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गंडक नहर पुल : पीडब्ल्यूडी ने सिंचाई विभाग से मांगा नक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 14 Apr 2026 02:34 AM IST
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पडरौना शहर के पश्चिमी गंडक नहर की मेन पुल। संवाद
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पडरौना। शहर के बीच से होकर गुजरे मुख्य पश्चिमी गंडक पर प्रस्तावित नए पुल के निर्माण को लेकर विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है। एनएच पीडब्ल्यूडी की तरफ से सिंचाई विभाग को पत्र भेज कर गंडक नहर पर बने पुल के दोनों तरफ एप्रोच का राजस्व नक्शा उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है।
सिंचाई विभाग की तरफ से पुल के एप्रोच का नक्शा मिलते ही नए पुल निर्माण के लिए आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा।
सुभाष चौक से जिला मुख्यालय की तरफ से जाने वाली सड़क शहर की सबसे व्यस्त मार्ग है। गंडक नहर पर बने पुल के दोनों तरफ सड़क तो चौड़ी कर दी गई है, लेकिन पुल अभी संकरा है। इस रास्ते जिला मुख्यालय के अलावा कसया, गोरखपुर, देवरिया, कुबेरस्थान, तुर्कपट्टी के लोग आते-जाते हैं। लोगों को इस मार्ग पर स्थित गंडक नहर पर बने पुल को पार करना पड़ता है। इस पुल के दोनों तरफ सड़क चौड़ा कर एनएच-28बी बनाया गया है।
इसके अलावा नहर की पटरी से होकर नेपाल को जोड़ने के लिए झुलनीपुर जाने के लिए बाईपास सड़क बनी है। इस मार्ग पर भी हर दिन वाहनों की लंबी लाइन लगी रहती है। यहां बनी सड़क की अपेक्षा पुल संकरा होने के कारण रुक-रुक कर पूरे दिन जाम लगता रहता है। सप्ताह में दो से तीन ऐसा होता कि इसकी दोनों तरफ से करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लाइन लग जाती है। उससे निकलने में लोगों को घंटे भर का समय लग जाता है। उसे खत्म कराने में पुलिस के भी पसीने छूट जाते हैं।
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्यसभा सदस्य आरपीएन सिंह की पहल पर एनएचएआई के अधिकारियों ने यहां नए पुल के लिए डीपीआर शासन को भेजी थी। डीपीआर स्वीकृति के साथ्ज्ञ पुल के चौड़ीकरण के लिए 16 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद एनएच पीडब्ल्यूडी ने गंडक नहर पर बने पुराने पुल के चौड़ीकरण के लिए विभागीय प्रक्रिया तेज कर दी है।
एनएच पीडब्ल्यूडी ने सिंचाई विभाग को पुल के दोनों तरफ बने एप्रोच का राज्य नक्शा मांगा है। एनएच पीडब्ल्यूडी के जेई अवधेश गुप्ता ने बताया कि गंडक नहर पर बने पुराने पुल के जगह प्रस्तावित नए पुल का निर्माण को लेकर विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है। सिंचाई विभाग से पुल के दोनों तरफ बने एप्रोच का राजस्व नक्शा मांगा गया है। सिंचाई विभाग से राजस्व नक्शा प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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सिंचाई विभाग की तरफ से पुल के एप्रोच का नक्शा मिलते ही नए पुल निर्माण के लिए आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा।
सुभाष चौक से जिला मुख्यालय की तरफ से जाने वाली सड़क शहर की सबसे व्यस्त मार्ग है। गंडक नहर पर बने पुल के दोनों तरफ सड़क तो चौड़ी कर दी गई है, लेकिन पुल अभी संकरा है। इस रास्ते जिला मुख्यालय के अलावा कसया, गोरखपुर, देवरिया, कुबेरस्थान, तुर्कपट्टी के लोग आते-जाते हैं। लोगों को इस मार्ग पर स्थित गंडक नहर पर बने पुल को पार करना पड़ता है। इस पुल के दोनों तरफ सड़क चौड़ा कर एनएच-28बी बनाया गया है।
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इसके अलावा नहर की पटरी से होकर नेपाल को जोड़ने के लिए झुलनीपुर जाने के लिए बाईपास सड़क बनी है। इस मार्ग पर भी हर दिन वाहनों की लंबी लाइन लगी रहती है। यहां बनी सड़क की अपेक्षा पुल संकरा होने के कारण रुक-रुक कर पूरे दिन जाम लगता रहता है। सप्ताह में दो से तीन ऐसा होता कि इसकी दोनों तरफ से करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लाइन लग जाती है। उससे निकलने में लोगों को घंटे भर का समय लग जाता है। उसे खत्म कराने में पुलिस के भी पसीने छूट जाते हैं।
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्यसभा सदस्य आरपीएन सिंह की पहल पर एनएचएआई के अधिकारियों ने यहां नए पुल के लिए डीपीआर शासन को भेजी थी। डीपीआर स्वीकृति के साथ्ज्ञ पुल के चौड़ीकरण के लिए 16 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद एनएच पीडब्ल्यूडी ने गंडक नहर पर बने पुराने पुल के चौड़ीकरण के लिए विभागीय प्रक्रिया तेज कर दी है।
एनएच पीडब्ल्यूडी ने सिंचाई विभाग को पुल के दोनों तरफ बने एप्रोच का राज्य नक्शा मांगा है। एनएच पीडब्ल्यूडी के जेई अवधेश गुप्ता ने बताया कि गंडक नहर पर बने पुराने पुल के जगह प्रस्तावित नए पुल का निर्माण को लेकर विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है। सिंचाई विभाग से पुल के दोनों तरफ बने एप्रोच का राजस्व नक्शा मांगा गया है। सिंचाई विभाग से राजस्व नक्शा प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
