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Kanpur: बाढ़ से निपटने को प्रशासन तैयार, 176 गांव संवेदनशील चिह्नित, 40 लाख की राहत सामग्री के लिए टेंडर जारी

Fri, 17 Jul 2026 12:19 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Fri, 17 Jul 2026 12:19 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में गंगा, यमुना और अन्य नदियों के किनारे बसे 176 संवेदनशील गांवों के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रशासन ने 40 लाख रुपये की राहत सामग्री, 35 बाढ़ चौकियां और 101 शरणालय तैयार किए हैं, साथ ही बचाव अभियान में पूर्व सैनिकों की मदद ली जा रही है।

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Kanpur Administration ready to tackle floods 176 villages identified tenders issued for relief materials
गंगा का बहाव हुआ तेज - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारी कर ली है। जिले में गंगा, यमुना, पांडु, नोन और रिंद नदियों के किनारे बसे 176 गांवों को संवेदनशील चिह्नित करते हुए प्रशासन ने करीब 40 लाख रुपये की राहत सामग्री की खरीद का टेंडर जारी कर दिया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में घाटमपुर तहसील सबसे अधिक संवेदनशील है।

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यहां 58 गांवों में खतरा माना गया है। इसके अलावा सदर के 54, बिल्हौर के 51 और नर्वल के 12 गांव विशेष निगरानी सूची में हैं। इन गांवों में राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।  नदी किनारे रहने वाले लोगों को मुनादी के जरिए चेतावनी दी जा रही है कि वे जलस्तर पर नजर रखें।

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101 बाढ़ शरणालय चिह्नित किए गए
किसी भी स्थिति में नदी के करीब जाने का जोखिम न उठाएं। जिले में 35 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। वहीं जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 101 बाढ़ शरणालय चिह्नित किए गए हैं। इन शरणालयों में पेयजल, बिजली, शौचालय, प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

किट में 26 जरूरी वस्तुएं शामिल हैं
पहले चरण में 1100 राहत किट तैयार किए गए हैं। प्रत्येक किट से चार से पांच सदस्यीय परिवार एक सप्ताह तक गुजारा कर सकता है। एक किट की कीमत लगभग 3500 रुपये तय की गई है। इसमें खाने-पीने और दैनिक उपयोग की 26 जरूरी वस्तुएं शामिल की गई हैं।

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पूर्व सैनिकों को सौंपी गई विशेष जिम्मेदारी
राहत एवं बचाव अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के जवानों को भी अभियान से जोड़ा गया है। इन्हें नाव संचालन, लोगों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और आपदा के दौरान समन्वय स्थापित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बाढ़ को देखते हुए सभी एसडीएम को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। चौकियां अलर्ट कर दी गईं हैं। राहत सामग्री की तैयारी की जा रही है। संवेदनशील गांवों की निगरानी की जा रही है।  -डॉ. विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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