आर-पार: छह बागियों के खिलाफ BJP पार्षदों ने खोला मोर्चा, बोले- फैसला करें नहीं तो 75 पार्षद देंगे इस्तीफा
Kanpur News: कानपुर नगर निगम में भाजपा के 75 पार्षदों ने बागी छह पार्षदों के निष्कासन की मांग करते हुए सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। वहीं, बागी पार्षदों ने महापौर व उनके पुत्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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कानपुर में खुद को बागी कहने वाले छह पार्षद भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। चुनाव आने वाले हैं, जनता हमसे पूछती है कि पार्टी में ये सब क्या चल रहा है। संगठन या तो इन पर फैसला करे या फिर हम सभी भाजपा के 75 पार्षद सामूहिक इस्तीफा देंगे। ये बातें मोतीझील स्थित प्रमिला सभागार में सामूहिक प्रेसवार्ता में भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने कहीं।
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पार्षदों के दो गुट आमने-सामने आ गए हैं। बागी छह पार्षदों के खिलाफ बुधवार को भाजपा के 75 पार्षदों और कुछ निर्दलीय व अन्य दलों के पार्षदों ने मोर्चा खोला। बता दें कि ये छह पार्षद वे हैं जिनको महापौर ने नगर निगम सदन से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद इन पार्षदों ने महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। संगठन स्तर तक मामला पहुंचा पर इनका निष्कासन रद्द नहीं हो सका है।
अनर्गल विलाप और आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं
नवीन पंडित ने कहा कि पार्षदों के आक्रोश के कारण हमें प्रेसवार्ता करनी पड़ रही है। ये छह तथाकथित पार्षद निरंतर संगठन, सरकार और नगर निगम की साख पर बट्टा लगाने का प्रयास कर रहे हैं। ये मुट्ठी भर असंतुष्ट तत्व कभी रक्षामंत्री, कभी प्रदेश अध्यक्ष तो कभी प्रभारी मंत्री के द्वार पर जाकर अनर्गल विलाप और आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं। कुछ अदृश्य आकाओं और विरोधियों के इशारे पर ये पार्षद नाचने वाले हैं।
महापौर की बेदाग छवि को धूमिल करने के षड्यंत्र में लिप्त हैं
साथ ही, महापौर की बेदाग छवि को धूमिल करने और संगठन के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने के षड्यंत्र में लिप्त हैं। नवीन ने आरोप लगाते हुए कहा कि हकीकत यह है कि क्षेत्रीय अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष ने इनकी जनविरोधी नीतियों के कारण इनसे दूरी बना ली है। इनकी वजह से आगामी चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है, इसलिए संगठन इन पर विचार करें।
पार्षद सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा देंगे
अन्यथा सभी 75 भाजपा पार्षद सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा देंगे। कहा कि हर वार्ड में विकास कार्य हो रहे हैं, इन छह पार्षदों के यहां भी जमकर काम हो रहे हैं। कुछ वार्डों में काम की ज्यादा जरूरत है, कहीं कम है, उस हिसाब से नगर आयुक्त और महापौर काम करा रहे हैं। बागी पार्षद पवन गुप्ता के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है, यहीं नहीं आपराधिक इतिहास भी हैं। अंकित मौर्या पर भी चुनाव में जालसाजी का केस दर्ज है।
ये हैं बागी पार्षद
वार्ड-37 के पवन गुप्ता, वार्ड-04 के अंकित मौर्या, वार्ड-10 की लक्ष्मी कोरी, वार्ड-38 के हरिस्वरूप तिवारी, वार्ड-79 के विकास जायसवाल और वार्ड-05 के आलोक पांडे।
ये पार्षद रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित के साथ धीरेंद्र त्रिपाठी, कौशल मिश्रा, निर्देश चौहान, कमलेश द्विवेदी, संतोष साहू, सौरभ देव, नीरज गुप्ता, अनिल यादव, महिला पार्षद मंजू कुशवाहा, वंदना शर्मा, विद्या देवी आदि मौजूद रहीं।
