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Kasganj News: आंधी-बारिश के कारण नहीं हो सका मां-बेटे का अंतिम संस्कार
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पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे शव, मची चीत्कार
-दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहावर। हीरापुर गांव में बृहस्पतिवार शाम करंट लगने से मां-बेटे की दुखद मौत हो गई। उनके शव गांव पहुंचते ही चारों ओर चीत्कार मच गया। घटना से पूरे गांव में गहरा मातम छा गया है। वहीं, अचानक आई आंधी-बारिश के कारण उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। बृहस्पतिवार सुबह दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मृतक रहीश पाल गांव में खेती-बाड़ी के साथ रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करता था। उसके भाई नरेंद्र सिंह ने बताया कि रहीश की शादी चार साल पहले रेनू से हुई थी। रहीश अपने पीछे दो मासूम बेटियां छोड़ गया है। इनमें दो वर्षीय तनिष्का और मात्र छह माह की अनिष्का हैं।
इन बच्चियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। पत्नी रेनू और अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुखद घड़ी में हर कोई पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा है।
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चार भाइयों में सबसे छोटा था रहीश
रहीश पाल अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके तीन बड़े भाई वीरपाल, नरेंद्र सिंह और अरुण कुमार हैं। वे सभी बाहर रहकर रेडीमेड कपड़ों का काम करते हैं। रहीश गांव में रहकर खेती और व्यापार के जरिए परिवार का हाथ बंटाता था। इस दुखद घटना से परिवार पर गहरा संकट आ गया है।
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-दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहावर। हीरापुर गांव में बृहस्पतिवार शाम करंट लगने से मां-बेटे की दुखद मौत हो गई। उनके शव गांव पहुंचते ही चारों ओर चीत्कार मच गया। घटना से पूरे गांव में गहरा मातम छा गया है। वहीं, अचानक आई आंधी-बारिश के कारण उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। बृहस्पतिवार सुबह दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मृतक रहीश पाल गांव में खेती-बाड़ी के साथ रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करता था। उसके भाई नरेंद्र सिंह ने बताया कि रहीश की शादी चार साल पहले रेनू से हुई थी। रहीश अपने पीछे दो मासूम बेटियां छोड़ गया है। इनमें दो वर्षीय तनिष्का और मात्र छह माह की अनिष्का हैं।
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इन बच्चियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। पत्नी रेनू और अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुखद घड़ी में हर कोई पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा है।
चार भाइयों में सबसे छोटा था रहीश
रहीश पाल अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके तीन बड़े भाई वीरपाल, नरेंद्र सिंह और अरुण कुमार हैं। वे सभी बाहर रहकर रेडीमेड कपड़ों का काम करते हैं। रहीश गांव में रहकर खेती और व्यापार के जरिए परिवार का हाथ बंटाता था। इस दुखद घटना से परिवार पर गहरा संकट आ गया है।
