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Kanpur News: स्क्रैप भेजने के मददगार ट्रांसपोर्टर से भी होगी पूछताछ
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कानपुर। 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और फर्जी आईटीसी घोटाले की जांच में अब उन ट्रांसपोर्टर की भूमिका की भी जांच की जाएगी जिनके ट्रक से बोगस कंपनियों ने माल को भेजने की जानकारी दस्तावेजों में दिखाई है। जांच में यह भी साफ हो जाएगा कि यह ट्रांसपोर्ट असली हैं या इन कंपनियों की तरह बोगस।
महफूज के साथी स्क्रैप कारोबारी संजीव दीक्षित को क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को जेल भेजा था। पुलिस जांच में आरोपी संजीव दीक्षित से जुड़ीं 13 बोगस कंपनियां सामने आई हैं। आरोप है कि इन्हीं कंपनियों के जरिये फर्जी इनवाॅयस जारी कर 58 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कंपनियों ने स्क्रैप के माल की खरीद-फरोख्त में कई ट्रांसपोर्ट से माल मंगाने और भेजे जाने की जानकारी दी है।
ऐसे में विवेचना करने वाली पुलिस टीम उन ट्रांसपोर्ट के बारे में जानकारी जुटा रही है कि इनका इस्तेमाल हकीकत में हुआ भी है या सिर्फ कागजों पर ही खेल खेल गया है। पुलिस का मानना है कि फर्जी कंपनियां केवल टैक्स चोरी का माध्यम नहीं थीं बल्कि इनके जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि ट्रांसपोर्ट और इनवाॅयस के इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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महफूज के साथी स्क्रैप कारोबारी संजीव दीक्षित को क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को जेल भेजा था। पुलिस जांच में आरोपी संजीव दीक्षित से जुड़ीं 13 बोगस कंपनियां सामने आई हैं। आरोप है कि इन्हीं कंपनियों के जरिये फर्जी इनवाॅयस जारी कर 58 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कंपनियों ने स्क्रैप के माल की खरीद-फरोख्त में कई ट्रांसपोर्ट से माल मंगाने और भेजे जाने की जानकारी दी है।
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ऐसे में विवेचना करने वाली पुलिस टीम उन ट्रांसपोर्ट के बारे में जानकारी जुटा रही है कि इनका इस्तेमाल हकीकत में हुआ भी है या सिर्फ कागजों पर ही खेल खेल गया है। पुलिस का मानना है कि फर्जी कंपनियां केवल टैक्स चोरी का माध्यम नहीं थीं बल्कि इनके जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि ट्रांसपोर्ट और इनवाॅयस के इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।