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Kasganj News: आज से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बदलेगा पुष्टाहार, मिलेगा हलवा
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:06 AM IST
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फोटो01कासगंज में बना आंगनबाड़ी केंद्र। संवाद
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कासगंज। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आज से बच्चों और महिलाओं को मिलने वाले पुष्टाहार में बदलाव किया जा रहा है। नए मेन्यू के तहत बच्चों को अब मीठा हलवा और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ दिए जाएंगे। साथ ही, बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए केंद्रों के संचालन का समय भी बदल दिया गया है।
जिले में 2445 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिन पर लगभग 1 लाख 40 हजार 463 लाभार्थी पंजीकृत हैं। अभी तक बच्चों के आने का समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक था। ग्रीष्मकाल में इसे बदलकर सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है। अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सब्जी-रोटी, दाल-चावल, कोफ्ता-चावल, खिचड़ी या तहरी जैसे भोज्य पदार्थ दिए जाते थे। वहीं गर्भवती और धात्री महिलाओं को दलिया, चने की दाल और रिफाइंड तेल का वितरण किया जाता है।
नई व्यवस्था के तहत छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन का हलवा दिया जाएगा। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन की बर्फी, दलिया या मूंग-सोया खिचड़ी (बाल पुष्टिकर) मिलेगी। कुपोषित बच्चों के लिए विशेष रूप से मीठा हलवा और नमकीन दलिया की व्यवस्था की गई है।
गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी नए आहार में बदलाव किया गया है। अब उन्हें आटा, बेसन-सोया बर्फी या दलिया के साथ मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों के समय व पुष्टाहार में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए है। - सुशीला, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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जिले में 2445 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिन पर लगभग 1 लाख 40 हजार 463 लाभार्थी पंजीकृत हैं। अभी तक बच्चों के आने का समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक था। ग्रीष्मकाल में इसे बदलकर सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है। अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सब्जी-रोटी, दाल-चावल, कोफ्ता-चावल, खिचड़ी या तहरी जैसे भोज्य पदार्थ दिए जाते थे। वहीं गर्भवती और धात्री महिलाओं को दलिया, चने की दाल और रिफाइंड तेल का वितरण किया जाता है।
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नई व्यवस्था के तहत छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन का हलवा दिया जाएगा। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन की बर्फी, दलिया या मूंग-सोया खिचड़ी (बाल पुष्टिकर) मिलेगी। कुपोषित बच्चों के लिए विशेष रूप से मीठा हलवा और नमकीन दलिया की व्यवस्था की गई है।
गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी नए आहार में बदलाव किया गया है। अब उन्हें आटा, बेसन-सोया बर्फी या दलिया के साथ मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों के समय व पुष्टाहार में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए है। - सुशीला, जिला कार्यक्रम अधिकारी