Kanpur: भाजपा की उत्तर इकाई में ब्राह्मणों का दबदबा, 50 में से 31 बने सदस्य, दागी छवि वालों को भी मिला स्थान
Kanpur News: कानपुर भाजपा उत्तर इकाई की 50 सदस्यीय कार्यसमिति में 31 ब्राह्मणों को जगह मिलने से जातिगत विवाद खड़ा हो गया है। सूची में हिस्ट्रीशीटर और अपराधियों को शामिल करने के आरोपों ने सोशल मीडिया पर पार्टी की किरकिरी करा दी है।
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कानपुर में चुनावी साल में भाजपा की उत्तर इकाई लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। ताजातरीन मामला जिला कार्यसमिति के नवनियुक्त 50 सदस्यों से जुड़ा है। इनमें से 31 सदस्य ब्राह्मण हैं। पार्टी फोरम से लेकर सोशल मीडिया तक भाजपाइयों के बीच यह चर्चा है कि पार्टी में ब्राह्मणों का दबदबा हो गया है। इतना ही नहीं हिस्ट्रीशीटर व आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी सूची में जगह दी गई है।
भाजपा की उत्तर इकाई के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बुधवार को जिला कार्यसमिति सदस्यों की सूची जारी की। 50 सदस्यों में सर्वाधिक 31 ब्राह्मण और सात राजपूत बिरादरी के हैं। शेष 12 सदस्यों में अन्य बिरादरी के लोग हैं। सूची के जारी होने पर भाजपाइयों के बीच ही चर्चा होने लगी कि अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की अनदेखी क्यों की गई है।
एससी और ओबीसी को नाममात्र का प्रतिनिधित्व मिला
चुनावी साल में सभी बिरादरी के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व के बजाय ब्राह्मणों पर ही जिला नेतृत्व इतना मेहरबान क्यों हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में एक हिस्ट्रीशीटर पार्षद और आपराधिक प्रवृत्ति के एक शख्स को भी कार्यसमिति सदस्य बनाने की बात कही गई है। पूर्व पार्षद सुमित कुमार सरोज ने कहा कि सूची में एससी और ओबीसी को नाममात्र का प्रतिनिधित्व मिला है। ऐसे में इस वर्ग के लोग जरूर खफा होंगे।
जल्द ही एक सूची और आएगी
चुनावी साल में सामंजस्य बनाकर सभी बिरादरी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देते हुए साथ लेकर चलना चाहिए। अमन सोनकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो कार्यकर्ता वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्या उनके समर्पण का यही सम्मान है। उत्तर इकाई के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि महानगर में भाजपा का हर चौथा कार्यकर्ता ब्राह्मण है, जिन्हें पदाधिकारी के तौर पर जगह नहीं मिल सकी थी, उन्हें सदस्य बनाया गया है। कार्यसमिति सदस्यों की जल्द ही एक सूची और आएगी, उसमें जातिगत समायोजन पूरी तरह से देखने को मिलेगा।
