मौत का रहस्य: 19 दिन बाद कब्र से निकाला शव, फॉरेंसिक एक्सपर्ट न आने से टला पोस्टमार्टम, बोले- हमें खबर नहीं
Hardoi News: बेहटा गोकुल क्षेत्र में संदिग्ध हालात में जान गंवाने वाले नीरू राठौर का 19 दिन पुराना शव डीएम-एसपी के आदेश पर बुधवार को कब्र से तो निकाल लिया गया, लेकिन पैनल में शामिल फॉरेंसिक एक्सपर्ट के न पहुंचने के कारण दो दिन बीतने पर भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।
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हरदोई जिले में बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के महावीर राठौर को पहले कुदरत ने जख्म दिया और अब सिस्टम उनके जख्मों पर नमक डालने का काम कर रहा है। महावीर के जवान बेटे की मौत संदिग्ध हालात में बीती 10 जुलाई को हो गई थी। डीएम और एसपी से शिकायत करने पर 11 दिन बाद बुधवार को शव पोस्टमार्टम के लिए कब्र से खोदा गया।
दो दिन बीतने को हैं, लेकिन शव का पोस्टमार्टम ही नहीं हो पा रहा है। वजह यह कि पैनल में शामिल एक चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचे। भम्मापुरवा निवासी नीरू (22) बेहटा गोकुल में सकाहा तिराहा के पास मिठाई की दुकान चलाता था। दस जुलाई की सुबह गले और पेट में जलन होने की बात नीरू ने परिजनों से बताई थी।
नीले पड़ चुके थे नाखून
कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई थी। इस पर परिजन शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। यहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इस पर परिजन शव लेकर वापस घर चले गए थे। शव दफन कर दिया गया था। अंतिम संस्कार के दौरान ही परिजनों की निगाह उसके नीले पड़ चुके नाखूनों पर गई, तो संदेह गहरा गया।
शव का पोस्टमार्टम कराने की लगाई गुहार
इसके बाद मृतक के पिता महावीर ने डीएम और एसपी से शव का पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई। दोनों अधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार और प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में बुधवार को शव भी निकाल लिया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी होनी है और चिकित्सकों का पैनल भी गठित है।
डॉ. अमित पोस्टमार्टम करने के लिए पहुंचे ही नहीं
पैनल में डिप्टी सीएमओ डॉ. पंकज मिश्रा, पिहानी सीएचसी के सर्जन डॉ. राजेश सरोज, सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के आर्थोपेडिक सर्जन डा. देवऋषी गुप्ता और मेडिकल कॉलेज के फॉरेसिक एक्सपर्ट डॉ. अमित शामिल हैं। बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। वजह यह कि डॉ. अमित पोस्टमार्टम करने के लिए पहुंचे ही नहीं।
पैनल में शामिल नाम और डॉक्टर को पता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी ने पूरे मामले पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट डा. अमित से बात की। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की परीक्षाएं चल रही हैं। उसी में व्यस्त हैं। पैनल में शामिल होने की जानकारी से ही उन्होंने इनकार कर दिया। कहा कि कोई बताएगा या कोई सूचना देगा, तभी तो पोस्टमार्टम करने जाएंगे। उधर दूसरी ओर सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय का दावा है कि पैनल 28 जुलाई को ही गठित कर दिया गया था और इसकी प्रतिलिपि भी मेडिकल कॉलेज को भेज दी गई थी।