझोर देने वाला ऐसा ही खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक पति ने 15 लाख रुपये के बीमा क्लेम की रकम हड़पने और अपना कर्ज उतारने के लिए अपनी ही जीवनसंगिनी की हत्या की ऐसी साजिश रची, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।
सड़क हादसे का रूप देने के लिए पत्नी को पहले कार से टक्कर मारी गई और फिर सड़क पर लिटाकर बार-बार कार चढ़ाई गई। यही नहीं, खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए आरोपी पति पुलिस के पास जाकर पत्नी की गुमशुदगी का नाटक भी रचता रहा।
लेकिन, कानून के लंबे हाथों से वह बच नहीं सका। हमीरपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 48 घंटे के भीतर इस अंधी हत्या की साजिश से पर्दा उठा दिया और आरोपी पति समेत चार शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।
घटनाक्रम की शुरुआत 29 जुलाई की रात से हुई। ललपुरा थाना क्षेत्र के पौधिया गांव से करीब दो किलोमीटर आगे ट्रक लेन के किनारे खेतों की रखवाली करके लौट रहे स्थानीय किसानों ने एक महिला का क्षत-विक्षत शव पड़ा देखा। शव की हालत देखकर साफ लग रहा था कि उसे किसी भारी वाहन से कुचला गया है। ग्रामीणों की सूचना पर ललपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
तलाशी के दौरान मृतका के कपड़ों से एक बैंक खाते की पर्ची बरामद हुई। इसी पर्ची के आधार पर मृतका की पहचान रीता (32) पत्नी अमर सिंह सविता (निवासी ग्राम बमरौली, थाना मौदहा, हमीरपुर) के रूप में हुई।
रीता का मायका कानपुर देहात के राजपुर में है। बेटी की मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष में कोहराम मच गया। मृतका के पिता सर्वेश कुमार गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि रीता की पहली शादी के बाद उसके पहले पति की मौत हो गई थी, जिसके बाद वह कानपुर में काम करने लगी थी। कानपुर में ही उसकी मुलाकात अमर सिंह से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब ढाई वर्ष पूर्व रीता ने अमर सिंह से प्रेम विवाह कर लिया।
परिजनों के अनुसार, अमर सिंह की यह तीसरी शादी थी। रीता को लगा था कि अमर सिंह के साथ उसकी जिंदगी संवर जाएगी, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस इंसान पर वह भरोसा कर रही है, वही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अमर सिंह और उसके साथियों पर पुष्पेंद्र सोनी उर्फ साहिल नाम के व्यक्ति का काफी पैसा बकाया था। कर्जदार लगातार पैसे वापस करने का दबाव बना रहे थे। कर्ज चुकाने और रातों-रात मोटी रकम हासिल करने के लिए सभी ने मिलकर रीता की बलि चढ़ाने की खौफनाक योजना बनाई।
साजिश के तहत आरोपियों ने सबसे पहले रीता का मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से 15 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया। योजना यह तय हुई थी कि रीता की हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप दिया जाएगा, जिससे बीमा कंपनी से 15 लाख रुपये का क्लेम मिल सके।
इस क्लेम की रकम में से 15 लाख रुपये अमर सिंह को मिलने थे और बाकी बची रकम को अन्य साथियों में बांटा जाना था। तय योजना के मुताबिक, 29 जुलाई की रात अमर सिंह अपनी पत्नी रीता को बहला-फुसलाकर पौधिया नहर मार्ग पर लेकर पहुंचा।
वहां उसके साथी आल्टो कार (UP-78 JT-8448) लेकर पहले से ही घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही रीता वहां पहुंची, आरोपियों ने तेज रफ्तार आल्टो कार से उसे सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि रीता उछलकर सड़क किनारे गड्ढे में गिर गई।
इसके बाद दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए आरोपियों ने उसे गड्ढे से उठाकर दोबारा सड़क पर लिटाया और उसके ऊपर कार चढ़ा दी, ताकि उसकी मौके पर ही मौत हो जाए और मामला पूरी तरह से हिट एंड रन का नजर आए।
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। खुद को बेगुनाह साबित करने और पुलिस की नजरों में धूल झोंकने के लिए शातिर पति अमर सिंह सीधे सुमेरपुर थाने पहुंचा। वहां उसने पुलिस को सूचना दी कि उसकी पत्नी घर से अचानक लापता हो गई है।
जब ललपुरा पुलिस को पौधिया के पास महिला का शव मिलने की सूचना मिली, तो अमर सिंह बहुत ही सामान्य बनते हुए मोर्चरी पहुंचा और शव की पहचान अपनी पत्नी रीता के रूप में की। वह पुलिस के सामने रोने-धोने का नाटक करता रहा ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के निर्देशन में ललपुरा थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स का तकनीकी विश्लेषण किया, तो पति अमर सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
पुलिस ने जब अमर सिंह को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ के ताने-बाने में खुद को बचा नहीं सका और टूट गया। उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए पूरी साजिश की परतें खोल दीं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति अमर सिंह (निवासी बमरौली, मौदहा), अमित गुप्ता उर्फ राम निवासी राजपुर, कानपुर देहात, पुष्पेंद्र सोनी उर्फ साहिल निवासी महोबा और अभय सिंह उर्फ गोलू निवासी फतेहपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई आल्टो कार और एक एयरटेल का सिम कार्ड भी बरामद कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।