{"_id":"6a2d995af4941d2b58005808","slug":"house-lintel-collapses-during-storm-and-rain-couple-and-young-child-killed-kasganj-news-c-175-1-kas1003-149165-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: आंधी-बारिश में ढहा मकान का लिंटर, दंपती समेत मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: आंधी-बारिश में ढहा मकान का लिंटर, दंपती समेत मासूम की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sat, 13 Jun 2026 11:24 PM IST
विज्ञापन
फोटो18कासगंज में बरेली -मथुरा हाईवे सड़क हादसे की जांच करने पहुंचे एआरटीओ। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सिढ़पुरा। गांव शेखुपुरा में शनिवार की सुबह तड़के करीब साढ़े चार बजे आंधी-बारिश के बीच एक मकान का लिंटर भरभराकर गिर गया। मलबे में दबकर पति-पत्नी समेत मासूम की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चे घायल हो गए। हादसे की सूचना पर डीएम, एसपी, एएसपी और एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया। डीएम ने एसडीएम को 24 घंटे के अंदर दैवी आपदा राहत कोष से पीड़ितों की मदद करने के निर्देश दिए हैं। गांव शेखुपुरा निवासी वीरभान (30) अपने परिवार के साथ शुक्रवार की रात घर में सो रहे थे। शनिवार की तड़के सुबह 4:30 बजे तेज आंधी और बारिश के दौरान उनके मकान का लिंटर ढह गया। तेज धमाके और चीख-पुकार की आवाज सुनकर ग्राम प्रधान गीतम सिंह समेत आसपास रहने वाले ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक मलबे के नीचे दबने से वीरभान, पत्नी नीलम (27) और पुत्री काव्या (3) की मौत हो चुकी थी। वहीं, बेटी काजल (10), बेटा सूरज (7) और बेटी किरन (5) घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी रंजीत कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। घायलों को एम्बुलेंस से तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनका उपचार प्रभारी डॉ. प्रदीप गौतम की देखरेख में चल रहा है। सूचना पर उपजिलाधिकारी प्रदीप विमल, सीओ अमित कुमार, तहसीलदार रामनयन, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजन एवं ग्रामीणों से हादसे की जानकारी की। हादसे की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी प्रणय सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान मृतक वीरभान के पिता भगवान सिंह अधिकारियों के सामने फफक पड़े। हाथ जोड़कर घायल बच्चों को बचा लेने की गुहार लगाई। अधिकारियों ने उन्हें शासन स्तर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। डीएम ने एसडीएम को 24 घंटे में दैवी आपदा राहत कोष से सहायता दिलाने के निर्देश दिए।
झोपड़ी में लेटे थे माता-पिता, बची जान : सिढ़पुरा। आंधी-बारिश के बीच पक्के मकान में लेटे परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई, जबकि मृतक वीरभान के पिता भगवान सिंह और मां कृष्णा देवी पक्के मकान के पास स्थित झोपड़ी में लेटे थे। इस वजह से उनकी जान बच गई। तेज धमाके के साथ मकान का लिंटर गिरने पर भगवान सिंह दौड़ मौके पर पहुंचे तो भयावह मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। जवान बेटे, बहू और पोती की मौत के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे से गांव में छाया मातम: सिढ़पुरा। एक रात पहले जिस मकान में भगवान सिंह का हंसता-खेलता परिवार खाना खाकर सोया था, उसमें शनिवार की सुबह तबाही का मंजर था। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असामयिक मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। गांव में हर शख्स की आंखें नम हो गईं। हर कोई इस हृदय विदारक घटना से स्तब्ध नजर आया।
विज्ञापन
झोपड़ी में लेटे थे माता-पिता, बची जान : सिढ़पुरा। आंधी-बारिश के बीच पक्के मकान में लेटे परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई, जबकि मृतक वीरभान के पिता भगवान सिंह और मां कृष्णा देवी पक्के मकान के पास स्थित झोपड़ी में लेटे थे। इस वजह से उनकी जान बच गई। तेज धमाके के साथ मकान का लिंटर गिरने पर भगवान सिंह दौड़ मौके पर पहुंचे तो भयावह मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। जवान बेटे, बहू और पोती की मौत के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हादसे से गांव में छाया मातम: सिढ़पुरा। एक रात पहले जिस मकान में भगवान सिंह का हंसता-खेलता परिवार खाना खाकर सोया था, उसमें शनिवार की सुबह तबाही का मंजर था। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असामयिक मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। गांव में हर शख्स की आंखें नम हो गईं। हर कोई इस हृदय विदारक घटना से स्तब्ध नजर आया।