{"_id":"6a6ce0f0a57998c3fd0783b1","slug":"ndrf-searches-25-km-in-sharda-river-yet-returns-empty-handed-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-181387-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: शारदा नदी में 25 किमी तक तलाश फिर भी एनडीआरएफ खाली हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: शारदा नदी में 25 किमी तक तलाश फिर भी एनडीआरएफ खाली हाथ
Fri, 31 Jul 2026 11:22 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:22 PM IST
विज्ञापन
एनडीआरएफ टीम ने शुरू किया स्टीमर से खोज अभियान। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजुआ। शारदा नदी के बेलहा सिकटिहा घाट पर बृहस्पतिवार शाम नाव पलटने से लापता दो दूधियों का 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा। एनडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार को घटनास्थल से करीब 25 किलोमीटर तक नदी में तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। परिजन नदी किनारे उनके मिलने की उम्मीद लगाए हैं।
बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे शारदा नदी के उस पार से दूध लेकर लौट रहे दूधियों की नाव बेलहा सिकटिहा घाट पर बीच धारा में पलट गई थी। नाव में सवार नौ लोगों में सात ने तैरकर जान बचाई, जबकि कल्लू पुत्र रऊफ निवासी गंगाबेहड़ और सोनू पुत्र बिजेंद्र निवासी चकपुरवा तेज बहाव में लापता हो गए।
सुरक्षित निकले लोगों में बेलहा सिकटिहा निवासी रामाधार, चकपुरवा निवासी वीरेंद्र उर्फ चिंटू, सुभाष, अनूप उर्फ कल्लू, भूरे व राजेंद्र प्रसाद और नयापुरवा निवासी सुशील कुमार शामिल हैं।
विज्ञापन
पिछले साल बाढ़ में ग्राम पंचायत करसौर के गांव नयापुरवा, चकपुरवा, गदियाना सहित कई गांवों के निवासी अब दुधारू पशु पालकर दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बृहस्पतिवार को सभी दूध लेकर बेलहा सिकटिहा घाट आ रहे थे, तभी नाव डूब गई।
-- --
पीड़ितों ने बताई हादसे की कहानी
हादसे में बचे राजेंद्र ने बताया कि नाव में एक बाइक और दूध के 10 डिब्बे भी रखे थे। बीच धारा में पहुंचते ही नाव अचानक नीचे बैठने लगी। सभी जान बचाने के लिए हाथ-पांव मारने लगे। पांच लोग जिधर से नाव आई थी, उधर तैर गए।
राजेंद्र के मुताबिक, वह और सुशील एक-दूसरे से लिपटकर तैरते हुए घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर रुरासुल्तानपुर के पास बीरबाबा स्थान पर किनारे पहुंचे। लापता कल्लू की बचाओ-बचाओ की आवाज काफी देर तक सुनाई देती रही। कल्लू और सोनू नदी की धारा में बह गए।
ग्राम प्रधान भगौती यादव ने बताया कि नाव की क्षमता 25-30 लोगों की थी, जबकि बृहस्पतिवार को नौ लोग ही सवार थे। सूचना पर एसडीएम युगांतर त्रिपाठी, तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, भीरा थाना प्रभारी अमित पांडे और फूलबेहड़ थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पहुंचे। रात में स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
शुक्रवार सुबह एनडीआरएफ इंस्पेक्टर सभाजीत यादव के नेतृत्व में टीम ने स्टीमर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान जारी है।
-- -- -- -- -- -- --
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे जनप्रतिनिधि
