Kanpur: एमएसएमई और डिफेंस काॅरिडोर की बढ़ेगी रफ्तार, योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये का बजट, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: यूपी बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ और युवा उद्यमियों के लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे कानपुर का रक्षा उत्पाद कारोबार और वस्त्र उद्योग वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
विस्तार
प्रदेश सरकार के बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो पिछले साल की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा डिफेंस इंडस्टि्रयल कॉरिडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू होने और 35,280 करोड़ रुपये का निवेश आने की बात बजट में कही गई है। इसका शहर के उद्यमियों ने स्वागत किया गया है।
उनका कहना है कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिए 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित हुई है। इससे शहर का एमएसएमई और डिफेंस काॅरिडोर तेज रफ्तार से आगे बढ़ सकेगा। उद्यमियों का कहना है कि बजट अच्छा है, लेकिन सूक्ष्म और लघु उद्योगों पर और फाेकस बढ़ाने की आवश्यकता है।
रक्षा उत्पादों का कारोबार 2000-2500 करोड़ रुपये
साढ़ में एक बड़ी एंकर यूनिट लगाई जाए, जिससे उद्योगों को सीधा लाभ मिल सके। शहर एमएसएमई का गढ़ है। 35 हजार के करीब इकाइयों का उद्यम पंजीकरण है। शहर में तीन आयुध कंपनियों के मुख्यालय हैं। इसके अलावा साढ़ के डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पादों का उत्पादन शुरू व्यापक उत्पादन की योजना है। आयुध कंपनियों में तोप, टैंक की बैरल, छोटे हथियार, पैराशूट, टेंट और जूते जैसे विभिन्न उत्पादों का निर्माण होता है। शहर का सालाना रक्षा उत्पादों का कारोबार 2000-2500 करोड़ रुपये है।
अदाणी समूह ने 1500 करोड़ का निवेश किया था
इसमें लगातार वृद्धि देखी जा रही है। केंद्र सरकार ने भी एक फरवरी को आए बजट में रक्षा बजट में बढ़ोत्तरी की है। उन्नाव में डिफेंस इंडस्टि्रयल काॅरिडोर को कुछ समय पहले ही शासन ने मंजूरी दी थी। इससे शहर रक्षा उत्पादों का आने वाले समय में बड़ा हब बन सकेगा। साढ़ में दो साल पहले अदाणी समूह ने 1500 करोड़ का निवेश किया था। अब यहां पर गोलों को बनाने की तैयारी की जा रही है। शहर की एक निजी कंपनी के रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पाद भी वहां पर बनना शुरू होंगे।
इन उद्यमों को भी मिलेगी रफ्तार
बजट में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिए लगभग 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हथकरघा बुनकरों के साथ-साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिए 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग पॉलिसी के 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत 800 इकाइयों को 40 करोड रुपये बैंक ऋण देने का लक्ष्य है। फॉरेन डाइरेक्ट इंवेस्टमेंट एवं फॉर्च्यून 500 कंपनियों के निवेश पर 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। शहर से कालीन आदि का अमेरिका और यूरोप के देशों में बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। अमेरिका ने भी टैरिफ कम किया है। इससे हथकरघा उद्योग भी तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
बजट अच्छा है लेकिन इसमें सूक्ष्म, लघु उद्योगों पर ज्यादा जोर नहीं दिया गया है। मध्यम उद्योगों को ज्यादा बढ़ाया दिया गया है। शहर में सूक्ष्म, लघु उद्योग सबसे ज्यादा हैं। सेवा क्षेत्र की प्रदेश की जीडीपी में हिस्सेदारी शहर से 40 प्रतिशत है। उसके लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए था।
-आलोक अग्रवाल, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आईआईए
डिफेंस काॅरिडोर के लिए 200 रक्षा इकाइयों के एमओयू होने की बात कही गई है। ये बहुत अच्छी बात है। इससे डिफेंस काॅरिडोर तेजी से आगे बढ़ेगा। हालांकि एंकर यानी कि बड़ी यूनिट आना बेहद जरूरी है। इसके बाद ही लाभ एमएसएमई को मिल सकेगा। -सुशील शर्मा, मर्चेंट चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश की औद्योगिक कमेटी के सदस्य और डिफेंस उद्यमी
उद्योग, व्यापार और एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए घोषणाएं की गई हैं। एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है जो स्वागत योग्य है। नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन के लिए बजट बनाया गया है।
-उमंग अग्रवाल, महासचिव फीटा
बजट में खादी ग्रामोद्योग क्षेत्र में अपेक्षा के अनुकूल नहीं है। सरकार को इस और ध्यान देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री खादी को जिस तरह बढ़ाने की सोच रखते हैं, इसी तरह प्रदेश सरकार को भी खादी को बढ़ाने के लिए सोच रखनी पड़ेगी।
-सुरेश गुप्ता, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग महासंघ
बजट में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये का आवंटन फिर से किया गया है। पिछले साल शुरू हुई योजना में लोन निजी बैंक स्वीकृत ही नहीं करते हैं। इस समस्या का समाधान भी होना चाहिए। पिछले साल शहर में तीन हजार का लक्ष्य था।
-अभिनव तिवारी, उद्यमी
एमएसएमई यूनिट्स को नई तकनीक, प्रशिक्षण और निर्यात के माध्यम से आर्थिक स्वावलंबी बनाने की घोषणा बजट में की गई है। यह तभी संभव हो पाएगा जब अलग-अलग औद्योगिक सेक्टर को ध्यान में रख करके उनके आधारभूत ढांचे के लिए सुविधाओं का बढ़ाया जाए।
-अब्दुल अली, उद्यमी
शहर में रेडीमेड, होजरी कपड़ों और इनके उत्पादों का बड़ा कारोबार होता है। गारमेंटिंग पॉलिसी के लिए बजट में 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ये टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़ों और होजरी क्षेत्र के लिए बेहतर साबित होगा। -डाॅ. सुभाषिनी खन्ना, सचिव, लघु उद्योग भारती महिला इकाई
