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UP: ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच युद्ध, 500 करोड़ से ज्यादा का माल और 40 लाख का कुल्फी का ऑर्डर रुका
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 02 Mar 2026 10:07 AM IST
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सार
ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चलते सौ करोड़ के चमड़ा उत्पाद बीच समुद्र में रुक गए हैं। 400 करोड़ से ज्यादा के उत्पाद फैक्टरियों में रखे हैं। माल डिलीवर होने के रास्ते बंद होने से समस्या बढ़ गई है। दुबई जाने वाला 500 करोड़ से ज्यादा का माल रुक गया है। उद्यमी परेशान हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव।
- फोटो : आईएनएस
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विस्तार
ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चलते शहर से दुबई में होने वाला कारोबार थम गया है। 400 करोड़ से ज्यादा के चमड़ा, कपड़ा, मशीनरी, मसाले समेत अन्य उत्पाद फैक्टरियों में तैयार रखे हैं पर माल डिलीवर होने के रास्ते बंद हैं। अकेले चमड़े के सौ करोड़ के उत्पाद बीच समुद्र में रुके हैं। पहले अमेरिकी ट्रैरिफ और अब युद्ध के चलते उद्यमियों को फिर आर्थिक चोट लगी है।
आयात निर्यात विशेषज्ञ जफर फिरोज ने बताया कि युद्ध शुरू होने से खाड़ी देशों में जाने वाला माल रोक दिया गया है। आने वाले दिनों तक चमड़ा समेत अन्य कारोबारों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 300-400 रुपये का अकेले चमड़े का माल फैक्टरियों में बना रखा है।
इसके अलावा 100 करोड़ रुपये का माल जो कुछ दिन दिन पहले पानी के जहाज से दुबई के लिए भेजा गया था, वह आधे रास्ते ही पहुंचा है। कारोबारियों को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। उसे आगे भेजें या वापस बुलाएं। आगे भेजने का तो सवाल ही नहीं है क्योंकि एयरपोर्ट के अलावा पोर्ट भी बंद है। अगर वापस बुलाते हैं तो अतिरिक्त किराये का बोझ बढ़ जाएगा।
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आयात निर्यात विशेषज्ञ जफर फिरोज ने बताया कि युद्ध शुरू होने से खाड़ी देशों में जाने वाला माल रोक दिया गया है। आने वाले दिनों तक चमड़ा समेत अन्य कारोबारों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 300-400 रुपये का अकेले चमड़े का माल फैक्टरियों में बना रखा है।
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इसके अलावा 100 करोड़ रुपये का माल जो कुछ दिन दिन पहले पानी के जहाज से दुबई के लिए भेजा गया था, वह आधे रास्ते ही पहुंचा है। कारोबारियों को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। उसे आगे भेजें या वापस बुलाएं। आगे भेजने का तो सवाल ही नहीं है क्योंकि एयरपोर्ट के अलावा पोर्ट भी बंद है। अगर वापस बुलाते हैं तो अतिरिक्त किराये का बोझ बढ़ जाएगा।
उन्होंने बताया कि पानी वाले जहाज से चमड़ा उत्पाद और कपड़े भेजे जाते हैं। हवाई जहाज से सैडलरी-पर्स जैसे माल को भेजा जाता है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अगर इस लड़ाई में ईरान ने समुद्र का रास्ता बंद कर दिया तो परेशानी बहुत बढ़ जाएगी। ऐसे में जहाज को घुमाकर अफ्रीकी देशों से होते हुए जाना होगा जो बेहद महंगा पड़ेगा और व्यापार करना हमारे लिए मुश्किल हो जाएगा।
40 लाख का कुल्फी का ऑर्डर रुका
कुल्फी का कारोबार करने वाले राजकुमार भगतानी और उनके बेटे मानस भगतानी का 40 लाख का कुल्फी का ऑर्डर सऊदी अरब जाने वाला था पर युद्ध के चलते ऑर्डर रुक गया है। राजकुमारर ने बताया कि शहर से कुल्फी सऊदी अरब सिर्फ हमारे यहां से ही जाती है।
कुल्फी का कारोबार करने वाले राजकुमार भगतानी और उनके बेटे मानस भगतानी का 40 लाख का कुल्फी का ऑर्डर सऊदी अरब जाने वाला था पर युद्ध के चलते ऑर्डर रुक गया है। राजकुमारर ने बताया कि शहर से कुल्फी सऊदी अरब सिर्फ हमारे यहां से ही जाती है।
कुछ समय पहले हमें वहां से 40 लाख का ऑर्डर मिला जिसे हमने तैयार कर लिया। सोमवार सुबह उसे भेजा जाना था लेकिन हालात खराब होने के चलते रोक दिया गया है। माल को वेयर हाउस में रखा है जिसका किराया अलग से देना पड़ रहा है।
मसालों के नहीं मिल रहे ऑर्डर
गोल्डी मसाले के निदेशक आकाश गोयनका ने बताया कि दुबई, यमन, लीबिया आदि देशों में हमारे यहां से मसालों का निर्यात किया जाता है। माहौल खराब हो जाने से दुबई के साथ ही इन सभी देशों से भी ऑर्डर मिलने रुक गए हैं। इन देशों में हमारा माल नियमित जाता रहता है।
गोल्डी मसाले के निदेशक आकाश गोयनका ने बताया कि दुबई, यमन, लीबिया आदि देशों में हमारे यहां से मसालों का निर्यात किया जाता है। माहौल खराब हो जाने से दुबई के साथ ही इन सभी देशों से भी ऑर्डर मिलने रुक गए हैं। इन देशों में हमारा माल नियमित जाता रहता है।
दो से तीन दिनों में अगर स्थिति ठीक होती है तो हमें जल्द ही ऑर्डर मिल पाएंगे लेकिन वर्तमान हालातों को देखकर स्थिति चिंताजनक लग रही है। अन्य मसाला कारोबारियों ने बताया कि युद्ध के चलते करोड़ों का नुकसान हो रहा है।
