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Kaushambi News: निरीक्षण में अनियमितता उजागर, प्रधानाध्यापिका निलंबित
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विकास खंड मूरतगंज के प्राथमिक विद्यालय टीका का पूरा की प्रधानाध्यापिका अनीता देवी को गंभीर प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताओं के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी मूरतगंज की 11 जुलाई 2026 की निरीक्षण आख्या के आधार पर की गई। इसमें 11 बिंदुओं पर प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में 117 नामांकित छात्रों के सापेक्ष केवल 40 छात्र उपस्थित मिले जबकि प्रधानाध्यापिका ने 80 छात्रों की उपस्थिति दर्ज कराई थी।
जांच में मध्याह्न भोजन पंजिका में वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज करने, भोजन की गुणवत्ता खराब होने और अपर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने की पुष्टि हुई। साथ ही शिक्षक डायरी अप्रैल माह से अब तक पूरी नहीं मिली और विद्यार्थियों की कार्य पुस्तिकाएं भी जांची नहीं गई थीं।
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विद्यालय में निपुण तालिका नहीं लगी थी और नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने के लिए कोई रैली, जनसंपर्क या प्रचार-प्रसार नहीं किया गया था।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने के बावजूद भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जा रहा था और एफएसएसएआई से अनुमोदित नहीं होने वाली खाद्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा था।
दूध वितरण में भी अनियमितता सामने आई। इन सभी आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए कर्मचारी आचरण (सेवा एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
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निरीक्षण के दौरान विद्यालय में 117 नामांकित छात्रों के सापेक्ष केवल 40 छात्र उपस्थित मिले जबकि प्रधानाध्यापिका ने 80 छात्रों की उपस्थिति दर्ज कराई थी।
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जांच में मध्याह्न भोजन पंजिका में वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज करने, भोजन की गुणवत्ता खराब होने और अपर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने की पुष्टि हुई। साथ ही शिक्षक डायरी अप्रैल माह से अब तक पूरी नहीं मिली और विद्यार्थियों की कार्य पुस्तिकाएं भी जांची नहीं गई थीं।
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विद्यालय में निपुण तालिका नहीं लगी थी और नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने के लिए कोई रैली, जनसंपर्क या प्रचार-प्रसार नहीं किया गया था।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने के बावजूद भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जा रहा था और एफएसएसएआई से अनुमोदित नहीं होने वाली खाद्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा था।
दूध वितरण में भी अनियमितता सामने आई। इन सभी आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए कर्मचारी आचरण (सेवा एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।