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Kasganj News: गंगावन और भागीरथी वन से हरियाली के साथ सुधर रहा भूजल स्तर
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कासगंज। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कासगंज के गंगावन और भागीरथी वन पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से विकसित इन दोनों वनों की वजह से जिले का ग्रीन कवर (हरियाली) तेजी से बढ़ा है।
इसका सीधा सकारात्मक असर यहां के पर्यावरण और भूजल स्तर पर दिखने लगा है। कासगंज के इस सफल मॉडल को अब यूपी के कई अन्य जिलों में भी अपनाया जा रहा है। यह दोनों ही वन जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्थापित किए गए हैं।
वन विभाग का मानना है कि इन दोनों क्षेत्र पर्यावरण के लिए संजीवनी का काम कर रहे हैं। इससे भूजल स्तर में भी सुधार होने लगा है।
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चंदनपुर घटियारी का गंगावन
गंगावन की स्थापना चंदनपुर घटियारी में की गई थी, जहां प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पहला पौधा रोपा था। आज यहां लगाए गए 1.21 लाख पौधे विशाल वृक्ष बन चुके हैं। इस वन में अलग-अलग प्रजातियों की वनस्पतियों की आकर्षक वाटिकाएं बनाई गई हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं।
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दतलाणा का ''भागीरथी वन''
गंगा के कटरी इलाके के दतलाणा में दूसरा बड़ा वन ''भागीरथी वन'' के नाम से विकसित किया गया है। पिछले साल इस वन में रिकॉर्ड 3.51 लाख पौधे रोपे गए थे। घने होते जा रहे इस जंगल में अब प्रकृति के साथ-साथ वन्यजीवों की चहल-पहल भी बढ़ गई है। हाल ही में यहां हिरणों के झुंड को विचरण करते हुए देखा गया है, जो इस प्रोजेक्ट की सफलता को दर्शाता है।
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- 1.21 लाख पौधे गंगावन में बन रहे हैं वृक्ष
- पिछले साल भागीरथी वन में 3.51 लाख पौधे रोपे गए
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गंगावन और भागीरथी वन की स्थापना के प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहे हैं। इसी तर्ज पर जिले और राज्य में अन्य जगहों पर भी नए वन विकसित करने का काम चल रहा है। — संजीव कुमार, डीएफओ, कासगंज
इसका सीधा सकारात्मक असर यहां के पर्यावरण और भूजल स्तर पर दिखने लगा है। कासगंज के इस सफल मॉडल को अब यूपी के कई अन्य जिलों में भी अपनाया जा रहा है। यह दोनों ही वन जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्थापित किए गए हैं।
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वन विभाग का मानना है कि इन दोनों क्षेत्र पर्यावरण के लिए संजीवनी का काम कर रहे हैं। इससे भूजल स्तर में भी सुधार होने लगा है।
चंदनपुर घटियारी का गंगावन
गंगावन की स्थापना चंदनपुर घटियारी में की गई थी, जहां प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पहला पौधा रोपा था। आज यहां लगाए गए 1.21 लाख पौधे विशाल वृक्ष बन चुके हैं। इस वन में अलग-अलग प्रजातियों की वनस्पतियों की आकर्षक वाटिकाएं बनाई गई हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं।
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- 1.21 लाख पौधे गंगावन में बन रहे हैं वृक्ष
- पिछले साल भागीरथी वन में 3.51 लाख पौधे रोपे गए
गंगावन और भागीरथी वन की स्थापना के प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहे हैं। इसी तर्ज पर जिले और राज्य में अन्य जगहों पर भी नए वन विकसित करने का काम चल रहा है। — संजीव कुमार, डीएफओ, कासगंज