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Kasganj News: अनफिट स्कूली वाहनों पर लगाम कसेगा परिवहन विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:08 AM IST
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फोटो13कासगंज में बस की चेकिंग करते एआरटीओ। स्रोत:स्वयं
- फोटो : सांकेतिक
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कासगंज। बीते दिनों ढोलना में हुए स्कूल बस हादसे के बाद शासन ने जिले में अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। शासन के निर्देश पर उप संभागीय परिवहन विभाग 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर बिना मानक के संचालित वाहनों पर कार्रवाई करेगा। लापरवाही मिलने पर स्कूल प्रबंधन एवं चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
सहायक उप संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी मिश्र ने बताया कि जिले में बुधवार से स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूली वाहनों के फर्श और प्रपत्रों की जांच की जाएगी। इसके अलावा उनके टायर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और फर्स्ट एड बॉक्स की भी जांच की जाएगी। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो प्राइवेट तौर पर स्कूल में लगे हुए हैं। इसके अलावा चालक का लाइसेंस और उसका चरित्र प्रमाण भी देखा जाएगा। यदि बिना मानक का कोई भी स्कूली वाहन संचालित पाया गया तो मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्तर पर गठित हुई परिवहन सुरक्षा समित
जिला स्तर पर जिला स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। इसमें अध्यक्ष डीएम, उपाध्यक्ष एसपी को नामित किया है। इसके अलावा एआरटीओ, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और विद्यालय व्यवसाय के दो प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया है। यह समिति वर्ष में दो बार, जनवरी और जुलाई माह में बैठक कर विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं उनके परिवहन से संबंधित कार्यों का निरीक्षण करेगी।
विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति भी गठित
जिले के निजी विद्यालयों में भी विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। इसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्राधिकारी/प्रधानाचार्य को दी गई है। सदस्य के रूप में डीएम की ओर से नामित अधिकारी, नायब तहसीलदार, विद्यालय प्राधिकारी के संरक्षकों के दो प्रतिनिधि, संबंधित चौकी प्रभारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से नामित उपखंड निरीक्षक शामिल हैं। यह समिति प्रत्येक वर्ष जुलाई, अक्टूबर, जनवरी एवं अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से विद्यालय स्तर पर बैठक कर वाहनों के दस्तावेज़, पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस, बीमा, परमिट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र एवं चालन अनुज्ञप्ति का परीक्षण करेगी।
जिले में बुधवार से स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसमें वाहनों के प्रपत्रों के अलावा वाहन के मानकों को भी जांचा जाएगा। चेकिंग के दौरान यदि मानक पूरे नहीं मिलते हैं या वाहन में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। - आरपी मिश्र, एआरटीओ
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सहायक उप संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी मिश्र ने बताया कि जिले में बुधवार से स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूली वाहनों के फर्श और प्रपत्रों की जांच की जाएगी। इसके अलावा उनके टायर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और फर्स्ट एड बॉक्स की भी जांच की जाएगी। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो प्राइवेट तौर पर स्कूल में लगे हुए हैं। इसके अलावा चालक का लाइसेंस और उसका चरित्र प्रमाण भी देखा जाएगा। यदि बिना मानक का कोई भी स्कूली वाहन संचालित पाया गया तो मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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जिला स्तर पर गठित हुई परिवहन सुरक्षा समित
जिला स्तर पर जिला स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। इसमें अध्यक्ष डीएम, उपाध्यक्ष एसपी को नामित किया है। इसके अलावा एआरटीओ, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और विद्यालय व्यवसाय के दो प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया है। यह समिति वर्ष में दो बार, जनवरी और जुलाई माह में बैठक कर विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं उनके परिवहन से संबंधित कार्यों का निरीक्षण करेगी।
विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति भी गठित
जिले के निजी विद्यालयों में भी विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। इसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्राधिकारी/प्रधानाचार्य को दी गई है। सदस्य के रूप में डीएम की ओर से नामित अधिकारी, नायब तहसीलदार, विद्यालय प्राधिकारी के संरक्षकों के दो प्रतिनिधि, संबंधित चौकी प्रभारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से नामित उपखंड निरीक्षक शामिल हैं। यह समिति प्रत्येक वर्ष जुलाई, अक्टूबर, जनवरी एवं अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से विद्यालय स्तर पर बैठक कर वाहनों के दस्तावेज़, पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस, बीमा, परमिट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र एवं चालन अनुज्ञप्ति का परीक्षण करेगी।
जिले में बुधवार से स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसमें वाहनों के प्रपत्रों के अलावा वाहन के मानकों को भी जांचा जाएगा। चेकिंग के दौरान यदि मानक पूरे नहीं मिलते हैं या वाहन में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। - आरपी मिश्र, एआरटीओ