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Kaushambi : नाक नहीं, अपराधियों का रडार है लियो, अब गंध से खोलेगा हर राज, आठ साल बाद पुलिस को मिला ट्रैकर डॉग

Fri, 31 Jul 2026 07:27 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 31 Jul 2026 07:27 PM IST
सार

अपराधी अब वारदात के बाद कितनी भी सफाई से भाग निकलें, लेकिन उनकी छोड़ी हुई गंध उन्हें सलाखों तक पहुंचा सकती है। इसी भरोसे के साथ आठ साल बाद कौशाम्बी पुलिस के डॉग स्क्वॉड में ट्रैकर डॉग लियो की एंट्री हुई है।

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Leo is not just a nose but a radar for criminals he will now uncover every secret through scent
कौशाम्बी पुलिस के बेडे़ में शामिल हुआ ट्रैकर डॉग। - फोटो : संवाद।

विस्तार

अपराधी अब वारदात के बाद कितनी भी सफाई से भाग निकलें, लेकिन उनकी छोड़ी हुई गंध उन्हें सलाखों तक पहुंचा सकती है। इसी भरोसे के साथ आठ साल बाद कौशाम्बी पुलिस के डॉग स्क्वॉड में ट्रैकर डॉग लियो की एंट्री हुई है। मध्य प्रदेश के टेकनपुर में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त लियो घटनास्थल से गंध के सहारे अपराधियों तक पहुंचने में माहिर है। इससे हत्या, लूट, चोरी और लापता लोगों की तलाश जैसे मामलों की जांच पहले से अधिक तेज और वैज्ञानिक होने की उम्मीद है।

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पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने शुक्रवार को बताया कि लियो को घटनास्थल पर मिले कपड़ों, हथियारों, पैरों के निशानों और अन्य वस्तुओं से गंध लेकर संदिग्धों का पीछा करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उसकी सूंघने की क्षमता सामान्य जांच में छूट जाने वाले अहम सुराग भी तलाश सकती है। इसके अलावा लापता बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों की खोज में भी वह पुलिस का मजबूत सहयोगी बनेगा।

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आठ साल बाद जिले में दोबारा मिला ट्रैकर डॉग

जिले में वर्ष 2018 के बाद पहली बार ट्रैकर डॉग की तैनाती हुई है। पुलिस ने बताया कि अब तक किसी बड़ी घटना के खुलासे के लिए प्रयागराज से डॉग स्क्वॉड बुलाना पड़ता था, जिससे जांच में देरी होती थी। अब लियो के आने से पुलिस को तत्काल घटनास्थल पर वैज्ञानिक सहायता मिल सकेगी और अपराध अनावरण की गति बढ़ेगी।

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देखरेख के लिए नियुक्त हुए प्रशिक्षक, प्रतिदिन खर्च होगा 425 रुपये

लियो की देखरेख के लिए प्रशिक्षित हैंडलर अनिल यादव को तैनात किया गया है। उसके लिए पुलिस लाइन में वातानुकूलित केनल बनाया गया है। विभाग की तरफ से प्रतिदिन 425 रुपये खर्च कर इसके भोजन में प्रतिदिन आधा किलो मांस, दो अंडे, लगभग 600 ग्राम दूध तथा गेहूं का दलिया या चावल दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के साथ ट्रैकर डॉग की मदद से जिले में अपराधियों पर पहले से अधिक प्रभावी शिकंजा कसा जा सकेगा।

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