ग्रीनपार्क का लौटेगा गौरव: 350 करोड़ से बनेगा विश्वस्तरीय स्टेडियम; आईपीएल और टी-20 मैचों के लिए रास्ता साफ
Kanpur News: यूपी सरकार ने ग्रीनपार्क स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार करने के लिए 350 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है, जिससे स्टेडियम की क्षमता 50 हजार तक बढ़ाई जाएगी। इस पुनर्विकास से खराब ड्रेनेज सिस्टम और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे कानपुर में आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैचों की वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
विस्तार
यूपी सरकार के बजट से ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम को 350 करोड़ रुपये से अंतरराष्ट्रीय का बनाया जाएगा। बुधवार को जारी बजट में पहले चरण के कार्य के लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे मैदान और ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा। अगले चरण में अत्याधुनिक इंटरनेशनल मीडिया सेंटर, 50 हजार दर्शक क्षमता के लिए दर्शक दीर्घा का निर्माण इसके बाद पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बजट का प्रयोग किया जाएगा। सरकार की ओर से इस मद में बजट अलग-अलग चरणों में जारी किया जाएगा।
कम दर्शक क्षमता, खराब ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण पिछले कुछ वर्षों से ग्रीनपार्क को अंतरराष्ट्रीय वनडे और टी-20 यहां तक कि आईपीएल मुकाबलों से भी वंचित रहना पड़ रहा है। अब उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और खेल विभाग की ओर से भेजे गए संयुक्त प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वीकृति के बाद बजट में प्रस्ताव होने से ग्रीनपार्क के विकास का रास्ता साफ हो गया है। पुनर्विकास का काम तीन चरणों में किया जाएगा।
ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त होने से मैच में बाधा नहीं आएगी
इसके अलावा मीडिया सेंटर व प्लेयर्स पवेलियन के साथ-साथ फ्लड लाइट को भी ठीक किया जाएगा। खिलाड़ियों व मैच अधिकारियों के लिए लॉकर रूम, रिकवरी व फिटनेस सेंटर, डाइनिंग लाउंज, मेडिकल व फर्स्ट एड रूम, अंपायर व मैच रेफरी रूम, कोच रूम, डोपिंग टेस्ट रूम आदि सुविधाओं को जल्द पूरा किया जाएगा। यूपी टी-20 लीग के चेयरमैन संजय कपूर ने बताया कि ग्रीनपार्क के विकास को लेकर जारी किए बजट से स्टेडियम का पुराना गौरव लौटेगा। ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त होने से मैच में बाधा नहीं आएगी।
आईपीएल मैच पर विशेष फोकस
ग्रीनपार्क में अंतरराष्ट्रीय मैच के साथ आईपीएल मैच कराए जाने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। किसी भी मैदान में जहां की दर्शका क्षमता 30-35 हजार से कम होती है वहां पर आईपीएल मैच कराने को अनुमति नहीं मिलती है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से जारी बजट में यहां की दर्शका क्षमता 35 से 50 हजार तक किए जाने की तैयारी है। इसमें वीआईपी गैलरी से लेकर सभी दर्शक दीर्घाओं को बेहतर किए जाने का प्रस्ताव है।
लोकसभा सदन में ग्रीनपार्क का मामला उठाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस ऐतिहासिक स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए अनुरोध किया गया था। उसके बाद शासन स्तर से इसमें तेजी से कार्य किया गया, जिसके आधार पर बुधवार को इसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है। तीन से चार चरणों में सरकार की ओर से बजट जारी होगा। क्रमिक विकास के साथ कानपुर की इस धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया जाएगा। जल्द ही इसके लिए अधिकारियों के साथ बैठक करके कार्य शुरू कराने की व्यवस्था की जाएगी। -रमेश अवस्थी सांसद महानगर
ग्रीनपार्क स्टेडियम के पुनर्विकास को लेकर पिछले सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में 350 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। तीन चरणों में स्टेडियम का कायाकल्प किया जाएगा। पहले चरण में 50 करोड़ का प्रस्ताव था जिसमें से 45 करोड़ रुपये बजट में स्वीकृत हुए हैं। जल्द बैठक कर निर्माण की रूपरेखा तय की जाएगी। -आरपी सिंह, खेल निदेशक, उत्तर प्रदेश
ड्रेनेज सिस्टम पर उठे थे सवाल
वर्ष 2024 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए टेस्ट मैच में बारिश के कारण ढाई दिन का खेल प्रभावित होने के बाद ग्रीनपार्क के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठे थे। क्योंकि उसे समय तक ग्रीन पार्क में सिर्फ प्लेयर पवेलियन की तरफ ही ड्रेनेज सिस्टम की सुविधा थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रीन पार्क स्टेडियम की काफी बदनामी हुई थी। इसके बाद से हुई बैठक में यह तय किया गया कि पूरे स्टेडियम में नया ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। यह लखनऊ के इकाना स्टेडियम या फिर नवनिर्मित वाराणसी के क्रिकेट स्टेडियम की तरह बनाया जाएगा। पिछले सप्ताह चीफ सेक्रेटरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। परियोजना के तहत ड्रेनेज सिस्टम, दर्शक क्षमता बढ़ाने के लिए नई गैलरी, मीडिया सेंटर, पार्किंग और होटल निर्माण का प्रस्ताव शामिल है।
सी- बालकनी को पूरी तरह से बंद किया गया था
वर्ष 2019 के बाद से जर्जर होने के कारण बंद है। वर्ष 2024 में भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए मुकाबले में भी यहां पर आधे हिस्से को बंद किया गया था। जबकि वर्ष 2025 में भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच अनऑफिशियली मैच में इस बालकनी को पूरी तरह से बंद किया गया था। जर्जर होने का कारण इसका फिर से निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में सी बालकनी सीमेंटेड बनी हुई है, ऐसे में उसकी दर्शक क्षमता 10000 है। लेकिन दृष्टि कारण के बाद में जो सी-बालकनी बनाई जाएगी, उसमें सीमेंट के स्थान पर चेयर्स को लगाया जाएगा। ऐसे में दर्शन क्षमता यहां पर भी कम होगी।
ऐसे होगा कायाकल्प
- पहले चरण में 50 करोड़ रुपये की लागत से 18 माह में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस चरण के बाद दर्शक क्षमता 32 हजार से घटकर 30,500 रह जाएगी। इसमें ड्रेनेज सिस्टम, सी बालकनी, बी-जनरल, सी-स्टॉल को दुरुस्त किया जाना है।
- दूसरे चरण में 105 करोड़ रुपये की लागत से क्षमता बढ़ाकर 33,280 की जाएगी।
- तीसरे चरण में 200 करोड़ रुपये की लागत से 35,041 दर्शकों की क्षमता विकसित की जाएगी। भविष्य में ग्राउंड फ्लोर पर 20 हजार और अपर फ्लोर पर 15 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
