{"_id":"6997511c8ab5650ca2040758","slug":"those-responsible-turned-a-blind-eye-to-the-dangerous-pits-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1010-168717-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: खतरे के गड्ढों से जिम्मेदारों ने आंखें फेरीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: खतरे के गड्ढों से जिम्मेदारों ने आंखें फेरीं
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
खीरी रोड वन विभाग कार्यालय के पास सड़क पर भरा पानी। संवाद
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। शहर में सड़कों के किनारे गहरे गड्ढे, खुले नाले और असुरक्षित तालाब लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। नोएडा में हुए हादसे के एक माह बाद भी स्थानीय स्तर पर ऐसे संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए हैं। पक्की नहर के दोनों ओर सड़क होने के बावजूद अधिकतर जगहों पर न रेलिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड। ट्रैफिक दबाव के चलते आए दिन दोपहिया और ई-रिक्शा सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
खीरी रोड पर वन विभाग कार्यालय के बाहर करीब चार फीट चौड़ा नाला खुला है। इन दिनों नाले का पानी सड़क तक भरा होने से सड़क और नाले की सीमा स्पष्ट नहीं दिखती। पास में बिजली के खंभे होने से हादसे की आशंका और बढ़ गई है।
आवास विकास क्षेत्र के पास सड़क से सटा गहरा तालाब है, लेकिन वहां कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा नहीं है। डीसी रोड पर पुलिस लाइन की ओर चार फीट गहरा नाला खुला पड़ा है, जहां अक्सर बाइक सवार गिरते हैं। पुलिस क्लब के सामने नाले की पटरी टूटी होने से खतरा और बढ़ गया है। महेवागंज से पहले उल्ल नदी पुल के पास भी गहरी खाई बनी हुई है।
हाईवे किनारे तालाब भी है खतरनाक
मैगलगंज क्षेत्र में हाईवे किनारे कई तालाब हैं, जहां ट्रक पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं। 28 अप्रैल और 16 सितंबर को दो ट्रक तालाब में पलट गए थे। हालांकि, जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एनएचआईटी मैनेजर ब्रजेश कुमार ने बताया कि रोड ऑफ वे की सीमा तक संकेतक लगाए गए हैं, ग्राम समाज के तालाब उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
साइन बोर्ड उखड़ा, तीखे मोड़ पर चेतावनी नहीं
निघासन में पालिया हाईवे पर बम्हनपुर के पास साइन बोर्ड उखड़ा पड़ा है। छह माह पहले बारात की गाड़ी टकराने से नवदंपत्ति घायल हो गए थे, लेकिन अब तक बोर्ड नहीं हटाया गया। वहीं श्रीराम जायसवाल ईंट भट्ठा के पास तीखे मोड़ पर भी संकेतक न होने से खतरा बना हुआ है।
-- -- -- -- -- --
जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा इंतजाम कराने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर व्यवस्थाएं जांची जाएंगी। लापरवाही मिलने पर संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम
Trending Videos
खीरी रोड पर वन विभाग कार्यालय के बाहर करीब चार फीट चौड़ा नाला खुला है। इन दिनों नाले का पानी सड़क तक भरा होने से सड़क और नाले की सीमा स्पष्ट नहीं दिखती। पास में बिजली के खंभे होने से हादसे की आशंका और बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आवास विकास क्षेत्र के पास सड़क से सटा गहरा तालाब है, लेकिन वहां कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा नहीं है। डीसी रोड पर पुलिस लाइन की ओर चार फीट गहरा नाला खुला पड़ा है, जहां अक्सर बाइक सवार गिरते हैं। पुलिस क्लब के सामने नाले की पटरी टूटी होने से खतरा और बढ़ गया है। महेवागंज से पहले उल्ल नदी पुल के पास भी गहरी खाई बनी हुई है।
हाईवे किनारे तालाब भी है खतरनाक
मैगलगंज क्षेत्र में हाईवे किनारे कई तालाब हैं, जहां ट्रक पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं। 28 अप्रैल और 16 सितंबर को दो ट्रक तालाब में पलट गए थे। हालांकि, जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एनएचआईटी मैनेजर ब्रजेश कुमार ने बताया कि रोड ऑफ वे की सीमा तक संकेतक लगाए गए हैं, ग्राम समाज के तालाब उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
साइन बोर्ड उखड़ा, तीखे मोड़ पर चेतावनी नहीं
निघासन में पालिया हाईवे पर बम्हनपुर के पास साइन बोर्ड उखड़ा पड़ा है। छह माह पहले बारात की गाड़ी टकराने से नवदंपत्ति घायल हो गए थे, लेकिन अब तक बोर्ड नहीं हटाया गया। वहीं श्रीराम जायसवाल ईंट भट्ठा के पास तीखे मोड़ पर भी संकेतक न होने से खतरा बना हुआ है।
जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा इंतजाम कराने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर व्यवस्थाएं जांची जाएंगी। लापरवाही मिलने पर संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम

खीरी रोड वन विभाग कार्यालय के पास सड़क पर भरा पानी। संवाद