Kanpur Crime: बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर भाई की बेरहमी से हत्या, रेलवे ट्रैक किनारे मिला लहूलुहान शव
Kanpur News: रेलवे ट्रैक किनारे गुरुवार सुबह 23 वर्षीय पिकअप चालक का रक्तरंजित शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कानपुर जिले के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां अपनी सगी बहन की आबरू और सम्मान की रक्षा करने की खातिर एक 23 वर्षीय भाई को अपनी जान गंवानी पड़ी। डिग्गी तालाब के पास रेलवे ट्रैक के किनारे गुरुवार सुबह इस युवक का लहूलुहान शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
परिजनों का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले एक दबंग और शोहदे ने छेड़खानी का विरोध करने पर लोहे की रॉड और ईंटों से सिर फोड़कर युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शौच के लिए गया था युवक, ट्रैक किनारे मिली लाश
जानकारी के मुताबिक, जूही थाना क्षेत्र की एक बस्ती का रहने वाला 23 वर्षीय मृतक युवक पेशे से पिकअप चालक था। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे वह अपने घर से महज 500 मीटर दूर स्थित डिग्गी तालाब के पास शौच के लिए गया था।
जब काफी देर बीत जाने के बाद भी वह घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, तो डिग्गी तालाब के पास रेलवे ट्रैक के किनारे युवक का क्षत-विक्षत और खून से लथपथ शव पड़ा मिला। शव को देखते ही मां-बाप और बहन चीख पड़े, जिससे मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
जेल से छूटने के बाद भी नहीं सुधरा शोहदा, भाई से हुई थी भिड़ंत
मृतक के पिता ने रोते हुए पुलिस को बताया कि बस्ती का ही रहने वाला पल्लेदार अरुण पिछले एक साल से उनकी बेटी (मृतक की बहन) को लगातार परेशान कर रहा था और उस पर फब्तियां कसता था। बीते साल अगस्त में तंग आकर बेटी ने आरोपी अरुण के खिलाफ जूही थाने में छेड़खानी की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था।
लेकिन, जेल से जमानत पर छूटने के बाद भी अरुण की हरकतें बंद नहीं हुईं और उसने दोबारा छेड़छाड़ शुरू कर दी। चार-पांच दिन पहले जब अरुण ने दोबारा लड़की के साथ बदसलूकी की, तो इकलौता भाई अपनी बहन के सम्मान के लिए खड़ा हो गया और उसने अरुण का डटकर मुकाबला किया। उस वक्त तो अरुण वहां से भाग निकला, लेकिन जाते-जाते उसने भाई को सरेआम जान से मारने की खौफनाक धमकी दी थी।
खुलेआम दी थी पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी
लहूलुहान शव के पास बैठी मृतक की बहन का रो-रोकर बुरा हाल था। उसने रोते हुए बताया कि आरोपी अरुण के हौसले इतने बुलंद थे कि उसने समाज और कानून का डर छोड़ दिया था। भाई से हुए विवाद के बाद उसने खुलेआम चुनौती दी थी कि वह पूरे परिवार को एक-एक करके खत्म कर देगा। आखिरकार गुरुवार सुबह उसने अपने साथियों के साथ मिलकर भाई को अकेला पाकर मौत के घाट उतार दिया।
घटना की सूचना पर पहुंचे बाबूपुरवा इंस्पेक्टर नीरज ओझा ने भारी पुलिस बल के साथ स्थिति को संभाला और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी बाबूपुरवा नीरज ओझा ने बताया कि मृतक के पिता की लिखित तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी अरुण, उसके साथी जितेंद्र, सागर और दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या (धारा 103/302) और साजिश रचने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर कुछ चर्चाएं हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि साक्ष्य संकलन के बाद ही की जाएगी। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।