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Lakhimpur Kheri News: कागजों में दौड़ा जल जीवन मिशन, जमीनी हकीकत पर ईई निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:25 PM IST
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अधूरा पड़ा ओवरहेड टैंक का निर्माण। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत और विभागीय दावों के बीच बड़ा अंतर सामने आने के बाद लापरवाही की गाज अधिशासी अभियंता (ईई) पर गिर गई। प्रबंधक निदेशक डॉ. राजशेखर ने जल निगम ग्रामीण, लखीमपुर के ईई अविनाश कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर आगरा से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच गोरखपुर के मुख्य अभियंता विक्रम प्रताप सिंह को सौंपी गई है।
20 मार्च को लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ था कि जल जीवन मिशन के तहत लक्ष्य के मुकाबले कार्य बेहद पीछे हैं। 1553 गांवों में जलापूर्ति के लक्ष्य के सापेक्ष विभाग 956 गांवों में आपूर्ति का दावा कर रहा था, जबकि पोर्टल पर केवल 306 गांवों में ही शत-प्रतिशत आपूर्ति दर्ज मिली।
तीन माह से मांगी जा रही रिपोर्ट भी मुख्यालय नहीं भेजी गई। सितंबर, 2025 से फरवरी 2026 तक 48 साइट विजिट का लक्ष्य था, लेकिन केवल 26 विजिट दर्ज मिलीं। 904 योजनाओं के मुकाबले 181 ही पूरी हो सकीं, जबकि 458 योजनाओं के सापेक्ष मात्र 147 का ही जल सेवा आंकलन हुआ।
निलंबन आदेश में शासकीय कार्य लंबित रखने, कर्तव्यों का पालन न करने, आदेशों की अवहेलना और घोर लापरवाही जैसे आरोप लगाए गए हैं।
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करोड़ों खर्च, फिर भी प्यासे गांव
लखीमपुर खीरी। जल जीवन मिशन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जिले के कई गांवों में हालात बदले नहीं हैं। कहीं पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है, तो कहीं ओवरहेड टैंक अधूरे पड़े हैं। कई स्थानों पर टोंटियां ही गायब हैं और जहां व्यवस्था बनी भी है, वहां तकनीकी खामियों या चोरी की घटनाओं से जलापूर्ति ठप है।
तिकुनिया के रायपुर गांव में ओवरहेड टैंक बनने के बाद भी पूरे गांव तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और आपूर्ति सीमित दायरे में सिमटी है। मोहम्मदी क्षेत्र के बौआ गांव में काम पूरा होने के बावजूद तकनीकी खामियों के चलते सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।
बांकेगंज ब्लाक की नौ मजरों वाली ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट में 3.44 करोड़ रुपये खर्च कर 1406 घरों तक पानी पहुंचाने का दावा किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत में कई स्थानों पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। कई जगह टोंटियां भी गायब हैं।
निघासन के कुर्मीन पुरवा में चार साल से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि खरवहिया में सोलर पैनल चोरी होने से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। बेलरायां क्षेत्र के तकियापुरवा और भुलनपुर में पाइप लाइन जगह-जगह लीकेज होने से पानी बर्बाद हो रहा है और आपूर्ति बाधित है।
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दो साल में पाइप लाइन बिछाईं, टैंक अब भी अधूरा
अलीगंज। ग्राम पंचायत अलीगंज में दो साल पहले पाइप लाइन बिछाई गई और टोंटियां भी लगा दी गईं, लेकिन ओवरहेड टैंक अब तक नहीं बन सका। बिना पानी के ये टोटियां शोपीस बन गई हैं, जबकि कई जगह क्षतिग्रस्त भी हो चुकी हैं। प्रधान मोहम्मद आरिफ उर्फ शेखू ने बताया कि सड़क खोदकर छोड़ दी गई है, उसे भी ठीक नहीं कराया गया। गांव को शुद्ध पानी कब मिलेगा, यह कोई नहीं बता पा रहा। संवाद
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20 मार्च को लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ था कि जल जीवन मिशन के तहत लक्ष्य के मुकाबले कार्य बेहद पीछे हैं। 1553 गांवों में जलापूर्ति के लक्ष्य के सापेक्ष विभाग 956 गांवों में आपूर्ति का दावा कर रहा था, जबकि पोर्टल पर केवल 306 गांवों में ही शत-प्रतिशत आपूर्ति दर्ज मिली।
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तीन माह से मांगी जा रही रिपोर्ट भी मुख्यालय नहीं भेजी गई। सितंबर, 2025 से फरवरी 2026 तक 48 साइट विजिट का लक्ष्य था, लेकिन केवल 26 विजिट दर्ज मिलीं। 904 योजनाओं के मुकाबले 181 ही पूरी हो सकीं, जबकि 458 योजनाओं के सापेक्ष मात्र 147 का ही जल सेवा आंकलन हुआ।
निलंबन आदेश में शासकीय कार्य लंबित रखने, कर्तव्यों का पालन न करने, आदेशों की अवहेलना और घोर लापरवाही जैसे आरोप लगाए गए हैं।
करोड़ों खर्च, फिर भी प्यासे गांव
लखीमपुर खीरी। जल जीवन मिशन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जिले के कई गांवों में हालात बदले नहीं हैं। कहीं पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है, तो कहीं ओवरहेड टैंक अधूरे पड़े हैं। कई स्थानों पर टोंटियां ही गायब हैं और जहां व्यवस्था बनी भी है, वहां तकनीकी खामियों या चोरी की घटनाओं से जलापूर्ति ठप है।
तिकुनिया के रायपुर गांव में ओवरहेड टैंक बनने के बाद भी पूरे गांव तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और आपूर्ति सीमित दायरे में सिमटी है। मोहम्मदी क्षेत्र के बौआ गांव में काम पूरा होने के बावजूद तकनीकी खामियों के चलते सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।
बांकेगंज ब्लाक की नौ मजरों वाली ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट में 3.44 करोड़ रुपये खर्च कर 1406 घरों तक पानी पहुंचाने का दावा किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत में कई स्थानों पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। कई जगह टोंटियां भी गायब हैं।
निघासन के कुर्मीन पुरवा में चार साल से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि खरवहिया में सोलर पैनल चोरी होने से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। बेलरायां क्षेत्र के तकियापुरवा और भुलनपुर में पाइप लाइन जगह-जगह लीकेज होने से पानी बर्बाद हो रहा है और आपूर्ति बाधित है।
दो साल में पाइप लाइन बिछाईं, टैंक अब भी अधूरा
अलीगंज। ग्राम पंचायत अलीगंज में दो साल पहले पाइप लाइन बिछाई गई और टोंटियां भी लगा दी गईं, लेकिन ओवरहेड टैंक अब तक नहीं बन सका। बिना पानी के ये टोटियां शोपीस बन गई हैं, जबकि कई जगह क्षतिग्रस्त भी हो चुकी हैं। प्रधान मोहम्मद आरिफ उर्फ शेखू ने बताया कि सड़क खोदकर छोड़ दी गई है, उसे भी ठीक नहीं कराया गया। गांव को शुद्ध पानी कब मिलेगा, यह कोई नहीं बता पा रहा। संवाद

अधूरा पड़ा ओवरहेड टैंक का निर्माण। संवाद

अधूरा पड़ा ओवरहेड टैंक का निर्माण। संवाद