UP: ‘63 लाख का बिजली बिल’, देखकर ही सहम गया पीआरडी जवान, बोला- गलत बकाया दिखाया, SDM ने दिए जांच के आदेश
PRD Jawan Electricity Bill Dispute: सरसौल क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती, जर्जर तारों और मनमाने बिलों से ग्रामीण व किसान बेहद परेशान हैं। इस बीच, एक पीआरडी जवान को 1987 के कनेक्शन पर 63 लाख रुपये से अधिक का फर्जी बकाया थमाए जाने का मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत उसने एसडीएम से की है।
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कानपुर के सरसौल क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही और अघोषित कटौती ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। न किसानों को समय से सिंचाई मिल पा रही है और न ही घरों में ठीक से बिजली आपूर्ति हो रही है। हर घंटे हो रही टिपिंग से घरेलू उपकरण जल रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ बिजली बिल ने लोगों को रुला रखा है। आए दिन ऐसे-ऐसे विद्युत विभाग के कारनामे सामने आ रहे है, जिससे उपभोक्ता हैरान है।
ग्रामीणों ने बताया इस समय धान की फसल नाजुक दौर में है। दिन में घंटों बिजली गुल रहने से किसान खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे और फसल चौपट होने के कगार पर है। रात में कहीं-कहीं आपूर्ति ठीक मिल जाती है, लेकिन दिनभर की कटौती से खेती-किसानी पूरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी शिकायत के लिए भी लाइनमैन से लेकर उच्च अधिकारियों तक फोन घुमाना पड़ता है, पर जवाब कोई नहीं देता।
बिजली के बिलों ने तोड़ रखी है उपभोक्ताओं की कमर
बात करने पर हर कोई दूसरे का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेता है। सलेमपुर गांव के सूरज तिवारी ने बताया कि फाल्ट के लिए सरसौल पावर हाउस में कई बार फोन किया। थक हारकर जब ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई तब जाकर समस्या ठीक हुई। बिजली के बिलों ने भी उपभोक्ताओं की कमर तोड़ रखी है। लोगों का आरोप है कि हर दूसरे-तीसरे महीने बिल में गड़बड़ी आ जाती है। कहीं मीटर तेज चल रहा है, तो कहीं फर्जी रीडिंग भेज दी जाती है।
63 लाख 86 हजार रुपये का गलत बकाया
इसे सही कराने के लिए लोगों को बार-बार बिजली घर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं, पीआरडी जवान अनिल कुमार गुप्ता ने गुरुवार को नरवल तहसील पहुंचकर एसडीएम सत्यपाल प्रजापति को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बिजली विभाग पर पिता के नाम 1987 के कनेक्शन में 63 लाख 86 हजार रुपये का गलत बकाया दिखाने और धारा 138 में फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया। अनिल का कहना है उन्हें कनेक्शन की जानकारी तक नहीं थी।
करीब आधा दर्जन मवेशियों की हो चुकी है मौत
एसडीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्थिति इतनी खराब है कि बीते सप्ताह जर्जर लाइन की चपेट में आने से करीब आधा दर्जन मवेशियों की मौत हो गई, लेकिन विभाग ने अब तक कोई सुध नहीं ली। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों और किसानों ने मांग की है कि अघोषित कटौती बंद हो, जर्जर तारों की मरम्मत हो और शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए।