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Lakhimpur Kheri News: औरंगाबाद पीएचसी पर मरीजों को पांच की जगह दो दिन की दी जा रही दवा
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:26 PM IST
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मरीजों की ओपीडी करते फार्मासिस्ट रितेश कुमार मिश्रा। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र औरंगाबाद में मरीजों को महज दो दिन की दवा दी जा रही है, जबकि अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच दिन की दवा देने का प्रावधान है। इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
रविवार को जन आरोग्य मेला के दौरान की गई पड़ताल में यह स्थिति सामने आई। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें सिर्फ दो दिन की ही दवा दी गई। जब उन्होंने पांच दिन की दवा मांगी तो स्टाफ ने साफ कह दिया कि यहां दो दिन की ही दवा मिलती है।
पड़ताल के दौरान एक और बड़ी कमी सामने आई। केंद्र पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे। ऐसे में फार्मासिस्ट रितेश कुमार मिश्रा ने ओपीडी संभाली, जबकि वार्ड बाॅय मरीजों को दवाएं वितरित कर रहे थे।
हालांकि पसगवां सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि डॉक्टर के अवकाश पर होने के कारण वह स्वयं औरंगाबाद पीएचसी पहुंचे और ओपीडी की। उन्होंने दो दिन की दवा देने के मामले में कहा कि निर्देश पांच दिन की दवा देने के हैं। संभव है कि किसी मरीज को जांच के कारण कम दवा दी गई हो। स्टाफ को पांच दिन की दवा देने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि जिले में दवाओं की कोई कमी नहीं है और सभी मरीजों को पांच दिन की दवा देने के निर्देश हैं। अगर कहीं दो दिन की दवा दी जा रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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कमर दर्द सहित कई समस्याओं के लिए पीएससी पर दवा लेने गए थे। दो दिन की दवाई दी गई। दवाएं और मांगी तो स्टाफ ने कहा यहां 2 दिन की ही दवाई मिलती हैं।
-राजिंद्र उर्फ छेदीलाल
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पांच महीनों से टीबी का इलाज चल रहा है। हर बार 15 दिन की दवाई दी जाती है, लेकिन रविवार को 7 दिन की दवाई दी गई। स्टाफ ने कहा कि अभी दवाई कम हैं।
-राजाराम, पिसावां
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रविवार को जन आरोग्य मेला के दौरान की गई पड़ताल में यह स्थिति सामने आई। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें सिर्फ दो दिन की ही दवा दी गई। जब उन्होंने पांच दिन की दवा मांगी तो स्टाफ ने साफ कह दिया कि यहां दो दिन की ही दवा मिलती है।
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पड़ताल के दौरान एक और बड़ी कमी सामने आई। केंद्र पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे। ऐसे में फार्मासिस्ट रितेश कुमार मिश्रा ने ओपीडी संभाली, जबकि वार्ड बाॅय मरीजों को दवाएं वितरित कर रहे थे।
हालांकि पसगवां सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि डॉक्टर के अवकाश पर होने के कारण वह स्वयं औरंगाबाद पीएचसी पहुंचे और ओपीडी की। उन्होंने दो दिन की दवा देने के मामले में कहा कि निर्देश पांच दिन की दवा देने के हैं। संभव है कि किसी मरीज को जांच के कारण कम दवा दी गई हो। स्टाफ को पांच दिन की दवा देने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि जिले में दवाओं की कोई कमी नहीं है और सभी मरीजों को पांच दिन की दवा देने के निर्देश हैं। अगर कहीं दो दिन की दवा दी जा रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
कमर दर्द सहित कई समस्याओं के लिए पीएससी पर दवा लेने गए थे। दो दिन की दवाई दी गई। दवाएं और मांगी तो स्टाफ ने कहा यहां 2 दिन की ही दवाई मिलती हैं।
-राजिंद्र उर्फ छेदीलाल
पांच महीनों से टीबी का इलाज चल रहा है। हर बार 15 दिन की दवाई दी जाती है, लेकिन रविवार को 7 दिन की दवाई दी गई। स्टाफ ने कहा कि अभी दवाई कम हैं।
-राजाराम, पिसावां