पार्षदों में नगर निगम के चलते विवाद है न कि पार्टी का। दोनों ही पक्ष अभी भी पार्टी कार्यकर्ता है। इस तरह मीडिया में बयान देना अनुशासनहीनता है। पहले संगठन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए थी, तब संगठन दोनों पक्षों को बुलाकर बात करता। मामले की जानकारी क्षेत्रीय अध्यक्ष को दे दी है, अब वह ही इस पर निर्णय लेंगे। -अनिल दीक्षित, जिलाध्यक्ष, उत्तर इकाई, भाजपा
2025 में हुई थी विवाद की शुरुआत
इस विवाद की शुरुआत 26 दिसंबर 2025 को सदन की बैठक में हुई थी। भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने अपने वार्ड के संतलाल का हाता का मुद्दा उठाया और विकास कार्य में भेदभाव का आरोप लगाया। उनके साथ पार्षद अंकित मौर्या भी आ गए और कहने लगे कि कुछ ही पार्षदों के कार्य हो रहे हैं। दोनों पार्षद तख्तियां दिखाने लगे तो भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने रोकने का प्रयास किया। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई तो महापौर ने सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी। इस पर पवन और अंकित बेल पर जाकर नारेबाजी करने लगे।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी हस्तक्षेप किया था
महापौर ने दोनों को सदन की चार बैठक से निष्कासित करने का निर्णय लिया। बाद में इनके समर्थन में चार और पार्षद आ गए और यह खुले मंचों से विरोध करने लगे। इसके बाद इन सभी ने महापौर के पुत्र बंटी पर नगर निगम चलाने का आरोप लगाने शुरू कर दिए। मामले में हाल ही में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी हस्तक्षेप किया था। उन्होंने दोनों पक्षों को सर्किट हाउस में अलग-अलग बुलाकर बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। तब मंत्री ने कहा था कि इस मामले की जानकारी संगठन को दे दी है, अब वही फैसला लेगा।
पारिवारिक दिक्कत की वजह से शहर से बाहर हूं, इस मामले की जानकारी नहीं है। वापस आने पर जानकारी करूंगी। -प्रमिला पांडेय, महापौर
मैं एक महिला पार्षद हूं। मेरे चरित्र और इतिहास को संदिग्ध बताया जा रहा है। हमारी आवाज दबाने के लिए ऐसे कार्य किए जा रहे हैं। अगर इसके साक्ष्य न दिए तो कानूनी कार्रवाई करूंगी। -लक्ष्मी कोरी
महापौर 15वें वित्त का फंड हमारे वार्डों में नहीं दे रही हैं। इस पर चर्चा क्यों नहीं हो रही, क्यों जनता को गुमराह किया जा रहा है। पार्षद दल का नेता होने के नाते नवीन पंडित को आपराधिक इतिहास का साक्ष्य देना चाहिए। -आलोक पांडेय
महापौर व उनके पुत्र ने बीआईसी की जमीन पर कब्जा कर लिया है। विनायकपुर बजरंग हाउसिंग सोसाइटी में पार्क की भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री भी पकड़ी गई। इसका विरोध करने पर इस तरह से परेशान किया जा रहा है। -विकास जायसवाल
जो सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, वह पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन हैं। मुझ पर जिन पुराने मामलों का उल्लेख किया जा रहा है, वह कोर्ट में विचाराधीन हैं। हमेशा जनता की आवाज बनकर विकास कार्यों का मुद्दा उठाते रहेंगे। -अंकित मौर्या
नवीन पंडित शुरू से ही महापौर के पुत्र बंटी की वकालत करते आ रहे हैं। यह वकालत तब तक है, जब तक महापौर 15वें वित्त की अध्यक्ष हैं। अगर किसी को कोई शक है तो इसकी जांच करा ली जाए, मामला साफ हो जाएगा। -हरिस्वरूप तिवारी
मुद्दा भटकाने के लिए प्रेसवार्ता के जरिए प्रयास किया गया। हम सच्चाई की मुहिम चला रहे हैं, उन सबकी गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं। नवीन पंडित जी हम छह पार्षदों को हटाकर आपके साथी पार्षदों पर भी तो प्राथमिकी दर्ज हैं। महापौर और उनके बेटे के खिलाफ भी मामले दर्ज होंगे, उनको उजागर आप करेंगे या हम। -पवन गुप्ता