Kanpur: नवाबगंज दंगल में एक लाख के 'ओपन चैलेंज' पर हुआ हंगामा, पुलिस ने पहलवानों को अखाड़े से बाहर खदेड़ा
Kanpur News: नवाबगंज में आयोजित दंगल में पहलवानों को चैलेंज देने को लेकर विवाद हो गया। विवाद के चलते करीब आधे घंटे तक अखाड़े में कुश्ती नहीं हो सकी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप कर विवादित पहलवानों को अखाड़े से बाहर कराया।
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नवाबगंज में आयोजित कुश्ती दंगल के दौरान पहलवानों के ओपन चैलेंज और रजिस्ट्रेशन को लेकर जमकर बवाल हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि अखाड़े में कहासुनी के बाद कुश्ती का मुकाबला करीब आधे घंटे तक रुका रहा। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हस्तक्षेप किया और विवाद कर रहे पहलवानों को अखाड़े से बाहर निकालकर मामला शांत कराया।
यूट्यूब पर ₹1 लाख का चैलेंज और पैर की चोट बनी विवाद की वजह
दंगल में पहुंचे कानपुर देहात के पहलवान अविनाश ने बताया कि एक दिन पहले यूट्यूब पर एक वीडियो डाला गया था। वीडियो में एक खास पहलवान का नाम लेकर चुनौती दी गई थी कि उसे हराने वाले को 1 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। इसी चैलेंज को स्वीकार करते हुए अविनाश अपने साथी पहलवानों के साथ नवाबगंज दंगल पहुंचे थे।
अविनाश का आरोप है कि अखाड़े में जब उनके पहलवानों ने कुश्ती की बात कही तो अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे विवाद गहरा गया। इसी बीच एक अन्य प्रमुख पहलवान 'चिंचीन डोगरा' के पैर में चोट लगने के कारण वे कुश्ती में नहीं उतर सके, जिससे अखाड़े के बाहर और अंदर माहौल गरमा गया।
30 मिनट बाद शुरू हुए मुकाबले
हंगामे के दौरान दर्शकों और पहलवानों के समर्थकों के बीच तीखी बहसबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने तुरंत अखाड़े में मोर्चा संभाला और हंगामा कर रहे बाहरी व बिना रजिस्ट्रेशन वाले पहलवानों को बाहर किया।
दंगल आयोजकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन पहलवानों का पूर्व में विधिवत रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उन्हें किसी भी कीमत पर अखाड़े में लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। करीब आधे घंटे तक ठप रहने के बाद स्थिति सामान्य हुई और पंजीकृत पहलवानों के मुकाबले दोबारा शुरू कराए गए।