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Kasganj News: 200 किलो खराब और दुर्गंधयुक्त पनीर कराया नष्ट
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फोटो 06 कासगंज में अशोक नगर स्थित राधा डेयरी पर पनीर का निरीक्षण करती टीम। स्रोत: विभाग
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कासगंज। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार रात में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अलीगढ़ की ओर से कासगंज लाई जा रही करीब 200 किलोग्राम खराब और दुर्गंधयुक्त पनीर की खेप को विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया, जबकि एक नमूना लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) कुलदीप सिंह के निर्देशन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार देव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिमा त्रिपाठी ने यह पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग को सूचना मिली थी कि अलीगढ़ के रास्ते नकली पनीर से भरी एक गाड़ी कासगंज की ओर आ रही है। सूचना मिलते ही सतर्क हुई टीम ने वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया।
बुधवार रात करीब 11 बजे टीम सलेमपुर बीबी रोड स्थित अशोक नगर की राधा डेयरी पर पहुंची। उस समय गाड़ी से पनीर के डिब्बे उतारे जा रहे थे। जब टीम ने खाद्य पदार्थ की बारीकी से जांच की, तो लगभग 200 किलो पनीर पूरी तरह खराब और दुर्गंधयुक्त पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की विधिक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ठेलों से होटलों तक में हो रही सप्लाई
जिले में लंबे समय से नकली और मिलावटी पनीर को खपाने का खेल चल रहा है। पहले भी जिले में कई बार नकली पनीर की बड़ी खेपें पकड़ी जा चुकी है। बाहर के जिलों से लाकर मिलावटी पनीर की सप्लाई होटल, ढाबों से लेकर ठेलों तक की जा रही है। जिले में ठेलों और दुकानों पर बिकने वाली चाऊमीन, पेटीज, छोले-कुल्चे, टिक्की, समोसा, पाव भाजी, डोसा, चीला, मोमोस, स्प्रिंग रोल समेत अन्य चीजों में पनीर का उपयोग किया जाता है। असली पनीर की अपेक्षा दाम में काफी सस्ता होने के कारण लोगों को परोसा जा रहा है।
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स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है
मिलावटी पनीर सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। जानकारों का कहना है कि इसे बनाने में यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा, पाम ऑयल और सिंथेटिक मिल्क जैसे जानलेवा रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। शाकाहारी भोजन में प्रोटीन और कैल्शियम का मुख्य स्रोत माना जाने वाला पनीर, मिलावट के कारण शरीर के लिए धीमा जहर (स्लो पॉइजन) बन जाता है।
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सहायक आयुक्त (खाद्य) कुलदीप सिंह के निर्देशन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार देव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिमा त्रिपाठी ने यह पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग को सूचना मिली थी कि अलीगढ़ के रास्ते नकली पनीर से भरी एक गाड़ी कासगंज की ओर आ रही है। सूचना मिलते ही सतर्क हुई टीम ने वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया।
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बुधवार रात करीब 11 बजे टीम सलेमपुर बीबी रोड स्थित अशोक नगर की राधा डेयरी पर पहुंची। उस समय गाड़ी से पनीर के डिब्बे उतारे जा रहे थे। जब टीम ने खाद्य पदार्थ की बारीकी से जांच की, तो लगभग 200 किलो पनीर पूरी तरह खराब और दुर्गंधयुक्त पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की विधिक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ठेलों से होटलों तक में हो रही सप्लाई
जिले में लंबे समय से नकली और मिलावटी पनीर को खपाने का खेल चल रहा है। पहले भी जिले में कई बार नकली पनीर की बड़ी खेपें पकड़ी जा चुकी है। बाहर के जिलों से लाकर मिलावटी पनीर की सप्लाई होटल, ढाबों से लेकर ठेलों तक की जा रही है। जिले में ठेलों और दुकानों पर बिकने वाली चाऊमीन, पेटीज, छोले-कुल्चे, टिक्की, समोसा, पाव भाजी, डोसा, चीला, मोमोस, स्प्रिंग रोल समेत अन्य चीजों में पनीर का उपयोग किया जाता है। असली पनीर की अपेक्षा दाम में काफी सस्ता होने के कारण लोगों को परोसा जा रहा है।
स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है
मिलावटी पनीर सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। जानकारों का कहना है कि इसे बनाने में यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा, पाम ऑयल और सिंथेटिक मिल्क जैसे जानलेवा रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। शाकाहारी भोजन में प्रोटीन और कैल्शियम का मुख्य स्रोत माना जाने वाला पनीर, मिलावट के कारण शरीर के लिए धीमा जहर (स्लो पॉइजन) बन जाता है।