{"_id":"6a5134067ead31aedf091d34","slug":"striking-at-tb-1170-new-patients-detected-during-a-100-day-survey-in-kasganj-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-150455-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीबी पर प्रहार: कासगंज में 100 दिनों के सर्वे में सामने आए 1170 नए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीबी पर प्रहार: कासगंज में 100 दिनों के सर्वे में सामने आए 1170 नए मरीज
Fri, 10 Jul 2026 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। जिले को क्षय रोग से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया गया 100 दिवसीय विशेष अभियान बेहद असरदार साबित हुआ है। विभाग की टीमों ने घर-घर सर्वे, बलगम जांच और एक्स-रे के जरिए ऐसे मरीजों को खोज निकाला है, जो अपनी इस बीमारी से अनजान थे।
अभियान के तहत कुल 32 हजार लोगों की स्क्रीनिंग में 1170 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है। इसके साथ ही वर्ष 2026 में जिले में अब तक कुल 2,305 टीबी रोगी चिह्नित किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग ने संभावित लक्षणों वाले लोगों तक स्वयं पहुंचने की रणनीति अपनाई। इस 100 दिवसीय सघन अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी निशुल्क एक्स-रे और बलगम जांच कराई गई। जिन मरीजों में टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई है, उन्हें तुरंत डॉट्स प्रणाली के तहत निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराते हुए उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. उत्कर्ष ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है।
समय पर जांच और नियमित दवाओं के सेवन से इसे पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सकता है। इसी सोच के साथ हमारी टीमों ने सीधे जनता के बीच जाकर लक्षण वाले लोगों की जांच की, जिससे यह छिपे हुए मामले सामने आ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियान के तहत कुल 32 हजार लोगों की स्क्रीनिंग में 1170 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है। इसके साथ ही वर्ष 2026 में जिले में अब तक कुल 2,305 टीबी रोगी चिह्नित किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग ने संभावित लक्षणों वाले लोगों तक स्वयं पहुंचने की रणनीति अपनाई। इस 100 दिवसीय सघन अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी निशुल्क एक्स-रे और बलगम जांच कराई गई। जिन मरीजों में टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई है, उन्हें तुरंत डॉट्स प्रणाली के तहत निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराते हुए उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. उत्कर्ष ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
समय पर जांच और नियमित दवाओं के सेवन से इसे पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सकता है। इसी सोच के साथ हमारी टीमों ने सीधे जनता के बीच जाकर लक्षण वाले लोगों की जांच की, जिससे यह छिपे हुए मामले सामने आ सके।
विज्ञापन