Kaushambi : कौशाम्बी में अचानक बदला मौसम, जबर्दस्त ओलावृष्टि से मची अफरातफरी
कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 5:45 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए और तेज चमक-गरज के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब 20 मिनट तक हुई तेज बर्फबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 5:45 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए और तेज चमक-गरज के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब 20 मिनट तक हुई तेज बर्फबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ओले इतनी तेज और बड़े आकार के थे कि लोग घबराकर अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल पर सबसे अधिक असर पड़ा है। कई किसानों ने बताया कि तेज ओलों की मार से फसलें खेतों में ही बिछ गईं, जिससे उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे कराकर मुआवजे की व्यवस्था नहीं की गई तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। ओलावृष्टि के बाद इलाके में खेतों में बर्फ की परत जैसी स्थिति देखी गई, जिसे देखकर किसान काफी चिंतित नजर आए।
गरज-चमक व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग
तिरहार इलाके में शुक्रवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गरज-चमक के साथ हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं, जौ, चना और सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
हिनौता, कुम्हियांवा, सरसंवा, अलवारा, पौरकाशीरामपुर, गौरातफारिक, शाहपुर, उमरावां, मुबारकपुर, घोघपुर, भवनसुरी, भारतपुर, रानीपुर, हटवा, रायपुर, कटरी, डेढ़ावल, सेंगरहा, पलरा, बैरमपुर और घासीपुर समेत दर्जनों गांवों में ओलावृष्टि का असर साफ देखा गया। खेतों में खड़ी पकी फसलें तेज हवा और ओलों की मार से गिर गईं, जिससे दाने झड़ने और गुणवत्ता खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
इस समय रबी फसलों की कटाई का पीक सीजन चल रहा है, लेकिन अचानक आई इस आपदा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई किसानों का कहना है कि पूरी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है, जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर छोटे और सीमांत किसानों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। दैवीय आपदा से प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।