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Kaushambi News: मरम्मत के दो साल बाद फिर गड्ढों में तब्दील हुई सड़क, हादसों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:08 AM IST
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अजुहा-टांडा-अलीपुर जीता मार्ग पर सड़क के किनारे कटान से जगह-जगह बने गढ्ढे - संवाद
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विकास खंड कड़ा के अजुहा कस्बे से टांडा होकर अलीपुर जीता जाने वाली मुख्य सड़क मरम्मत के महज दो वर्ष बाद ही बदहाल हो गई। करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क किनारे उगी झाड़ियों के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
यह मार्ग प्रेमनगर, अजुहा, अलीपुर जीता, भैरावां, नादेमई सहित दर्जनों गांवों को जोड़ता है। प्रतिदिन इसी सड़क से ई-रिक्शा, ऑटो, बाइक सवार, स्कूली बच्चे और स्कूल बसों का आवागमन होता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले लाखों रुपये की लागत से लगभग 14 किलोमीटर लंबी सड़क का मरम्मतीकरण कराया गया था, लेकिन गुणवत्ता की अनदेखी के चलते सड़क जल्द ही टूटने लगी।
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यह सड़क करीब दो साल पहले बनी थी, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि आज हालत बद से बदतर है। अगर ठेकेदार ने सड़क के किनारे दो-दो फीट ईंटें या सोलिंग करा दी होती, तो पानी बहने से सड़क नहीं कटती। रात में और बारिश के समय गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक और ई-रिक्शा सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। -राभवन, टांडा गांव
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इस सड़क से दर्जनों गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चे, स्कूल बसें, बुजुर्ग और महिलाएं सभी इसी रास्ते पर निर्भर हैं। सड़क किनारे झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि गड्ढे पूरी तरह ढक जाते हैं। कई लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन आंख बंद कर बैठा है। -पुनीत सिंह, टांडा गांव
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सड़क की स्थिति की जानकारी मिली है। जल्द ही मौके का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा और जहां गड्ढे अधिक हैं, वहां तत्काल सुधार कराए जाएंगे। - हरबंश सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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यह मार्ग प्रेमनगर, अजुहा, अलीपुर जीता, भैरावां, नादेमई सहित दर्जनों गांवों को जोड़ता है। प्रतिदिन इसी सड़क से ई-रिक्शा, ऑटो, बाइक सवार, स्कूली बच्चे और स्कूल बसों का आवागमन होता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले लाखों रुपये की लागत से लगभग 14 किलोमीटर लंबी सड़क का मरम्मतीकरण कराया गया था, लेकिन गुणवत्ता की अनदेखी के चलते सड़क जल्द ही टूटने लगी।
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यह सड़क करीब दो साल पहले बनी थी, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि आज हालत बद से बदतर है। अगर ठेकेदार ने सड़क के किनारे दो-दो फीट ईंटें या सोलिंग करा दी होती, तो पानी बहने से सड़क नहीं कटती। रात में और बारिश के समय गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक और ई-रिक्शा सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। -राभवन, टांडा गांव
इस सड़क से दर्जनों गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चे, स्कूल बसें, बुजुर्ग और महिलाएं सभी इसी रास्ते पर निर्भर हैं। सड़क किनारे झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि गड्ढे पूरी तरह ढक जाते हैं। कई लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन आंख बंद कर बैठा है। -पुनीत सिंह, टांडा गांव
सड़क की स्थिति की जानकारी मिली है। जल्द ही मौके का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा और जहां गड्ढे अधिक हैं, वहां तत्काल सुधार कराए जाएंगे। - हरबंश सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी

अजुहा-टांडा-अलीपुर जीता मार्ग पर सड़क के किनारे कटान से जगह-जगह बने गढ्ढे - संवाद

अजुहा-टांडा-अलीपुर जीता मार्ग पर सड़क के किनारे कटान से जगह-जगह बने गढ्ढे - संवाद
