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कालाबाजारी: 1700 का सिलेंडर 2000 में ब्लैक, होटल-रेस्टोरेंट पर बंदी की तलवार; इंडक्शन की मांग 10 गुना बढ़ी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 12 Mar 2026 09:26 AM IST
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सार

Kanpur News: कानपुर में कॉमर्शियल सिलेंडर की भारी किल्लत से होटलों और नमकीन कारखानों में काम ठप होने लगा है। गैस बचाने के लिए रेस्टोरेंट्स ने मेन्यू में कटौती कर दी है।

Kanpur Black marketing 1700 cylinders sold for 2000 demand for induction cookers increased 10 fold
हलवाइयों की भट्ठियां बंद - फोटो : amar ujala
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विस्तार

सरकार की ओर से कॉमर्शियल सिलिंडरों पर रोक लगाए जाने के बाद होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई और गेस्ट हाउस संचालकों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। 19 किलो का सिलिंडर पहले 1700 रुपये का था, अब ब्लैक में 2000 हजार रुपये का मिल रहा है। शहर में छोला-भटूरा, पूड़ी-सब्जी, जलेबी, खस्ता, समोसा का असंगठित क्षेत्र का भी प्रतिदिन करोड़ों का व्यापार होता है। सबसे ज्यादा मार इन पर भी पड़ रही है। इसके अलावा सभी प्रमुख मिठाई, नमकीन कारोबारियों के सामने भी बड़ा संकट आ गया है।

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एक बड़ी सप्लाई चेन के फ्रेंचाइजी संचालक ने बताया कि होली पड़ने के कारण सिलिंडरों का स्टाक खत्म हो गया है। कोयला, लकड़ी या डीजल भट्ठी का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।  इसलिए पूड़ी, जलेबी, इमरती, छोला-भटूरा का काम बंद कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश नमकीन निर्माता संघ के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठीने बताया कि नमकीन के 25 प्रतिशत कारखाना गैस से ही चलते हैं। गैस मिल नहीं रही है। कारखानों में बंदी की तलवार लटक रही है। डीजल भट्ठी और इलेक्टि्रक भट्ठी बनवाने के ऑर्डर दिए हैं।

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इंडक्शन की मांग 10 गुना बढ़ी
इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी मनीष कोहली ने बताया कि युद्ध और आगे बढ़ा तो गैस का संकट बढ़ने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। लोगों ने एलपीजी पर संकट आने से पहले इसका इंतजाम करना शुरू कर दिया है। इलेक्टि्रक इंडक्शन की मांग 10 गुना तक बढ़ गई है। पहले महीने में पांच बिकते थे। अब एक दिन में 10-10 पीस बेच रहे हैं।

रोजाना आठ से नौ हजार कॉमर्शियल सिलिंडरों की होती है खपत
शहर में 30 हजार कॉमर्शियल सिलिंडर के उपभोक्ता हैं। रोजाना आठ से नौ हजार सिलिंडरों की जरूरत पड़ती है। आपूर्ति बाधित होने के कारण एजेंसियां मांग पूरी नहीं कर पा रही हैं। नई बुकिंग रोक दी गई है और कम सिलिंडर मिल रहे हैं। कारोबारियों ने गैस बचाने के लिए मेन्यू में कटौती की है और बड़े ऑर्डर लेने से इन्कार कर रहे हैं। देर रात की रसोई का समय भी कम कर दिया गया है। शादी-समारोह के कैटरिंग कारोबार पर भी इसका बुरा असर पड़ा है।

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