बृहस्पतिवार देर शाम विधायक अमन गिरि ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को राहत एवं खोज अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। शुक्रवार सुबह पूर्व विधायक विनय तिवारी ने घटनास्थल पर एनडीआरएफ अधिकारियों से बातचीत कर लापता लोगों की जल्द तलाश का आग्रह किया। दोपहर में भाजपा नेता विपिन कुमार मिश्र ने पीड़ित परिवारों से मिलकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इस मौके पर एनडीआरएफ इंस्पेक्टर सभाजीत यादव, फूलबेहड़ एसओ संतोष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार भानुप्रताप सिंह, कानूनगो केके सिंह, ग्राम प्रशासक भगौती यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि सुबह चार बजे से एनडीआरएफ की टीम लगातार सर्च कर रही है। उजाला रहने तक अभियान जारी रहेगा और शनिवार को भी तलाश की जाएगी। नायब तहसीलदार भानू प्रताप सिंह, कानूनगो केके सिंह सहित चार लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे शारदा नदी के उस पार से दूध लेकर लौट रहे दूधियों की नाव बेलहा सिकटिहा घाट पर बीच धारा में पलट गई थी। नाव में सवार नौ लोगों में सात ने तैरकर जान बचाई, जबकि कल्लू पुत्र रऊफ निवासी गंगाबेहड़ और सोनू पुत्र बिजेंद्र निवासी चकपुरवा तेज बहाव में लापता हो गए।
विज्ञापन
सुरक्षित निकले लोगों में बेलहा सिकटिहा निवासी रामाधार, चकपुरवा निवासी वीरेंद्र उर्फ चिंटू, सुभाष, अनूप उर्फ कल्लू, भूरे व राजेंद्र प्रसाद और नयापुरवा निवासी सुशील कुमार शामिल हैं।
विज्ञापन
पिछले साल बाढ़ में ग्राम पंचायत करसौर के गांव नयापुरवा, चकपुरवा, गदियाना सहित कई गांवों के निवासी अब दुधारू पशु पालकर दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बृहस्पतिवार को सभी दूध लेकर बेलहा सिकटिहा घाट आ रहे थे, तभी नाव डूब गई।
पीड़ितों ने बताई हादसे की कहानी
हादसे में बचे राजेंद्र ने बताया कि नाव में एक बाइक और दूध के 10 डिब्बे भी रखे थे। बीच धारा में पहुंचते ही नाव अचानक नीचे बैठने लगी। सभी जान बचाने के लिए हाथ-पांव मारने लगे। पांच लोग जिधर से नाव आई थी, उधर तैर गए।
राजेंद्र के मुताबिक, वह और सुशील एक-दूसरे से लिपटकर तैरते हुए घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर रुरासुल्तानपुर के पास बीरबाबा स्थान पर किनारे पहुंचे। लापता कल्लू की बचाओ-बचाओ की आवाज काफी देर तक सुनाई देती रही। कल्लू और सोनू नदी की धारा में बह गए।
ग्राम प्रधान भगौती यादव ने बताया कि नाव की क्षमता 25-30 लोगों की थी, जबकि बृहस्पतिवार को नौ लोग ही सवार थे। सूचना पर एसडीएम युगांतर त्रिपाठी, तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, भीरा थाना प्रभारी अमित पांडे और फूलबेहड़ थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पहुंचे। रात में स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
शुक्रवार सुबह एनडीआरएफ इंस्पेक्टर सभाजीत यादव के नेतृत्व में टीम ने स्टीमर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान जारी है।
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे जनप्रतिनिधि
बृहस्पतिवार देर शाम विधायक अमन गिरि ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को राहत एवं खोज अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। शुक्रवार सुबह पूर्व विधायक विनय तिवारी ने घटनास्थल पर एनडीआरएफ अधिकारियों से बातचीत कर लापता लोगों की जल्द तलाश का आग्रह किया। दोपहर में भाजपा नेता विपिन कुमार मिश्र ने पीड़ित परिवारों से मिलकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इस मौके पर एनडीआरएफ इंस्पेक्टर सभाजीत यादव, फूलबेहड़ एसओ संतोष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार भानुप्रताप सिंह, कानूनगो केके सिंह, ग्राम प्रशासक भगौती यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि सुबह चार बजे से एनडीआरएफ की टीम लगातार सर्च कर रही है। उजाला रहने तक अभियान जारी रहेगा और शनिवार को भी तलाश की जाएगी। नायब तहसीलदार भानू प्रताप सिंह, कानूनगो केके सिंह सहित चार लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है।