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Kushinagar News: आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं महिलाएं
Thu, 30 Jul 2026 02:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:21 AM IST
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सुकरौली। महिलाएं हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) योजना ने क्षेत्र की महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि उन्हें समाज में नई पहचान भी दिलाई है।
ये महिलाएं गुड़ की पैकिंग, अगरबत्ती, गुलाल, दीपक और सजावटी उत्पाद तैयार कर परिवार की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मुहैया करा रही हैं। लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में सुकरौली ब्लॉक से समूह की महिलाओं की ओर से तैयार उत्पाद का स्टाल लगाया गया था। सीएम ने सराहना भी की थी। सुकरौली ब्लॉक में वर्तमान में 1070 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनमें 42 समूह नगरीय क्षेत्र के हैं। शेष ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन समूहों से करीब 16,900 महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें लगभग 900 समूह नियमित रूप से आजीविका गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
प्रत्येक समूह में औसतन 10 से 20 महिलाएं कार्यरत हैं। हाल ही में लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में सुकरौली के स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। समूह की महिलाओं के उत्पादों की मुख्यमंत्री ने भी सराहना की थी।
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इसके बाद महिलाओं का उत्साह और बढ़ा है तथा कई समूहों ने उत्पादन बढ़ाने के साथ नए उत्पाद तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। सुकरौली ब्लॉक के एनआरएलएम कर्मी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मिश्रौली गांव का शाहजहां महिला स्वयं सहायता समूह इसकी मिसाल है। समूह की महिलाएं गुड़ और अन्य पारंपरिक खाद्य उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजारों में बेच रही हैं। त्योहारों के दौरान इनके उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है।
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ये महिलाएं गुड़ की पैकिंग, अगरबत्ती, गुलाल, दीपक और सजावटी उत्पाद तैयार कर परिवार की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मुहैया करा रही हैं। लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में सुकरौली ब्लॉक से समूह की महिलाओं की ओर से तैयार उत्पाद का स्टाल लगाया गया था। सीएम ने सराहना भी की थी। सुकरौली ब्लॉक में वर्तमान में 1070 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनमें 42 समूह नगरीय क्षेत्र के हैं। शेष ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन समूहों से करीब 16,900 महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें लगभग 900 समूह नियमित रूप से आजीविका गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
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प्रत्येक समूह में औसतन 10 से 20 महिलाएं कार्यरत हैं। हाल ही में लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में सुकरौली के स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। समूह की महिलाओं के उत्पादों की मुख्यमंत्री ने भी सराहना की थी।
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इसके बाद महिलाओं का उत्साह और बढ़ा है तथा कई समूहों ने उत्पादन बढ़ाने के साथ नए उत्पाद तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। सुकरौली ब्लॉक के एनआरएलएम कर्मी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मिश्रौली गांव का शाहजहां महिला स्वयं सहायता समूह इसकी मिसाल है। समूह की महिलाएं गुड़ और अन्य पारंपरिक खाद्य उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजारों में बेच रही हैं। त्योहारों के दौरान इनके उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है।